
पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक जीत के बाद अब प्रशासनिक काम-काज मा बड़ा कदम उठाया जात है। राज्य में सोमवार का सुवेंदु अधिकारी सरकार के मंत्रिमंडल का पहिलका बड़ा विस्तार होय वाला है। अभी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ कैबिनेट में कुल पाँच मंत्री शामिल हैं। अब सोमवार का ई टीम में 35 अउर नए मंत्री शामिल कीन जइहैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी खुद ई बात की पुष्टि करत भये बताइन कि ई सब 35 मंत्री सोमवार का भिनसार 11 बजे राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में पद अउर गोपनीयता की शपथ लेइहैं।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करत भये ई बात की औपचारिक घोषणा कीन। उँहँई आपन पोस्ट में लिखे हैं, “कल, बंगाल की जनता के जनादेश से चुनी भई राष्ट्रवादी सरकार की एक पूरी मंत्रिमंडल गठित कीन जइहै। मंत्रिमंडल के विस्तार के मकसद से, पश्चिम बंगाल सरकार के 35 मंत्री भिनसार 11 बजे नबन्ना में शपथ लेइहैं। महामहिम राज्यपाल आर. एन. रवि नबन्ना में उनके शपथ दिवाइहैं।”
मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर हो जइहै 40
संवैधानिक नियम के हिसाब से, पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री का मिलाय के मंत्रियों की कुल संख्या अधिकतम 44 होय सकत है। सुवेंदु अधिकारी साफ कर दीन्ह है कि ई विस्तार में 35 नए मंत्री शपथ लेय जा रहे हैं। चूँकि वर्तमान मंत्रिमंडल में पहिले से ही 5 मंत्री दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू अउर निसिथ प्रमाणिक मौजूद हैं, एहसे नए मंत्रियों के जुड़य के बाद कुल मंत्रियों की संख्या बढ़ के 40 हो जइहै। एकरे पहिले, कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भये एक भव्य समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री पद की शपथ दिवाये रहे।
भाजपा सरकार का पहिलका बड़ा प्रशासनिक कदम
बतावा जाय कि सुवेंदु अधिकारी 9 मई का पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे। ई चुनाव में भाजपा ने 294 सीट वाली विधानसभा में बहुमत पाय के तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का खतम कीन, जवन राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव मानल जात है। अब ई मंत्रिमंडल विस्तार के जरिय भाजपा सरकार प्रशासनिक स्तर पर अपनी टीम का अउर मजबूत अउर बड़ा बनाय जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानब है कि नए चेहरन का शामिल कर सरकार अलग-अलग क्षेत्र अउर सामाजिक वर्गन का बेहतर प्रतिनिधित्व देय की कोशिश करी।