
दिल्ली मां लाखन ग्राहकन कय बिजली कय बिल अब बढ़इ वाला अहै। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) बिजली बंटे वाली कंपनीयन का ‘फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज’ (FPPAS)—जेका लोग PPAC कहत अहैं—बढ़ावय कय अउर बिजली खरीदे कय जादा लागत वसूले कय मन्जूरी दइ दिहिन अहै। ई बढ़ोत्तरी कय असर दिल्ली मां अलग-अलग इलाकन कय ग्राहकन पय अलग-अलग तरह से पड़ि, जवन ई बात पय निर्भर करि कि उ मनई का बिजली कउन कंपनी सप्लाई करत अहै।
‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ कय एक रिपोर्ट कय अनुसार, पूरबी अउर मध्य दिल्ली मां BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) से बिजली लेवय वाला ग्राहकन कय बिल मां लगभग 5.7 प्रतिशत कय बढ़ोत्तरी होय कय उम्मीद अहै। BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) कय सर्विस एरिया मां, जवने मां दक्खिन अउर पच्छिम दिल्ली आवत अहै, बिजली बिल मां लगभग 3.4 प्रतिशत कय बढ़ोत्तरी होइ सकत अहै। टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) कय ग्राहकन पय एकर कउनो खास असर पड़य कय संभावना नाहीं अहै, काहे से कि इन इलाकन मां PPAC मां बदलाव बहुत कम अहै।
बदला गवा सरचार्ज जून मां लागू कीन जई अउर बढ़ी भई कीमती जुलाई महीना से ग्राहकन कय बिल मां देखाई देय लागिन। ई कदम DERC कय ओय मन्जूरी कय बाद उठावा गवा अहै जवने मां बिजली बंटे वाली कंपनीयन का सरचार्ज सिस्टम कय जरिया बिजली खरीदे कय जादा लागत कय बोझ ग्राहकन पय डालय कय इजाजत दइ दीन्ह गा अहै।
टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) से बिजली लेवय वाला ग्राहकन पय एकर असर न कय बराबर होय कय उम्मीद अहै, काहे से कि PPAC मां बहुत मामूली बदलाव भवा अहै—ई 15.9 प्रतिशत से बढ़के 16 प्रतिशत होय गवा अहै।
PPAC सरचार्ज बिजली बंटे वाली कंपनीयन का ई सुविधा देत अहै कि उ ईंधन अउर बिजली खरीदे कय लागत मां होय वारे उतार-चढ़ाव कय भरपाई कय सकें। जइसे कि बिजली कय उत्पादन मुख्य रूप से कोयला अउर प्राकृतिक गैस पय निर्भर करत अहै, याहिकै से ईंधन कय कीमती मां कउनो भी बढ़ोत्तरी सीधा बिजली खरीदे कय लागत का बढ़ा देत अहै। दिल्ली मां, बिजली कय खरीद कउनो डिस्कॉम (बिजली बंटे वाली कंपनी) कय कुल खर्चा कय लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा होत अहै।