
एयर इंडिया कै फ़्लाइट AI 171 कै त्रासदी कै एक साल बाद, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू कहिन कि जांच अपने आखिरी चरण मा अहै। उहय जोर दइके कहिन कि अधिकारी इस प्रक्रिया मा जल्दबाज़ी नाइ करिहें और अंतिम रिपोर्ट जारी करय से पहिले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानय जाय वाले नियमन कै पालन करय जारी रखिहें। मंत्री कहिन कि यह जांच एक गंभीर प्रक्रिया अहै जउन तय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय नियमन कै भीतर की जा रही अहै। नायडू कहिन कि जांच कै एक प्रक्रिया होति अहै जउन पूरी तरह से प्रोटोकॉल पर आधारित अहै। जांच प्रक्रिया कै आधार अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल अहै। इसे बहुत गंभीर जांच बतावत उहय कहिन कि अधिकारी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करय खतिव प्रतिबद्ध अहैं। उहय कहिन कि वे इसे जल्द से जल्द करय कै कोसिस करय अहैं। लेकिन हम प्रक्रिया कै छोड़ नाइ सकित अहैं और इसमें जल्दबाजी नाइ कर सकित। हम पूरी तरह से प्रक्रिया कै पालन करय अहैं। मोर मानना अहै कि वे अंतिम चरण मा अहैं, तइसलिये हमें जल्द से जल्द अंतिम रिपोर्ट मिल जइहै।
हादसे कै एक साल पूरा होय पर नायडू उन लोगन का याद करिन जिनकी जान चली गई रही और उनके परिवारन के प्रति संवेदना व्यक्त करिन। उहय कहिन कि आज, जब हम दुखद एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे कै पहली बरसी मनाय अहैं, तौ हम गहरे दुख के साथ उन लोगन का याद करत अहैं जिनकी जान चली गई और उनके परिवारन व प्रियजन के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करत अहैं।
मंत्री कहिन कि जांचकर्ता तय प्रक्रियान के अनुसार पूरी लगन और पेशेवर तरीके से काम करत अहैं। उहय आगे कहिन कि हम दुर्घटना कै कारणन कै बारीकी और निष्पक्षता से पता लगाय और एविएशन सुरक्षा का और बेहतर बनाय खतिव प्रतिबद्ध अहैं।
एयर इंडिया सुरक्षा व्यवस्था मा करे गए बदलावन की जानकारी दीहिन
जांच जारी रहय के बीच, एयर इंडिया पिछले एक साल मा सुरक्षा मानकन का मजबूत करय, विमानन की विश्वसनीयता बढ़ाय और कर्मचारीन की भलाई खतिव उठाए गए कई आंतरिक कदमन की जानकारी दइ अहै। एक आंतरिक दस्तावेज़ के अनुसार, AI 171 हादसे के बाद एयरलाइन “सेफ्टी पॉज़” (सुरक्षा खतिव कामकाज रोकय) लीहिन और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन की देखरेख मा अपने बोइंग 787-8 और बोइंग 787-9 विमानन की विस्तृत जांच कीन्हिन। जांच मा कउनौ समस्या नाइ पाई गई। एयरलाइन बोइंग 737 और बोइंग 787-8 विमानन कै फ्यूल कंट्रोल स्विच मैकेनिज्म की भी जांच कीन्हिन, जिसमें कउनौ गड़बड़ी नाइ मिली। एयर इंडिया कहिन कि इस प्रक्रिया के दौरान मिलल अतिरिक्त ग्राउंड टाइम के कारण विमानन की विश्वसनीयता बढ़ाय और देरी व ऑपरेशनल रुकावटन का कम करय के मकसद से अपग्रेड कै काम तेज़ी से कीन जा सका।
बेड़े की भरोसेमंदता पर ध्यान
एयरलाइन कहिन अहै कि उहय अपने वाइड-बॉडी बेड़े, खासकर बोइंग 787 और बोइंग 777 विमानन कै ऑपरेशनल परफॉर्मेंस का बेहतर बनाय की कोसिस तेज कइ दिहिन अहै। डॉक्यूमेंट के अनुसार, पिछले साल बोइंग 787 बेड़े खतिव भरोसेमंदता प्रोग्राम्स पर काफी प्रगति भई अहै। शुरुआती प्रोग्राम्स के लागू होय कै स्तर लगभग 75 प्रतिशत से बढ़कर 87 प्रतिशत होइ गवा, जबकि भरोसेमंदता से जुड़ल पहलन की संख्या 36 से बढ़कर 45 होइ गई। इसी दौरान, कुल पूरा होय कै स्तर 48 प्रतिशत से बढ़कर 65 प्रतिशत होइ गवा। एयर इंडिया कहिन कि इन उपायन कै मकसद पूरे बेड़े मा ज़्यादा एकरूपता, दक्षता और लम्बय समय तक चलय वाले ऑपरेशनल सुधार लान अहै।