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CM धामी बोलें: PM मोदी की योजनाएं ‘विकसित भारत’ के आधार, बदल रहा देस

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 31 जनवरी का दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की पिछले 12 बरिसों में विकास की एक नई धारा शुरू करैं खातिर खूब बड़ाई कीन, जवन कि सेवा, सुशासन अउर गरीब मनईयन के कल्याण पर टिकि अहै। धामी जी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर पोस्ट कइके बताइन कि सरकार द्वारा ‘अंत्योदय’ के मंत्र पर ध्यान दइके—जवन समाज के सबसे कमजोर वर्ग के उत्थान करैं पर अहै—लाखों गरीब, वंचित अउर जरूरतमंद परिवारन के जीवन में बड़ा अउर सकारात्मक बदलाव आवा अहै।

उन्हों कहिन कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आदरणीय नेतृत्व में, पिछले 12 बरिसों में, सेवा, सुशासन अउर गरीब कल्याण के केंद्र में राखिके देस में विकास की एक नई धारा बह रही अहै। मुख्यमंत्री आगे कहिन कि इस कल्याणकारी नजरिया से समाज के आखिरी पायदान पर खड़ा नागरिकन के सामाजिक-आर्थिक स्थिति में व्यवस्थित रूप से सुधार भवा अहै।

केंद्रीय कल्याणकारी पहलन के व्यापक असर के देखावत, धामी जी मोदी जी के कार्यकाल में लागू भई कई प्रमुख योजनान के जिकिर कीन। उन्होंने जन धन खाता, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन अउर पीएम आवास योजना जइसन जन कल्याणकारी कार्यक्रम क नागरिकन खातिर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करैं में बहुत जरूरी बताइन। उन्हों कहिन कि ई जन कल्याणकारी योजनाएं गरीब, वंचित अउर समाज के सबसे निचली कतार में खड़ा लोगन के सम्मान, सुरक्षा अउर आत्मविश्वास देवे में बहुत बड़का भूमिका निभाई अहैं।

केंद्र सरकार के सोच के प्रति उत्तराखंड की प्रतिबद्धता दोहरावत, धामी जी राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार की सक्रिय भूमिका पर जोर दीन। उन्होंने पक्का करैं कि राज्य प्रशासन ई कल्याणकारी योजनान के सीधा लाभ जरूरतमंद लोगन तक पहुंचावे खातिर लगातार अउर अथक मेहनत कर रहा अहै।

29 जनवरी का उत्तराखंड में जलवायु परिवर्तन के असर से खेती के बचावे खातिर हावलबाग में राज्य स्तरीय ‘खेत बचाओ अभियान’ आयोजित कीन गवा रहा। ई अभियान का मकसद माटी की उपजाऊ शक्ति बढ़ावै, पारंपरिक अनाज की खेती का बढ़ावा देब अउर किसानन का पर्यावरणीय चुनौती से निपटै खातिर जरूरी जानकारी देब रहा। खास तौर से पारंपरिक अनाज जइसे रागी (मंडुआ), झंगोरा, चौलाई (अमरंथ) अउर दूसर स्वदेशी फसलन के संरक्षण अउर उत्पादन बढ़ावै पर ध्यान दिहा गवा।

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