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शौर्य पथ: भारत पहली बार तैनात कइहिस 12 परमाणु आयुध, चीन अउर पाकिस्तान कय हर दुस्साहसी हरकत कय मिली करारा जवाब

दुनिया कय सामरिक नक्शा पै भारत एक बार फेर अइसन कदम उठाय अहै, जवन बीजिंग से लइकय इस्लामाबाद तक खलबली मचाय दिहिस अहै। वैश्विक सामरिक अध्ययन संस्थान सिपरी (SIPRI) कय नई रिपोर्ट ई साफ कइ दिहिस अहै कि अब भारत निर्णायक प्रतिरोध क्षमता वाले महाशक्ति कय रूप में उभर चुका अहै। भारत पहली बार शांतिकाल में अपने 12 परमाणु आयुध (Nuclear Warheads) सक्रिय तैनाती में रखल अहै। अगर देखल जाय तव ई खाली संख्या कय मामला नाहीं, बल्कि भारत कय बदलत रणनीतिक सोच, समुद्री शक्ति अउर राष्ट्रीय सुरक्षा नीति कय प्रदर्शन अहै।

रिपोर्ट कय अनुसार भारत कय पास अब कुल एक सौ नब्बे परमाणु आयुध अहैं, जवने में बारह सक्रिय तैनाती में मानल गय अहैं। अब तक ई मानल जात रहा कि भारत अपने परमाणु आयुध अउर मिसाइलन कय अलग राखत अहै, लेकिन अब भारत ई साफ संकेत दइ दिहिस अहै कि दुश्मन कय कवनो भी दुस्साहसी हरकत कय जवाब तुरंत अउर विनाशकारी होइ। ई बदलाव उ समय सामने आवा अहै जब चीन तेजी से अपने परमाणु जखीरा कय विस्तार करत अहै अउर पाकिस्तान लगातार परमाणु धमकी कय राजनीति करत रहा अहै।

भारत कय ई नई रणनीतिक स्थिति कय सबसे महत्वपूर्ण आधार ओकर समुद्री प्रतिरोध क्षमता अहै। भारतीय नौसेना कय परमाणु शक्ति से चलय वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी कय बेड़ा अब उ ताकत हासिल कइ लिहिस अहै, जवने का दुनिया कय सबसे सुरक्षित अउर सबसे घातक प्रतिशोध क्षमता मानल जात अहै। अगस्त 2024 के बाद से भारत आईएनएस अरिघात अउर आईएनएस अरिदमन जइसन परमाणु पनडुब्बीन का पूरी तरह सक्रिय कइ दिहिस अहै। ई पनडुब्बी महीना भर समुद्र कय गहराई में छिपकय दुश्मन पै नजर राखि सकत अहैं अउर जरूरत पड़य तव अइसन प्रहार कइ सकत अहैं, जवने से शत्रु कय अस्तित्व कांप उठै।

यही उ शक्ति अहै जवने का सामरिक भाषा में विश्वसनीय द्वितीय प्रहार क्षमता (Second Strike Capability) कहत अहैं। यानी अगर भारत पै कवनो परमाणु हमला करय कय भूल करत अहै, तव जवाब इतना भयंकर होइ कि दुश्मन कय आवे वाली पीढ़ियन भी ओका याद रखिहें। ई भारत कय शांति नीति कय सबसे मजबूत कवच अहै। भारत आज भी ‘पहले परमाणु हमला न करय’ कय नीति पै कायम अहै, लेकिन एकर मतलब कमजोरी नाहीं, बल्कि नियंत्रित अउर जिम्मेदार शक्ति प्रदर्शन अहै।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कय नेतृत्व में भारत कय राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पिछिल कुछ बरिसन में अभूतपूर्व बदलाव देखल अहै। पहिले भारत खाली सीमा सुरक्षा तक सीमित सोच राखत रहा, लेकिन अब रणनीति कय दायरा हिंद महासागर से लइकय हिंद-प्रशांत तक फैल चुका अहै। मोदी सरकार ई साफ कइ दिहिस अहै कि नया भारत खाली अपने सीमांत कय रक्षा नाहीं करि, बल्कि दुश्मन कय हर सामरिक षड्यंत्र का ओकर जड़ में जायके कुचल दी।

