
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कै वरिष्ठ नेता अउर महाराष्ट्र सरकार मां मंत्री गिरीश महाजन ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का “कवा दिन” करार देइके अउर सैन्य कार्रवाई मां मारे गए लोगन का “शहीद” बताइके बड़का विवाद खड़ा कइ दिहिन अहै। महाजन ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ कै तुलना स्वर्ण मंदिर पर अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली कै आक्रमण से करत भये तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कै आलोचना भी करिन।
कांग्रेस महाजन कै टिप्पणी पर कड़ा प्रतिक्रिया देत भये भाजपा पर पंजाब मां आगामी विधानसभा चुनाव से पहिले खालिस्तान कै मुद्दा का हवा देय कै आरोप लगावा अहै। वहीं, शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (शिवसेना-उबाठा) महाजन का मंत्री पद से हटाय कै मांग कीन्ह अहै।
महाजन पाछिल शनिवार का अमृतसर कै दमदमी टकसाल मुख्यालय मां आयोजित ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ कै बरसी मां हिस्सा लेय वाले कउनो राज्य सरकार कै पहिला प्रतिनिधि बनिन। समारोह का संबोधित करत भये उ कहिन, “हमरे ताईं ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ एक कवा दिन अहै। इमा हमरे भाई-बहिनी मारे गए।”
महाजन ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का सिख समुदाय कै पवित्र स्थल पर “सैन्य हमला” करार दिहिन। उ आरोप लगाइन कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सेना का जबरदस्ती पंजाब अउर पवित्र स्थल (स्वर्ण मंदिर) कै भीतर भेजिन रही। महाजन कहिन, “इ हमरे पवित्र स्थल पर एक सैन्य हमला रहा। इंदिरा जी जबरदस्ती उहिन (सेना का) पंजाब अउर हमरे पवित्र स्थल पर भेजिन रही।” उ सैन्य कार्रवाई कै तुलना स्वर्ण मंदिर पर अब्दाली कै आक्रमण से करिन अउर कहिन कि 1984 मां सिख तीर्थस्थल पर भये “सैन्य हमले” से समुदाय का बहुत गहरा दुख भवा रहा।
भाजपा नेता आरोप लगाइन कि ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के दौरान सिख भाई-बहिनी कै बेरहमी से हत्या भयी रही अउर एहके ताईं जिम्मेदार लोगन का कबहूँ सजा ना मिली। उ कहिन, “अइसन भीषण त्रासदी भयी। हम एका दुर्घटना ना कहब, बल्कि एक सोचि-समझि साजिश कहब, जवने मां हमरे कइयन भाई-बहिनी मारे गए। एहके बाद भी कउनो का सजा ना मिली।”
‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ सशस्त्र बलन कै ओर से एक से 10 जून 1984 कै बीच चलावा गया सैन्य अभियान रहा, जवने कै घोषित उद्देश्य दमदमी टकसाल कै नेता जरनैल सिंह भिंडरांवाले अउर अन्य उग्रवादीन का स्वर्ण मंदिर परिसर से हटाय रहा। इ अभियान के बाद पंजाब मां आतंकवाद कै शुरुआत भयी रही।
कांग्रेस महाजन कै टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देत भये भाजपा पर पंजाब मां चुनाव से पहिले खालिस्तान कै मुद्दा का हवा देय अउर चुनावी फायदा ताईं दोहरा मापदंड अपनाय कै आरोप लगावा अहै। वहीं, शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत कहिन कि महाजन का राज्य मंत्रिमंडल अउर भाजपा से बर्खास्त कय देय चाही।
महाराष्ट्र मां कांग्रेस विधायक दल कै नेता विजय वडेट्टीवार सैन्य कार्रवाई कै आदेश देय वाले इंदिरा गांधी कै फैसला कै समर्थन करत भये कहिन कि भारत का एकजुट राखय ताईं इ जरूरी रहा। वडेट्टीवार कहिन, “अगर इंदिरा जी कै कार्यकाल मां उ निर्णय ना लीन गा रहा, तौ शायद भारत दू हिस्सा मां बंट गा रहा अउर अविभाजित भारत कै अवधारणा ही ना बचती।” उ कहिन कि (‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ से जुड़े) फैसला का उ समय देश मां व्याप्त परिस्थिति कै संदर्भ मां देखा जाय चाही।
वडेट्टीवार कहिन, “लोग विषय का समझय बिना ही टिप्पणी करत अहैं। उ एहके बारे मां कछू ना जानत भये भी कछू बोलय चाहत अहैं।” उ कहिन कि तत्कालीन नेतृत्व व्यक्तिगत सुरक्षा कै परवाह कये बिना अभियान चलाय कै फैसला करिन अउर एका शुरू करय से पहिले बहुत तैयारी कीन्ह रही।
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत महाजन कै आलोचना करत भये भाजपा पर राजनीतिक फायदा ताईं इ मुद्दा पर विरोधाभासी रुख अपनाय कै आरोप लगाइन। सावंत कहिन, “महाजन मां इतिहास अउर संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दा कै समझ कै अभाव अहै। भाजपा पंजाब मां चुनाव से पहिले खालिस्तान कै मुद्दा उठाय शुरू कय दिहिन अहै।” उ कहिन, “तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अउर सेना प्रमुख जनरल अरुण कुमार वैद्य देश ताईं अपने प्राणन कै आहुति दिहिन रहें। भाजपा राष्ट्र अउर महाराष्ट्र कै हितन कै खिलाफ काम करत अहै।”
शिवसेना (उबाठा) कै राज्यसभा सदस्य राउत कहिन कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अउर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मां तनिक भी देशभक्ति कै भावना अहै, तौ उहिन का महाजन का राज्य मंत्रिमंडल अउर भाजपा से बाहर निकाल देय चाही। राउत पूछिन कि का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का “कवा दिन” करार देय चाही।
उ कहिन, “अगर आप एका (ऑपरेशन ब्लू स्टार) कवा दिन मानत अही, तौ आप देशद्रोही अही। इ एक अइसन अभियान रहा, जवन देश कै अखंडता अउर सुरक्षा का बनाय राखय ताईं चलावा गवा रहा, जवने ताईं एक प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी) अपने प्राणन कै बलिदान दिहिन, एक लड़ाई लड़िन अउर आतंकवाद का हराइन, ताकि इ सुनिश्चित होय सके कि पंजाब देश कै हिस्सा बना रहे।” राउत सवाल करिन कि का महाजन का इंदिरा गांधी कै बलिदान पर संदेह अहै?
शिवसेना (उबाठा) सांसद कहिन, “उहिन (इंदिरा) कै लड़ाई देश ताईं रही। पूर्व सेना प्रमुख जनरल अरुण वैद्य एहके ताईं अपने प्राणन कै बलिदान दिहिन, पंजाब कै पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह अउर हजारन अन्य लोगन भी अइसने कइहीं।”