
हर साल कार्तिक मास कै कृष्ण पक्ष कै चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ (Karwa Chauth 2026) कै बरत कीन जाला। इ दिन सुहागिन मेहरतारिन कै चंद्र दरसन कै बहुत इंतजार रहला। इ बरत कै समापन चंद्रमा का अरघ दै के बाद होत अहै। धार्मिक मान्यता बा कि इ बरत का सुहागिन मेहरतारिन अखंड सौभाग्य अउर पति कै लंबी आयु बर करती हैं। कई बेर अइसे देखै का मिलला कि करवा चौथ पर मौसम खराब होए कै वजह से चांद समय पर नाई दिखाई देत अहै, जवने कै मारे बरत करै वाली मेहरतारिन परेशान होय लागती हैं कि ऊ चंद्रमा कै दरसन कीन्हे बिना कैसे अरघ दें अउर बरत कैसे खोलैं।
ज्योतिष अउर धरम शास्त्रन के अनुसार, यदि करवा चौथ कै दिन चंद्रमा नाई दिखाई दे तौ विशेष नियम कै अनुसार बरत का खोलै जाला। अइसे मां आवा इ आर्टिकल मां राउर का विस्तार से बताईं कि चंद्रमा नाई दिखाई देय पर बरत कैसे खोला जाय।
चंद्रमा दिखाई नाई देय पर का करीं?
अगर करवा चौथ कै दिन चंद्रमा नाई दिखाई देत अहै, तौ अइसे मां पंचांग या कैलेंडर मां आपन शहर मां चांद निकलै कै सटीक समय देखैं। ओहि समय पर जौन दिशा से चंद्र देव उदय होत हैं, ओहि दिशा कै तरफ मुख कइके चंद्र देव का स्मरण करें अउर ओहि दिशा मां अरघ देके आपन बरत खोल लें।
अरघ कै दौरान भूलिकैओ नाई करीं इ गलतियां
करवा चौथ कै दिन अरघ कै समय भूलिकैओ काला रंग कै कपड़ा नाई पहिरैं। अइसे मानै जाला कि काला रंग नकारात्मक ऊर्जा का आकर्षित करत अहै। इ दिन लाल रंग कै कपड़ा पहिरब शुभ मानै जाला। अरघ कै दौरान कवनो के बारे मां गलत नाई सोचैं। अइसे करै से बरत कै पूर्ण फल नाई प्राप्त होत अहै। एकर अलावा अरघ दै से पहिले कवनो चीज कै सेवन नाई करें। इ तरह कै गलती करै से बरत टूट सकत अहै।
करवा चौथ 2026 डेट अउर शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास कै कृष्ण पक्ष कै चतुर्थी तिथि कै शुरुआत 29 अक्टूबर का रात 01 बजकै 06 मिनट से होइ। वहीं, इ मास कै समापन 29 अक्टूबर का रात 10 बजकै 09 मिनट पर होइ। उदया तिथि के अनुसार, इ बेर करवा चौथ बरत 29 अक्टूबर का कीन जाइ।
पूजा कै शुभ मुहूर्त: संझा 05 बजकै 54 मिनट से संझा 07 बजकै 10 मिनट तक
करवा चौथ कै दिन चंद्रोदय: रात 08 बजकै 39 मिनट पर



