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Admiral Krishna Swaminathan बनलन नया नौसेना प्रमुख, कहलन- चुनौती के बीच नौसेना क तैयार राखब प्राथमिकता

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने इतवार के दिन देश के 27वें नौसेना प्रमुख के तौर पर अपना पदभार संभाल लीन। कमान संभालते ही उन्हाने साफ कर दिहीन कि सुरक्षा के इ चुनौतीपूर्ण माहौल में नौसेना क पूरी तरह से तैयार राखब और नई तकनीक क अपनावब उनकर सबसे बड़ प्राथमिकता होइ। उन्हाने इ जिम्मेदारी के खातिर देश के शीर्ष नेतृत्व क आभार जतैलन और एकरा क अपने करियर क सबसे बड़ सम्मान बतावलन।

सुरक्षा क माहौल बहुत चुनौतीपूर्ण
मीडिया से बात करत भये नया नौसेना प्रमुख कहलन, “हम आज बहुत ही जिम्मेदारी, गर्व और आभार क भावना के साथ इ कमान संभालत अही। भारतीय नौसेना देश के हित के रक्षा खातिर हर जगह पूरी तरह अलर्ट अहै। आज के समय में हमार आस-पास सुरक्षा क माहौल लगातार चुनौतीपूर्ण, जटिल और अनिश्चित बना अहै, अइसन में हमार सक्रियता बहुत जरूरी अहै।”

आधुनिकीकरण और तैयारी पर पूरा जोर
समुद्री खतरा से निपटे के अपने प्लान पर बात करत उन्हाने कहलन कि देश के आर्थिक और सुरक्षा हित के रक्षा करब सबसे ऊपर अहै। एडमिरल स्वामीनाथन कहलन, “हमका सबसे बड़ काम इ पक्का करब होइ कि भारतीय नौसेना युद्ध और ऑपरेशन खातिर हमेशा उच्चतम स्तर पर तैयार रहे। नौसेना अपनी ताकत बढ़ावे और आधुनिक बने के राह पर आगे बढ़त अहै। हमार प्रयास होइ कि हम इ रफ्तार क बनाए रखीं और नई तकनीकि क जल्द से जल्द नौसेना में शामिल करीं।”

आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण मुख्य लक्ष्य
नौसेना प्रमुख साफ कर दिहीन कि देश में बनल हथियार और उपकरण क बढ़ावा देब उनकर कार्यकाल क मुख्य लक्ष्य होइ। उन्हाने आगे कहलन, “भारतीय नौसेना जॉइंटनेस, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण के प्रति पूरी तरह से समर्पित अहै। इ दिशा में हम तेजी से काम करब।”

निवर्तमान प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी क जतैलन आभार
एडमिरल स्वामीनाथन पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी के शानदार सेवा खातिर पूरी नौसेना के तरफ से उनकर धन्यवाद कईलन। उन्हाने कहलन कि एडमिरल त्रिपाठी बहुत सफलतापूर्वक हमार नेतृत्व कईलन हय। नया प्रमुख भरोसा दिआइलन कि ऊ अपने जीवन क हर दिन नौसेना क अउर बेहतर, मजबूत और असरदार बनावे में लगा देइहें।

संकट के समय हमेशा आगे रही नौसेना
कमान सौंपे के बाद पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी संतोष जतवत कहलन कि संकट के समय नौसेना हमेशा अपनी ताकत साबित कईलस हय। उन्हाने कहलन, “जब भी देश क जरूरत पड़ल, नौसेना अपना फर्ज निभाइलस। पश्चिम एशिया के संकट के बीच ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ एकर बड़ उदाहरण अहै। हम साबित कईले अही कि हम भारत के समुद्री हित के रक्षा खातिर कउनो भी समय और कहीं भी तैयार अही।” उन्हाने पूरा भरोसा जतैलन कि एडमिरल स्वामीनाथन के नेतृत्व में भारतीय नौसेना नई ऊंचाइयों क छुई।

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