चीन कय खातिर ई संकेत कवनो चेतावनी से कम नाहीं अहै। रिपोर्ट में बतावा गय अहै कि चीन कय पास अब छह सौ बीस परमाणु आयुध अहैं अउर उ दुनिया में सबसे तेजी से अपने परमाणु भंडार बढ़ावत अहै। उत्तरी चीन में विशाल मिसाइल ठिकाना कय निर्माण अउर नया परमाणु तंत्र कय प्रदर्शन ई देखात अहै कि बीजिंग भविष्य कय शक्ति संतुलन का अपने पक्ष में मोड़य चाहत अहै। लेकिन चीन का ई समझ लेब चाही कि आज कय भारत 1962 वाला भारत नाहीं अहै। अब भारतीय सेना, नौसेना अउर वायुसेना आधुनिक तकनीक, तेज निर्णय क्षमता अउर घातक जवाबी ताकत से लैस अहैं।

पाकिस्तान कय खातिर ई स्थिति अउर भी गंभीर अहै। इस्लामाबाद बरिसन से परमाणु ब्लैकमेल कय राजनीति करत आया अहै। आतंकवाद का संरक्षण देब अउर परमाणु धमकी कय आड़ में दुनिया का डरावय कय ओकर खेल अब जियादा दिन चलय वाला नाहीं। भारत सर्जिकल स्ट्राइक, एअर स्ट्राइक अउर ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब सामरिक स्तर पै भी ई संदेश दइ दिहिस अहै कि अगर पाकिस्तान कवनो दुस्साहस करिस, तव जवाब ओकर कल्पना से भी जियादा कठोर होइ।

ग्लोबल स्तर पै परमाणु हथियारन कय नई होड़ चिंता बढ़ावत अहै। दुनिया में कुल बारह हजार से जियादा परमाणु आयुध मौजूद अहैं। रूस अउर अमेरिका आज भी सबसे बड़े परमाणु शक्ति केंद्र बनल अहैं। लेकिन सबसे बड़ी चिंता ई अहै कि परमाणु नियंत्रण व्यवस्था लगातार कमजोर पड़त अहै। अइसन समय में भारत कय उभरब खाली सैन्य शक्ति कय विस्तार नाहीं, बल्कि वैश्विक संतुलन कय जरूरत भी अहै। भारत एक जिम्मेदार लोकतांत्रिक शक्ति अहै, जवन आक्रामक विस्तारवाद नाहीं बल्कि स्थिरता अउर संतुलन कय पक्षधर अहै।

हम आप का बताइ देईं कि मोदी सरकार रक्षा उत्पादन, मिसाइल तकनीक, अंतरिक्ष निगरानी अउर समुद्री सुरक्षा कय क्षेत्र में जवने तेजी से काम कइ अहै, ओसे भारत नई सामरिक ऊंचाई पै पहुँचि गवा अहै। आज भारत खाली युद्ध कय तैयारी नाहीं करत, बल्कि दुश्मन का युद्ध शुरू करय से पहिले सौ बार सोचय पै मजबूर करत अहै। बीजिंग अउर इस्लामाबाद का ई समझ लेब चाही कि भारत अब हर मोर्चे पै तैयार खड़ा अहै। अगर चीन विस्तारवाद से बाज नाहीं आवा अउर अगर पाकिस्तान आतंकवाद कय फैक्टरी बंद नाहीं करत, तव नया भारत खाली चेतावनी देकय नाहीं रुकई। भारत कय शक्ति अब समुद्र कय गहराई में भी अहै अउर आकाश कय ऊँचाई में भी। ई वही भारत अहै जवन शांति चाहत अहै, लेकिन अगर युद्ध थोपा गवा तव इतिहास कय सबसे करारा जवाब देवय कय क्षमता भी राखत अहै। – नीरज कुमार दुबे

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