सुप्रीम कोर्ट क जज जस्टिस सूर्यकांत एक बड़ बयान देत भए कहिन कि अब न्यायपालिका मा एआई (Artificial Intelligence) अउर आधुनिक तकनीक क इस्तेमाल बढ़ावै क समय आइ गवा है। ओन्हने बताइन कि एसे न सिर्फ मुकदमों क निपटारा जल्दी होई, बल्कि पूर न्याय प्रणाली क तस्वीर बदलि जाई। ओन्हने ई बात पर जोर दीन कि तकनीक क सहारा लेइ से आम मनई का नियाव पावै मा आसानी होई अउर सिस्टम मा पारदर्शिता बढ़ी।
तकनीक से सुलभ होई नियाव
जस्टिस सूर्यकांत कहिन कि डिजिटल दौर मा तकनीक क उपयोग बहुत जरूरी अहै। ओन्हने बताइन कि एआई क मदद से कानूनी रिसर्च अउर दस्तावेज क काम जल्दी निपटाई जाई, जेकर सीधा फायदा वादियों अउर वकीलों का मिली। ओन्हने उमीद जताइन कि तकनीक क ई दखल न्यायपालिका का एक नई ऊँचाई पर लै जाई, जहाँ हर मनई का सुलभ अउर सस्ता नियाव समय पर मिल सकी।
बदली अदालतन क कार्यप्रणाली
ओन्हने कहिन कि तकनीक के आवै से जजों क बोझ कम होई अउर फैसला सुनावै मा तेजी आई। ई नई व्यवस्था से न सिर्फ काम-काज मा सुधार होई, बल्कि न्यायपालिका क प्रति मनई क भरोसा अउर मजबूत होई। आने वाले समय मा ई तकनीक पूर दुनिया मा मिसाल बनी।
