
का भारतीय दूतावास के चेतावन ईरान अउर अमेरिका के बीच फेर से लड़ाई छिड़े क संकेत है? देखल जाय त पच्छिम एशिया में तेजी से बिगड़त हालत अउर ईरान, इजराइल अउर अमेरिका के बीच बढ़त तनाव इ सवाल क बहुत गंभीर बनाय दिहिन है। हम रउआ बताइ दीं कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास एक बार फेर भारतीय नागरिकन क ईरान न जाय अउर जौन लोग उंहा मौजूद हैं, उनक उपलब्ध साधन से जवन जल्दी हो सकै, देश छोड़ै क सलाह दिहिन है। इ सलाह अइसन समय मा आई है जब ईरान अउर इजराइल के बीच संघर्षविराम टूटै क संकेत मिलत है अउर पूरा क्षेत्र में फेर से बड़का लड़ाई क डर गहरात है।
भारतीय दूतावास अपनी ताजा चेतावनी में कहल है कि क्षेत्र में हाल क घटनाक्रम अउर सुरक्षा क चिंता क देखत हुये भारतीय नागरिक अपनी सुरक्षा क सबसे ऊपर रखें। दूतावास साफ-साफ कहल है कि सब भारतीय नागरिक ईरान जाये से बचें अउर जौन लोग अभी ईरान में हैं, ऊ उपलब्ध परिवहन साधन से तुरंत बाहर निकलै क कोसिस करैं। इ सलाह छात्रन, व्यापारीन, तीर्थयात्रियन अउर पर्यटकन समेत सब भारतीय पर लागू है। हम रउआ बताइ दीं कि मौजूदा ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव के दौरान इ भारत क आठवीं आधिकारिक चेतावनी है। लगभग सात हजार पांच सौ भारतीय अभी भी ईरान में मौजूद बतावा जात हैं। एकरे पहिले भारत आर्मेनिया अउर अजरबैजान क जमीनी सीमा के जरिये हजारन भारतीय क सुरक्षित बाहर निकालै में मदद कइले रहे।
ईरान पर इजराइल क भीषण हवाई हमला, सऊदी अरब में सायरन बजल, यमन से भी मिसाइल दागल गई
एकरे अलावा, भारतीय विदेश मंत्रालय अपन एक बयान में कहल है कि भारत पच्छिम एशिया में भइल नवा हमला पर गहरा खेद जतावता है। इ घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय खतिव बहुत चिंता क विषय है। बयान में कहल गयल है कि इ संघर्ष अब 100 दिन से जादा समय से चलत है अउर एकसे भारी जन पीड़ा भइल है। एकर वैश्विक अर्थव्यवस्था अउर ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर पड़ा है। भारत अपन बयान में कहल है कि हम सब पक्षन से आग्रह करत हैं कि ऊ तनाव क तुरंत कम करैं, नागरिकन क सुरक्षा सुनिश्चित करैं अउर राजनयिक समाधान खतिव चलत बातचीत क पूरा करैं जवने से क्षेत्र में शांति अउर स्थिरता फेर से आ सकै।
हम रउआ बताइ दीं कि हालत तब अउर गंभीर हो गयल जब ईरान क इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर दावा कइले कि ऊ उत्तरी इजराइल में स्थित रामत दाविद वायुसेना अड्डा, नेवातिम अउर तेल नोफ सैन्य ठिकाना पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला कइले है। ईरान इ लेबनान अउर बेरूत में इजराइली कार्रवाई क जवाब में कयल बतायल। एकरे बाद इजराइल पच्छिमी अउर मध्य ईरान में कई सैन्य ठिकाना अउर माहशहर स्थित पेट्रोकेमिकल परिसर पर हवाई हमला कइलस। तेहरान, कराज, तबरीज अउर इस्फहान में धमाका क आवाज सुनाई दिहल जबकि ईरान तेहरान क इमाम खोमैनी अउर मेहराबाद हवाई अड्डा क अस्थायी रूप से बंद कइ दिहिस।
