
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार का भारत कय सब भूमि बंदरगाहों (Land Ports) कय संचालन का आधुनिक बनावे अउर सुव्यवस्थित करय कय मकसद से ‘विनिमय’ (LPMS) डिजिटल प्लेटफॉर्म कय उद्घाटन करिन। LPMS कय जरिया सीमा शुल्क, आव्रजन प्राधिकरण, सीमा सुरक्षा बल अउर भूमि बंदरगाह संचालन मा लाग अउर एजेंसी सबके बीच में बढ़िया तालमेल बन पावत अहै।
उद्घाटन समारोह मा बोलत अमित शाह कहिन कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कय दूरदृष्टि भूमि बंदरगाहों कय कायापलट कय दय अहै। ई अब सीमा सुरक्षा कय पहिली पंक्ति बन गए अहैं अउर साथ ही सुगम अउर सुरक्षित व्यापार कय गारंटी भी देत अहैं।
भूमि बंदरगाह प्राधिकरण कय विचार मुख्य रूप से सुरक्षा कय चिंता से भवा रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कय सोच इसे सुरक्षा कय पहिली ढाल बनाय दय अहै, अउर व्यापार का अउर सुरक्षित अउर आसान बनावे मा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभय अहै। ऊ कहिन, “इ दूरदृष्टि मा एक नवा आयाम जुड़ि गवा है कि भूमि बंदरगाह दुनों देश कय लोगन के बीच संपर्क कय सेतु कइसे बन सकत अहैं।”
सुरक्षा, व्यापार अउर सीमा प्रबंधन पर भूमि बंदरगाहों कय असर कय बात करत केंद्रीय गृह मंत्री कहिन कि इन सुविधवन अवैध व्यापार अउर प्रवासन कय समस्या सुलझावे मा भी बड़का काम करिन अहैं। आज, पूरा अध्ययन के बाद, हम कहि सकित हन कि भूमि बंदरगाहों कय तेज विकास से न केवल व्यापार बढ़ा अहै, न केवल सुरक्षा पक्की भई अहै, बल्कि अवैध व्यापार का वैध व्यापार मा बदले कय कोसिस भी भवा अहै।
सीमावर्ती क्षेत्रन कय विकास कय नजरिया से, जहाँ प्रवासन सबसे बड़की समस्या रही, वहां भूमि बंदरगाह इ समस्या का सुलझावे मा भी बड़ा योगदान दीन अहै। LPMS कय शुरुआत भारत कय आधुनिक, तकनीक-सक्षम स्मार्ट सीमा प्रबंधन प्रणाली कय ओर एक ऐतिहासिक कदम होई, जवन व्यापार मा आसानी, संपर्क अउर राष्ट्रीय सुरक्षा का मजबुत करई अउर 2047 तक ‘विकसित भारत’ कय लक्ष्य पर देस कय ध्यान का दिखावत अहै।
इ प्रणाली कार्गो अउर यात्री प्रोसेसिंग खातिर पूरा डिजिटल कामकाज पेश करत अहै, जवने मा स्लॉट बुकिंग, पेमेंट, ट्रैकिंग अउर सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सामिल अहै। विज्ञप्ति मा कहल गवा है कि ICEGATE, ULIP अउर मोटर वाहन जैसे मुख्य राष्ट्रीय प्लेटफॉर्मन के साथ पूरी तरह से जुड़ा LPMS, कुशल अउर पारदर्शी सीमा प्रबंधन का आसान बनाई।