
बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री, श्री नीतीश मिश्रा ने आज आरोप और निगरानी से जुड़ी एक समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में विभाग के अलग-अलग स्तरों पर अटके हुए मामलों, शिकायतों और निगरानी के प्रकरणों की बारीकी से जांच-पड़ताल की गई। मंत्री जी ने साफ तौर पर अधिकारियों को हिदायत दी है कि लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद के माननीय सदस्यों की ओर से जो भी शिकायतें अफसरों के खिलाफ आई हैं, उन्हें प्राथमिकता देकर फौरन निपटाया जाए।
श्री मिश्रा का कहना है कि जो मुद्दे हमारे जनप्रतिनिधि उठाते हैं, वे सीधे तौर पर जनता की उम्मीदों और उनकी दिक्कतों से जुड़े होते हैं। इसीलिए ऐसी शिकायतों को निपटाने में बेवजह की देरी अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया है कि शिकायतों के निपटारे के लिए एक साफ-सुथरी और असरदार SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार की जाए और उसका पालन पूरी ईमानदारी से हो, ताकि हर शिकायत का वक्त रहते और पारदर्शी तरीके से समाधान निकल सके।
मंत्री जी ने विभागीय अधिकारियों को सभी अटके हुए कामों की समीक्षा कर उन्हें जल्दी पूरा करने का हुक्म दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों और आरोपों की जांच ‘फास्ट ट्रैक मोड’ में होनी चाहिए, ताकि जो अधिकारी कसूरवार मिलें, उन पर फौरन नियम के मुताबिक कार्रवाई हो सके। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि विभाग में नियम के खिलाफ काम, भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
श्री मिश्रा ने यह भी जोर दिया कि शिकायतों की जांच निष्पक्ष, तथ्यों पर आधारित और पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां गलती साबित हो वहां कड़ी कार्रवाई जरूर करें, लेकिन अगर कोई शिकायत झूठी या बेबुनियाद हो तो उस पर भी गंभीरता से गौर किया जाए, ताकि जो अफसर अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभा रहे हैं, उनका मनोबल न टूटे। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को बढ़ावा देना भी सुशासन का एक अहम हिस्सा है।
मंत्री ने कहा कि सुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत बनाने के लिए शिकायतों का तुरंत हल होना बहुत जरूरी है। जनता का भरोसा कायम रखने के लिए काम के तौर-तरीकों में जवाबदेही, वक्त की पाबंदी और संवेदनशीलता लानी होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि शिकायत निवारण तंत्र को और ज्यादा असरदार बनाएं और जनता व जनप्रतिनिधियों की उम्मीदों पर खरा उतरने की हर मुमकिन कोशिश करें।
“पक्का घर, बेहतर जीवन”
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री, श्री नीतीश मिश्रा ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास (शहरी) योजना-2.0 के तहत राज्य की 200 लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) परियोजनाओं को बेहतर ढंग से चलाने के लिए (SNA SPARSH) के जरिए दूसरी किस्त के तौर पर 262.37 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दे दी गई है। इस मंजूरी से राज्य के हकदार लोगों को अपने घर बनाने में तेजी लाने में मदद मिलेगी और शहरी गरीब परिवारों को इज्जत से रहने के लिए घर मुहैया कराने के लक्ष्य को और ताकत मिलेगी।