देखल जाय त इ संघर्ष अप्रैल में भइल संघर्षविराम क विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा कइ दिहिस है। अप्रैल में अमेरिका अउर ईरान के बीच संघर्षविराम क घोषणा के कुछ घंटा बाद ही भारतीय दूतावास भारतीय लोगन क तेजी से ईरान छोड़ै क सलाह दिहले रहे। ऊ समय मानल जात रहे कि संघर्षविराम बस अस्थायी राहत है अउर हालत फेर बिगड़ सकत है। अब ओही डर सच होत दिखात है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी स्थिति क बहुत चिंताजनक बतायल हैं। ऊ कहलें कि ईरान क मिसाइल हमला शांति वार्ता क नुकसान पहुंचावी अउर तेहरान क फेर से बातचीत क मेज पर आवै क चाहि। ट्रंप इ भी कहलें कि ऊ इजराइल क जवाबी कार्रवाई से रोकै क कोसिस करत हैं काहे से एक अउर सैन्य टकराव महीना भर क बातचीत क बर्बाद कइ सकत है।
ट्रंप के अनुसार अमेरिका अउर ईरान के बीच समझौता क संभावना बहुत करीब पहुंचल रहे, लेकिन हाल क हमला स्थिति क उलझा दिहले है। ऊ इ तक कहलें कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू क अंत में ओही मानै क पड़ी जौन वाशिंगटन तय करी। हालांकि जमीन पर हालत कुछ अउर कहानी कहत हैं। इजराइल साफ संकेत दिहले है कि ऊ ईरान क हमला क कड़ा जवाब दी। दुसर ओर ईरान चेतावनी दिहले है कि जदि लेबनान या ओकर हित पर हमला जारी रहल त जवाब अउर जादा बड़का होई। उधर, हिजबुल्लाह भी इ संघर्ष में सक्रिय बना है जबकि यमन क हूती विद्रोही लाल सागर में इजराइल से जुड़ल जहाज क निशाना बनावै क धमकी दिहले हैं। एकसे पूरा पच्छिम एशिया में अस्थिरता तेजी से बढ़त है।
इ बीच, तनाव क असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखै लागल है। ब्रेंट कच्चा तेल क कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचल है। दुनिया क लगभग पांचवां हिस्सा क तेल व्यापार होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरत है अउर जदि संघर्ष बढ़त है त तेल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकत है। लाल सागर अउर स्वेज नहर क समुद्री मार्ग पर भी खतरा मंडरात है। हूती हमला क डर के कारण वैश्विक व्यापार अउर जहाज कंपनी क चिंता बढ़ल है। इ बीच पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, मिस्र अउर तुर्किये जइसन देश मध्यस्थता में जुटल हैं। पाकिस्तान क गृह मंत्री मोहसिन नकवी तेहरान पहुंचलें अउर ऊ कथित रूप से पाकिस्तानी सेना प्रमुख क संदेश ईरान क सौंपलें। कई देश अमेरिका से इजराइल पर संयम बरतै क दबाव डालै क मांग कइले हैं, जबकि ईरान से भी मिसाइल हमला रोकै क अपील कयल जात है।
देखल जाय त पूरा घटनाक्रम क देखत हुये भारतीय दूतावास क चेतावनी बस एहतियात भर नाहीं मानल जात है, बल्कि एक इ बात क संकेत मानल जात है कि पच्छिम एशिया फेर से एक बड़का लड़ाई क तरफ बढ़ सकत है। जदि ईरान, इजराइल अउर अमेरिका के बीच सीधा संघर्ष अउर तेज भइल त ओकर असर बस क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नाहीं रही, बल्कि ऊर्जा बाजार, वैश्विक व्यापार अउर लाखन प्रवासी नागरिकन क सुरक्षा पर भी पड़ी। अइसन में भारत समय रहते अपन नागरिकन क सतर्क रहै अउर सुरक्षित लौटै क सलाह दइके संभावित खतरा क गंभीरता क स्पष्ट कइ दिहले है।