
ओमान कै तट पय एक कमर्शियल जहाज पय भये हमला कै बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पय राजनयिक प्रतिक्रिया कय दौर शुरू होइ गवा अहै। इ घटना मां तीन भारतीय नागरिकन कै मारे जाय कै बात सामनै आई अहै। इ घटनाक्रम कै बाद जहां एक तरफ ईरान इका अमेरिका कै सशस्त्र डकैती करार दीन अहै, वहीं दूसरी तरफ भारत कै विदेश मंत्रालय हमला कै निंदा करत भये क्षेत्र मां शांति अउर कूटनीतिक समाधान कै अपील कीन्ह अहै।
ईरान कै कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान कै विदेश मंत्रालय कै प्रवक्ता इस्माइल बघाई भारतीय वाणिज्यिक जहाज पय भये इन कथित अमेरिकी हमलन कै कड़ी निंदा कीन्ह अहै। ऊ इ कार्रवाई पय तीखी प्रतिक्रिया देत भये इका ‘सशस्त्र डकैती’ अउर ‘राजकीय समुद्री डकैती’ कै नाम दीन अहै। प्रवक्ता मारे गये नाविकन कै परिवारन कै प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कीन्ह अउर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह कीन्ह अहै कि ऊ इ पूरी घटना खातिर संयुक्त राज्य अमेरिका का जवाबदेह ठहरावै। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पय एक पोस्ट मां बघाई कहिन कि इ क्रूर हमला अमेरिका कै निरंतर आक्रामक नीतियन कै स्पष्ट प्रमाण अहै। ऊ भारत कै लोगन अउर सरकार कै प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त कीन्ह।
भारत कै विदेश मंत्रालय कै बयान
इसे पहिले, भारत कै विदेश मंत्रालय ओमान कै तट पय वाणिज्यिक जहाज ‘सेटेबेलो’ पय भये हमला कै कड़ी निंदा कीन्ह रही। मंत्रालय अपने बयान मां स्पष्ट कीन्ह कि घटना कै समय जहाज पय कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार रहे। राहत अउर बचाव कार्य कै दौरान इनमें से 21 भारतीय सुरक्षित बचाय लीन गये अहैं, जबकि तीन भारतीय अभी लापता बताय जा रहे अहैं। विदेश मंत्रालय कै अनुसार, ओमान स्थित भारतीय दूतावास पूरा हालात पय नजर राखै अहै अउर वहां कै अधिकारियन कै साथ मिलकै खोज अउर बचाव अभियान मां सक्रिय रूप से समन्वय करत अहै।
सुरक्षा स्थिति पय भारत कै चिंता
भारत सरकार इ घटना का मध्य पूर्व अउर खाड़ी क्षेत्र कै व्यापक सुरक्षा स्थिति से जोड़त भये गहरी चिंता जाहिर कीन्ह अहै। विदेश मंत्रालय कहिन कि शिपिंग मार्गन पय होत अइसन लगातार हमला बहुत चिंताजनक अहै अउर इ सीधे तौर पय क्षेत्र मां चलत मौजूदा संघर्ष कै ही परिणाम अहै। स्थिति कै गंभीरता का देखत भये भारत युद्ध जैसी स्थिति अउर तनाव का तत्काल कम करै कै अपनी अपील दोहराय अहै। मंत्रालय कूटनीतिक समाधान खातिर चलत बातचीत का जल्द से जल्द किसी निष्कर्ष तक पहुंचाय पय जोर दीन अहै, ताहि से पूरा क्षेत्र मां एक बार फिर से शांति अउर स्थिरता स्थापित की जाय सकै।



