मंगर के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कै इस्तीफ़ा कै मांग कय कै ‘इंडिया’ गठबंधन कै विरोध मार्च कै दौरान, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मोदी सरकार पर आज़ादी कै बाद से नागरिकन कय मिला अधिकारन कय “छीनै” कै कोसिस करै कै आरोप लगाइन। मार्च कै दौरान खड़गे चेताइन कि अगर लोगन कै लोकतांत्रिक अधिकारन पर खतरा मंडरावै, तौ वे चुप ना बैठिहें। उ यह बात पर जोर दैइन कि युवा वोटरन्, मेहरियन, किसानन अउर गरीबन् कय मिला अधिकारन पर हमला होइ रहा अहै।
खड़गे कहिन कि राजीव गांधी जी युवा वोटरन्, महिला वोटरन्, किसानन अउर गरीबन् कय उ अधिकार दीहिन जौनियन उनका आज़ादी कै बाद मिला रहा। आज मोदी सरकार उ अधिकारन कय छीनै कै कोसिस कर रही अहै। उ आगे कहिन कि आज़ादी कै लड़ाई से बना इ देश कै आज़ादी कय सत्ता बनाए रखवै खातिर छीनै कै कोसिस होई रही अहै।
खरगे कहिन कि लोकतंत्र, संविधान अउर नागरिकन कै अधिकारन कै रक्षा करवै खातिर वोट दै कै अधिकार कै रक्षा करब जरूरी अहै। उ कहिन कि अगर हमरे पास वोट अहै, तौ लोकतंत्र बचि जाई। अगर हमार लोकतंत्र बचि जाई, तौ सबकै अधिकारन कै रक्षा होइ जाई। संविधान कै भी रक्षा होइ जाई।
खरगे चुनाव आयोग कय भी आलोचना करिन। उ आरोप लगाइन कि आयोग अपने ही सदस्यन् कै आपत्ति कय नजरअंदाज कर दिहिन अउर चुनाव प्रक्रिया कय गलत तरीका से चलैइन। उ कहिन कि जब आपके चुने गए सदस्यन्, आपके ही लोगन् बोलते समय गलती कीन्ह, तौ उ गलत चुनाव किहिन अउर आज हमरे लोगन कय गुमराह करके सत्ता मां आवै कै कोसिस करिन।
सत्ता मां बैठे लोगन् कय पद छोड़वै कै चेतावनी देत हुवए खरगे कहिन कि इहै खातिर हम अइसन करी रहितै। पहिले कुर्सी छोड़िए। ना तौ देश मां हंगामा होई जाई। देश कै जनता चुप ना बैठी। इ उनका हमार चेतावनी अहै। उ आगे कहिन, “लोग सब कुछ करिहें, लकिन अपनी आज़ादी छोड़वै कय तैयार नाइ अहैं। सरकार खत्म होइ जानी चाहि।”
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला कहिन कि ज्ञानेश कुमार कय इस्तीफ़ा दै पड़ी, काहेकि चुनाव आयोग से जनता कै भरोसा उठि गवा अहै। उ कहिन कि इ तय अहै कि ज्ञानेश कुमार कय इस्तीफ़ा दै पड़ी; लोगन् कै चुनाव आयोग से भरोसा उठि गवा अहै।
कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन CEC कै आलोचना करत हुवए कहिन कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कय हटि जावब चाहि। SIR कय खत्म कर दीन्ह जावब चाहि। हटाई गए सब वोट वोटर लिस्ट मां फेर जोड़े जावब चाहि। इ साजिश कै पाछे कै ताकतन् कय पता लगावै अउर उनका बेनकाब करवै खातिर एक उच्च-स्तरीय जांच होइच चाहि।
