राष्ट्रीय

कश्मीर मां पुलिस कर दिहिन हिज्बुल मुजाहिदीन कै चीफ सैयद सलाहुद्दीन कै खिलाफ मुनादी, १४ जुलाई तक पेश न भवा त होई…

जम्मू-कश्मीर कय धरती पै आतंक कै खिलाफ निर्णायक जुद्ध अब आपन लगभग आखिरी दौर मां पहुँचि गवा अहै। राजौरी कै डोरीमल अउर गंभीर मुगलान कय घना जंगलन मां चलत “ऑपरेशन शेरुवाली” लगातार चौबीसवें दिन मां प्रवेश करि चुका अहै अउर यह साफ संकेत अहै कि भारतीय सुरक्षा बल आतंकी कय कउनौ कीमत पै जिन्दा बचिकै नाहीं निकरलै दैहिन। पहाड़न, चट्टानन, गहीर खाई अउर घना जंगलन से घेरा भवा यह इलाका मां सेना, पुलिस अउर अउर सुरक्षा एजेंसियां दिन-रात एक कइकै आतंकी कय तलाश मां जुटी अहैं। यह खाली एक सैन्य अभियान नाहीं, बल्कि ओय जहरीले आतंकवाद कै खिलाफ निर्णायक संघर्ष अहै जउन दशकन से जम्मू-कश्मीर कय लहूलुहान किहे अहै।

ऑपरेशन शेरुवाली पै रिपोर्ट

डोरीमल कय दुर्गम जंगलन मां सुरक्षा बल अइसन घेरा बनावा अहै जवने कय अधिकारी “अभेद्य घेरा” बतावत अहैं। आतंकी कय हर सम्भावित भागे कय रास्ता बंद करि दीन्ह गा अहै। पहाड़ी ढलान अउर चट्टानी इलाकन मां लगातार तलाशी अभियान चलत अहै। हर संदेही हलचल पै पैनी नजर राखि जाइत अहै। सुरक्षा बल कय अतिरिक्त टुकड़ी, आधुनिक निगरानी व्यवस्था अउर भारी रसद समर्थन मौका पै तैनात अहै। मई कय आखिर मां जब यह अभियान निर्णायक मोड़ लिहे रहा, तब इलाका मां जबरदस्त गोलीबारी अउर गोलेबारी भई रही। ओसही समय यह स्पष्ट होइ गवा रहा कि जंगलन मां छिपे आतंकी कउनौ हाल मां बचे कय कोसिस करिहैं, लेकिन सेना उनका चारों तरफ से जकड़ि लीन्ह अहै।

यह कठिन अभियान कय कीमत भी देश कय जवान चुकावत अहैं। सात जून कय भारतीय सेना कय एक जवान अभियान कै दौरान शहीद होइ गवा। दुर्गम पहाड़ी इलाका मां चट्टान से फिसले कै कारण ओका गंभीर चोट लाग। इलाज बरे तुरंत निकाला गवा, लेकिन उ जिंदगी कय जंग हारि गवा। यह घटना बतावत अहै कि जम्मू-कश्मीर मां आतंकवाद कै खिलाफ लड़ाई खाली गोली कय नाहीं, बल्कि प्रकृति कय कठोर चुनौती कय भी अहै। एकर बाद भी सुरक्षा बल कय हौसला अडिग अहै। जवान लगातार जंगलन मां डटा अहैं अउर आतंकी कय सफाये तक पाछे हटे कय तैयार नाहीं।

शहीद कय शहादत कय नमन

उधर, राजौरी मां चलत यह अभियान कै बीच पुंछ कय सलानी गाँव मां शौर्य चक्र विजेता राइफलमैन औरंगजेब कय आठवीं पुण्यतिथि पै उमड़ा जनसैलाब आतंकवाद कै खिलाफ जनता कय भावना कय जीवंत प्रमाण बन गवा। भारतीय सेना, प्रशासन अउर स्थानीय लोगन मिलिकै ओय वीर सपूत कय श्रद्धांजलि दीहिन जउन देश कय रक्षा करत आपन प्राण न्योछावर कइ दिहे रहे। गाँव कय माहौल गम अउर गर्व दुनौ से भरा रहा। औरंगजेब कै पिता अउर पूर्व सैनिक मोहम्मद हनीफ आतंकवाद कै खिलाफ दो टूक संदेश देत कहिन कि यह लड़ाई तब तक जारी रही जब तक जम्मू-कश्मीर से छद्म जुद्ध अउर छद्म आतंकवाद कय पूरी तरह सफाया नाहीं होइ जात। मोहम्मद हनीफ स्थानीय युवा सियन सेना मां शामिल होइके देश सेवा करे कय अपील करिन।

