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National Award विजेता डायरेक्टर भारतीराजा का निधन, CM विजय कै राजकिय सम्मान के साथ बिदाई कै ऐलान

दिग्गज तमिल फिलिम निर्देशक, निर्माता अउर पटकथा लेखक भारतीराजा कै बुधवार का उमिर से जुड़ल बीमारी कै कारण निधन होइ गवा। ओनकै निधन कै साथ भारतीय सिनेमा, खास कय तमिल फिलिम जगत, एक अइसन फिलिमकार का खो दिहिस जउन तमिल सिनेमा का स्टूडियो कै घेरा से निकारिके गांव अउर असली माटी तक पहुँचाय मा बहोत बड़ा काम करिन अउर अपने पीछे एक समृद्ध सिनेमाई विरासत छोड़ि गयन।

परिवार कै सूत्रन कै मुताबिक, पद्मश्री से सम्मानित 84 बरिस कै भारतीराजा कै निधन ओनकै चेन्नई वाला घर मा भवा। ऊ कछू दिन से उमिर से जुड़ल बीमारी से जूझत रहे। ओनकै परिवार मा मेहरारू चंद्रलीला अउर बिटिया जननी अहैं।

खुद तमिल सिनेमा कै बड़े सितारा रहल मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, दिग्गज अभिनेता रजनीकांत अउर कमल हासन समेत ढेर फिलिमी हस्ती निर्देशक पी. भारतीराजा कै घर पहुँचिन अउर श्रद्धांजलि दिहिन। रजनीकांत अउर कमल हासन भारतीराजा कै साथ ओनकै सुपरहिट पहिली फिलिम ‘16 वयाथिनिले’ समेत कई फिलिमन मा काम कइ रहिन। इकै अलावा द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन समेत कई नेता भी भारतीराजा का श्रद्धांजलि दिहिन।

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर अपने शोक संदेश मा कहिन कि ऊ ‘‘महान फिलिमकार भारतीराजा कै निधन से बहुत दुखी अहैं। ऊ एक सच्चे अगुआ रहे, जउन अपनी अनूठी कहानी कहै कै शैली अउर गंवई जीवन कै गहरा चित्रण कै जरिए तमिल सिनेमा का नई दिशा दिहिन।’’

मुख्यमंत्री विजय एक बयान मा कहिन, ‘‘तमिल फिलिम निर्देशक भारतीराजा कै निधन कै समाचार सुनिकै हमका बहुत दुःख भवा।’’ ऊ कहिन, ‘‘गंवई पृष्ठभूमि से निकारिके फिलिमन मा जीवन अउर सच्चाई कै मजबूत चित्रण करै वाले भारतीराजा अपनी अनेक सफल फिलिमन कै माध्यम से तमिल सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ि गयन। ओनकै योगदान खातिर ओनका प्रतिष्ठित पद्मश्री समेत कई राष्ट्रीय अउर राज्य स्तरीय सम्मान मिलल रहा।’’ मुख्यमंत्री ऐलान करिन कि सिनेमा जगत मा ओनकै बढ़िया काम का देखत भये इ दिग्गज फिलिमकार का राजकिय सम्मान दिहा जाई।

स्टालिन अपने संदेश मा भारतीराजा कै निधन का तमिल सिनेमा खातिर ‘‘बहुत बड़का नुकसान’’ बताइन। ओवहीं, अन्ना द्रमुक महासचिव ई के पलानीस्वामी कहिन, ‘‘दक्खिन तमिलनाडु कै माटी से निकरिके तमिल सिनेमा का नई दिशा देवै वाले इ महान कलाकार कैमरा का रुख गांवन की ओर मोड़ि दिहिन अउर फिलिमी दुनिया का माटी कै महक अउर ओकर आत्मा से भरि दिहिन।’’

भारतीराजा का कहानी चुनै अउर ओकर अनूठा प्रस्तुतिकरण खातिर पथप्रदर्शक मानल गय। ऊ खास तौर पर गंवई कहानी खातिर जानल जात रहे। अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार जीतै वाले भारतीराजा का 1977 मा ओनकै पहिली निर्देशित फिलिम ‘16 वायाथिनिले’ से पहचान मिलल रही। इकै साथ ऊ मशहूर संगीतकार इलैयाराजा कै साथ भी काम कइ रहिन अउर फिलिम कै गाना खासकर ‘‘सेंथूरापूवे’’ तहलका मचाय दिहिस। इ फिलिम मा अभिनेता कमल हासन अउर श्रीदेवी मुख्य भूमिका मा रहें जबकि सुपरस्टार रजनीकांत खलनायक बनल रहें। इ फिलिम लम्बे समय तक बॉक्स ऑफिस पर राज करिस अउर आज भी इ बेहतरीन तमिल फिलिमन मा गिनि जात अहै।

