उत्तरप्रदेश

राखीगढ़ी महोत्सव सुरुआत: 188 करोड़ रुपिया से विकसित होइ संग्रहालय

मुख्यमंत्री नायब सैनी कहिन कि राखीगढ़ी कै महत्व कै देखत हुवइ हरियाणा सरकार एकार संरक्षण, विकास अउर पर्यटन कै बढ़ावा दै कय कई गो कदम उठावत अहै। हियां संग्रहालय अउर इंटरप्रिटेशन सेंटर कै निर्माण कै सिविल काम लगभग पूरा होइ चुका अहै। मुख्यमंत्री नायब सैनी रविवार कै नारनौंद छेत्र कै गांव राखीगढ़ी मां सात दिवसीय राखीगढ़ी महोत्सव कै सुरुआत करिन। एही बीचे ऊ राखीगढ़ी कै ऐतिहासिक अउर पुरातात्विक विरासत कै देस-दुनिया तलक पहुंचाय, एकार संरक्षण, अनुसंधान अउर पर्यटन कै बढ़ावा दै पर जोर दीहिन।

मुख्यमंत्री कहिन कि राखीगढ़ी खाली पुरातात्विक अवशेष कै अस्थान नाहीं अहै, बलुक भारत कै प्राचीन सभ्यता अउर सांस्कृतिक यात्रा कै महत्वपूर्ण परमान अहै। ऊ गांव कै 51 लाख रुपिया दै कै घोषणा भी करिन। मुख्यमंत्री अपने संबोधन मां कहिन कि इतिहास कै महत्व खाली अतीत कै जानै तलक सीमित नाहीं अहै, बलुक ओकर से सीख लीहिके भविष्य कै अउर नीक बनाबब भी अहै। राखीगढ़ी कै सुनियोजित बस्तियां हमार गांव अउर शहर कै स्वच्छ, सुव्यवस्थित अउर पर्यावरण के अनुकूल बनावै कै प्रेरणा देवत अहैं।

ऊ युवा लोगन से आह्वान करिन कि ऊ राखीगढ़ी आएं तौ खाली फोटो खींचीकै ना लौटें, बलुक हियां कै इतिहास अउर पुरातात्विक वस्तुअन कै बारे मां सवाल पूछें, चर्चा करें अउर जानै कै कोसिस करें। सवाल पूछै वाला युवा ही खोजकर्ता बनत अहै अउर खोज से नवाग्यान पैदा होत अहै।

मुख्यमंत्री कहिन कि राखीगढ़ी कै महत्व कै देखत हुवइ हरियाणा सरकार एकार संरक्षण, विकास अउर पर्यटन कै बढ़ावा दै कय कई गो कदम उठावत अहै। हियां संग्रहालय अउर इंटरप्रिटेशन सेंटर कै निर्माण कै सिविल काम लगभग पूरा होइ चुका अहै। अगिला चरण मां 188 करोड़ रुपिया कै लागत से एकार विश्वस्तरीय स्वरूप दै कै दिसा मां काम कीन्ह जाइ। ऊ कहिन कि राखीगढ़ी कै यूनेस्को कै विश्व धरोहर सूची मां शामिल करवाबै कै कोसिस भी कीन्ह जात अहै।

सरकार कै उद्देस्य अहै कि इ ऐतिहासिक अस्थान कै पहिचान राष्ट्रीय अउर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अउर मजबूत होइ। एही के साथ ही सरस्वती-सिंधु सभ्यता कॉरिडोर विकसित करवै कै परिकल्पना कीन्ह गई अहै, जेसे प्रमुख पुरातात्विक अस्थानन के बीच बेहतर संपर्क, पर्यटन सुविधा अउर समन्वित विकास कै बढ़ावा मिल सकै। एसे स्थानीय अर्थव्यवस्था कै भी गति मिलै कै उमेद अहै।

मुख्यमंत्री सीएम नायब कहिन कि पुरातत्वविदन कै मोताबिक राखीगढ़ी लगभग 550 हेक्टेयर छेत्र मां फैलल अहै अउर एकार आकार मोहनजोदड़ो से भी बड़ा बतावा जात अहै। इ सिंधु घाटी सभ्यता कै प्रमुख अस्थानन मां शामिल अहै। ऊ कहिन कि राखीगढ़ी से मिलल पुरातात्विक साच्छ प्राचीन नगरीय सभ्यता कै समझै मां महत्वपूर्ण भूमिका निभावत अहै।

इ विरासत कै संरक्षण करब अउर ओकर से मिलै वाला ग्यान कै आवै वाली पीढ़ी तलक पहुंचाय सरकार कै प्राथमिकता अहै। ऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कै मंत्र विकास भी, विरासत भी कै जिक्र करत हुवइ कहिन कि आधुनिक भारत कै निर्माण के साथ अपने जड़न से जुड़ल रहब भी जरूरी अहै। देस कै विश्वस्तरीय विकास के साथ अपने सांस्कृतिक पहिचान पर भी गरब होइच चाही।

मुख्यमंत्री शिक्षकन से आग्रह करिन कि ऊ बच्चन कै स्थानीय इतिहास अउर विरासत से परिचित करावें। विद्यार्थी लोगन कै ऐतिहासिक अस्थानन अउर संग्रहालयन कै भ्रमण करवावा जाइ तथा विद्यालयन मां राखीगढ़ी पर प्रश्नोत्तरी, परिचर्चा अउर दूसर शैक्षणिक गतिविधि आयोजित कीन्ह जाइ। ऊ कहिन कि आज कै डिजिटल जुग मां युवा राखीगढ़ी कै प्रामाणिक इतिहास कै देस-दुनिया तलक पहुंचाय मां महत्वपूर्ण भूमिका निभाइ सकत अहैं। युवा लोगन कै इ विरासत कै खाली दरसक नाहीं, बलुक एकार प्रभावशाली दूत बनब चाही।

मुख्यमंत्री राखीगढ़ी महोत्सव कै अंतर्गत आयोजित की जात अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर खुसी जतिहिन। ऊ कहिन कि सम्मेलन मां देस-बिदेस कै बिद्वान राखीगढ़ी से मिलल साच्छन, नवा खोज अउर भविष्य मां सोच कै संभावनाअन पर विचार-विमर्श करिहैं। एसे नवा सोच, संस्थागत सहयोग अउर ग्यान कै व्यापक प्रसार कै बढ़ावा मिलि अउर राखीगढ़ी कै वैश्विक पहिचान मजबूत होइ।

ऊ हरियाणा कै दूसर ऐतिहासिक अस्थानन कै संरक्षण कै प्रयास कै भी जिक्र करिन। मुख्यमंत्री बतावीन कि नूंह कै पुरान तहसील भवन, लोहारू कै किला अउर तावड़ू कै मकबरा परिसर कै राज्य संरक्षित स्मारक घोषित कीन्ह गई अहै। एही के अतिरिक्त पंचकूला कै सेक्टर-5 मां अत्याधुनिक पुरातात्विक संग्रहालय स्थापित कीन्ह जात अहै। परदेस कै कला अउर सांस्कृतिक विरासत कै प्रोत्साहित करवै खातिर कला अउर संस्कृति नीति तैयार करवै कै दिसा मां भी काम कीन्ह जात अहै।

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