हम आपका यह भी बताइ दीं कि जम्मू-कश्मीर पुलिस आतंक कय आकाअन पै कानूनी शिकंजा अउर कस दिहे अहै। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर हिज्बुल मुजाहिदीन कै पाकिस्तान मां बइठल सरगना सैयद सलाहुद्दीन समेत चार आतंकी कय खिलाफ अदालत कय उद्घोषणा आदेश कय तामील कीन्ह अहै। अदालत साफ निर्देश दिहे अहै कि ये आरोपी चौदह जुलाई तक अदालत मां पेश होइ जां, नाहीं त उनकर खिलाफ आगे कठोर कानूनी कार्यवाही कीन्ह जाई।

हिज्बुल प्रमुख सलाहुद्दीन कै खिलाफ अदालत कय आदेश पै तामील

एकरा अलावा, जम्मू-कश्मीर पुलिस हिज्बुल मुजाहिदीन कै पाकिस्तान-स्थित प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन अउर तीन अउर जने कै खिलाफ अदालत द्वारा जारी उद्घोषणा आदेश (प्रोक्लेमेशन ऑर्डर) पै तामील कीन्ह अहै। पुलिस प्रवक्ता कहिन कि अदालत उनकर खिलाफ उद्घोषणा कय कार्यवाही शुरू कीन्ह अउर निर्देश दिहिन कि आरोपी १४ जुलाई २०२६ कय सवेरे १० बजे अदालत मां पेश होइ जां अउर यदि उ अइसन नाहीं करत, त आगे कानूनी कार्यवाही कीन्ह जाई।

हम आपका बताइ दीं कि उद्घोषणा कार्यवाही एक कानूनी प्रक्रिया अहै, जवने कय इस्तेमाल तब कीन्ह जात अहै जब कउनौ व्यक्ति अदालत मां पेश नाहीं होत अहै या पुलिस या जांच एजेंसी से जानबूझिकै बचि रहल अहै या गिरफ्तारी से बचे बरे फरार अहै। पुलिस आरोपी कय पहचान सलाहुद्दीन उर्फ मोहम्मद यूसुफ शाह कै रूप मां कीन्ह अहै, जउन बडगाम कै सोईबूग कय निवासी अहै। ओकर नाम आतंकवादी सूची मां शामिल अहै अउर यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) कै अध्यक्ष अहै।

अधिकारी बताइन कि अउर आरोपी मां गुलाम नबी खान उर्फ आमिर खान शामिल अहै, जउन अनंतनाग कै लिवर श्रीगुफवारा कय निवासी अहै अउर हिज्बुल मुजाहिदीन कै कमांडर भी अहै। एकरा अलावा आरोपी मां शेर मोहम्मद उर्फ बहादुर उर्फ रियाज़ शामिल अहै जउन बांदीपुरा कै मलंगाम कय निवासी अहै अउर नासिर यूसुफ कादरी हब्बा कदल क्षेत्र कै डार मोहल्ला स्थित शीलटंग कय निवासी अहै।

पुलिस प्रवक्ता कहिन, ”काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश टाडा-पोटा (एनआईए अधिनियम कै तहत नामित विशेष न्यायाधीश) श्रीनगर द्वारा जारी कीन्ह गा उद्घोषणा आदेश पै तामील कीन्ह अहै। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-२०२३ कय धारा ८४ कय तहत चार अइसन आरोपी कै खिलाफ जारी कीन्ह गा रहा, जउन गिरफ्तारी से बचि रहल रहे। यह मामला एफआईआर संख्या ०५/१९९६ से संबंधित अहै, जउन सीआईके पुलिस थाना मां दर्ज अहै।’’

जांच कै दौरान मिल कि आरोपी गिरफ्तारी से बचि रहल अहैं अउर जानबूझिकै कानूनी कार्यवाही से भागि रहल अहैं। देखा जाय त यह कार्यवाही आतंकवाद कय पूरा नेटवर्क कय जड़ से उखाड़ फेंके कय रणनीति कय हिस्सा अहै। एक तरफ जंगलन मां सेना बंदूक से जवाब देत अहै, दूसरा तरफ अदालत अउर जांच एजेंसियां कानून कय शिकंजा से आतंक कय आकाअन कय घेरति अहै। देखा जाय त जम्मू-कश्मीर मां अब तस्वीर तेजी से बदलत अहै। सुरक्षा बल कय कठोर अभियान, जनता कय खुला समर्थन अउर आतंकी कय खिलाफ कानूनी प्रहार यह संकेत देत अहैं कि आतंकवाद कय कमर टूटि रहल अहै।

Related Articles

Back to top button