एक फिलिमकार कै रूप मा भारतीराजा स्टूडियो तक सीमित फिलिम बनावै कै परंपरा का तोड़त भये तमिल सिनेमा मा गंवई जीवन कै सादगी अउर सच्चाई का परदा पर उतारिन। ओनका प्यार से ‘‘इयक्कुनर इमयम’’ कहल जात रहा, जेकर मतलब ‘‘निर्देशक जगत कै शिखर पुरुष’’ होत अहै। परिवार कै करीबी लोगन कै मुताबिक, मार्च 2025 मा ओनकै बेटवा अउर अभिनेता-निर्देशक मनोज भारतीराजा कै अचानक निधन कै बाद लागल गहरे सदमा से ओनकी तबीयत अउर बिगड़ि गई रही।

17 जुलाई 1941 का तमिलनाडु कै थेनी जिला कै अल्लीनगरम मा जनमल भारतीराजा साधारण पृष्ठभूमि से उठिके दक्खिन भारतीय सिनेमा कै दिशा ही बदल दिहिन। 1970 कै दशक के आखिरी मा ओनकै आगमन से पहिले तमिल सिनेमा मुख्य रूप से स्टूडियो सेट, जादे नाटकीय मेलोड्रामा अउर शहरी कहनी तक सीमित रहा। भारतीराजा अपनी पहिली निर्देशित फिलिम ‘‘16 वयाथिनिले’’ कै साथ इ ढांचा का तोड़ि दिहिन। ऊ कैमरा का स्टूडियो से निकारिके असली गांवन कै धूलभरी, घाम से भरल पगडंडियन तक पहुँचाय दिहिन अउर लोगन का गंवई जीवन कै सादगी अउर सच्चाई से मिलवायिन।

करीब पांच दशक कै अपने शानदार करियर मा भारतीराजा तमिल, तेलुगु अउर हिंदी भाषा मा 40 से ज्यादा फीचर फिलिमन कै निर्देशन करिन। ओनकै उल्लेखनीय तमिल फिलिमन मा ‘सिगप्पु रोजाक्कल’ (1978) अहै, जउन एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर रही अउर जउन ओनकै गंवई फिलिमन वाली छवि का तोड़िस। ‘अलैगल ओइवथिल्लै’ (1981) जाति अउर धार्मिक बंधन पर आधारित एक संवेदनशील प्रेम कहानी रही। ‘मुधल मरियाथै’ (1985) महान अभिनेता शिवाजी गणेशन वाली प्लेटोनिक प्रेम पर आधारित एक बेहतरीन फिलिम रही। ओवहीं करुथम्मा (1994) कन्या भ्रूण हत्या जइसन सामाजिक बुराई पर तीखा प्रहार करै वाली फिलिम रही।

कैमरा कै पीछे अपनी तकनीकी दक्षता कै अलावा भारतीराजा का फिलिम जगत मा एक महान ‘‘स्टार मेकर’’ कै रूप मा भी जानल जात रहा। ओनका नई प्रतिभा का पहचानै कै गजब क्षमता रही अउर ऊ कलाकारन की अइसन पीढ़ी तैयार करिन जउन आगे चलिके भारतीय सिनेमा का नई ऊंचाई तक पहुँचायिन। ओनकै अनूठी परंपरा रही कि ऊ अपने मुख्य कलाकारन कै नाम अंग्रेजी अक्षर ‘‘आर’’ से शुरू होय वाला रखत रहें। इ परंपरा से ऊ राधिका, रेवती, राधा अउर रेखा जइसन प्रसिद्ध अभिनेत्री का पहचान दिहिन।

अपने करियर कै आखिरी हिस्सा मा भारतीराजा आसानी से कैमरा कै पीछे से सामने तक कै सफर तय करिन अउर अपने का एक प्रभावशाली चरित्र अभिनेता कै रूप मा स्थापित करिन। परदा पर ओनकी दमदार उपस्थिति अउर बोलै कै खास अंदाज नई पीढ़ी कै दर्शक अउर समीक्षकन का भी दिल जीत लिहिस। ऊ मणिरत्नम की फिलिम आयुधा एझुथु (2004) मा एक चतुर नेता कै भूमिका निभायिन। इकै अलावा पांडियानाडु (2013) अउर सुपरहिट फिलिम थिरुचित्राम्बलम (2022) मा भी ओनके अभिनय का खूब सराहा गय।

फिलिम जगत कै वरिष्ठ लोगन ओनकै निधन का भारतीय सिनेमा कै एक स्वर्णिम युग कै अंत के रूप मा कहिन। ओनकै अंतिम संस्कार अउर बाकी कार्यक्रम कै घोषणा परिवार आज बाद मा करि सकत अहै।

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