
जम्मू-कश्मीर मां राजौरी कय दोरिमल जंगलन मां आतंकवाद कय खिलाफ चलत महाअभियान अब 28वें दिन मां प्रवेश करि चुका अहै। मंझाकोट सेक्टर कय गंभीर मुगलान इलाका मां फैले घने अउर खतरनाक जंगल इस बखत बारूद, गोलियन अउर जवानन कय अदम्य साहस कय गवाह बनत अहैं। “ऑपरेशन शेरुवाली” अब अइसन रूप लइ लिहिस अहै, जवने सीमा पार बइठे आतंक कय आकाअन कय नींद उड़ा दिय अहै। हम आप कय बताइ देइ कि दोरिमल कय पहाड़ियन वह दुर्गम इलाका अहै जहवां हर कदम मौत कय साया मां उठावा जात अहै। ऊंची ढलान, फिसलन भरी चट्टान, घनी झाड़ियन अउर गहरी खाई सुरक्षा बलिन कय राह रोकै कय लगातार कोशिश करत अहैं, बाकिर जवानन कय हौसला हर चुनौती पै भारी पड़त अहै। आतंकी कय खतम करै कय ताईं सुरक्षा बलिन पूरा इलाका कय लोहा कय शिकंजा मां जकड़ लिहिन अहै।
सुरक्षा एजेंसी जंगल कय हर कोना कय छान-बीन करै कय ताईं जबरदस्त तलाशी अउर घेराबंदी अभियान तेज करि दीन अहै। सेना, पुलिस अउर दूसर एजेंसी मिलिकै लगातार जंगलन मां दबिश देत अहैं। कउनो संदिग्ध हलचल कय पकड़ै कय ताईं निगरानी व्यवस्था कय अउर मजबूत कय दीन गा अहै। इलाका मां लगातार गश्त, खोजी अभियान अउर क्षेत्रीय नियंत्रण कय कार्रवाई जारी अहै। सुरक्षा बलिन कय साफ संदेश अहै कि आतंकी कय ताईं अब बचि निकलै कय कउनो रास्ता नाहिं छोड़ा जइहै।
हम आप कय बताइ देइ कि मई कय आखिरी मां सुरु भवा यह अभियान अब राजौरी कय इतिहास कय सबसे लंबा आतंक विरोधी अभियानन मां गिना जाइ लाग अहै। यह केवल जंगलन मां छिपे आतंकी कय तलाश नाहिं, बाकिर सीमा पार से घुसपैठ करिकै भारत कय शांति कय बिगाड़ै कय हर साजिश कय कुचलै कय निर्णायक मुहिम अहै। सूत्रन कय मुताबिक, आतंकी दोरिमल अउर गंभीर मुगलान कय घने जंगलन कय आपन पनाहगाह बनाय राखे रहें। एकरे बाद सुरक्षा बलिन बहुस्तरीय रणनीति कय तहत पूरा इलाका मां जबरदस्त दबाव बनावै कय सुरु कइ दीन। 28 मई कय हालत उस बखत बहुत तनावपूर्ण होइ गा रहा, जब दोरिमल कय जंगलन मां भारी गोलीबारी अउर गोलेबारी सुरु होइ गय। सुरक्षा बलिन आतंकी कय घेरै कय ताईं चारों तरफ से शिकंजा कसि दीन रहा। अधिकारियन कय मुताबिक, कउनो भी आतंकी कय भागै कय मौका न मिलै, एकर ताईं अतिरिक्त जवान, हथियार अउर रसद सहायता कय तुरंत मोर्चा पै भेज दीन्ह गा रहा। जंगलन कय भीतर अइसन अभेद्य घेरा तैयार कय दीन गा रहा, जवने कय तोड़ पाना आतंकी कय ताईं लगभग नामुमकिन मानत अहैं।
हम आप कय यहो बताइ देइ कि यह अभियान कय दौरान सेना केवल गोलियन कय सामना नाहिं कयस, बाकिर प्रकृति कय क्रूर चुनौतियन से भी लड़ाई लड़िस अहै। सात जून कय एक भारतीय जवान यहो अभियान कय दौरान आपन सर्वोच्च बलिदान दइ दिहिन। जानकारी कय मुताबिक, जवान दुर्गम पहाड़ी इलाका मां आतंक विरोधी कार्रवाई कय दौरान आगे बढ़त रहा कि अचानक उनकर गोड़ फिसल गा अउर वह चट्टान से नीचे गिरि पड़िन। गंभीर रूप से घायल जवान कय तुरंत इलाज कय ताईं लइ जावा गा, बाकिर वह जिंदगी कय जंग हारि गय। राजौरी कय यह अभियान देश कय सुरक्षा अउर शांति कय ताईं चलत वह कठोर जंग अहै जवने मां जवान दिन-रात आपन जान जोखिम मां डालिकै आतंक कय खात्मा कय संकल्प निभावत अहैं। लगातार 28 दिन से चलत यह मुहिम साफ दिखावत अहै कि भारत आतंक कय खिलाफ कउनो कीमत पै पीछे हटै कय मूड मां नाहिं अहै।
हम आप कय बताइ देइ कि दोरिमल कय जंगलन मां अभी भी तलाशी अभियान जारी अहै। सुरक्षा बल हर झाड़ी, हर चट्टान अउर हर पहाड़ी दर्रा कय छानत अहैं। पूरा इलाका सेना कय निगरानी मां अहै अउर जवान लगातार मोर्चा पै डटा अहैं। आतंकी कय खिलाफ यह शिकंजा जेतना लंबा खिंचत अहै, उतना ही यह साफ होत अहै कि सुरक्षा बल यह बखत कउनो कीमत पै मिशन अधूरा नाहिं छोड़िहैं।
इसी बीच, जम्मू-कश्मीर मां आतंक अउर अपराध कय खिलाफ चलत कार्रवाई एक अउर बड़का खुलासा करि दीन अहै। शोपियां जिला मां पुलिस तीन संदिग्ध कय गिरफ्तार कइकै उनकर पास से विस्फोटक सामग्री अउर हिज्बुल मुजाहिद्दीन कय पोस्टर बरामद कय लिहिन अहै। पुडसू इलाका मां भवा यह कार्रवाई कय दौरान दुई ग्रेनेड, ढाई किलोग्राम प्लास्टिक विस्फोटक, चार मोबाइल फोन अउर आतंकी संगठन से जुड़ी सामग्री जब्त कय लीन्ह गय। गिरफ्तार कय गा आरोपी कय पहचान एजाज अहमद खांडे, अरबाज अहमद मीर अउर नासिर अहमद डार कय रूप मां भवा अहै, जउन 31 मई से आपन घर से गायब बतावा जात रहें। यह खुलासा सुरक्षा एजेंसी कय चिंता अउर बढ़ा दिहिस अहै, काहे से घाटी मां आतंकी नेटवर्क अब नवा सिरे से आपन पैर जमौय कय कोशिश मां जुटत दिखाई देत अहै।
उहंई दूसरी तरफ सांबा जिला मां नशा कय करिया कारोबार पै भी प्रशासन जबरदस्त चोट कय अहै। पुलिस मादक पदार्थ तस्कर नारायण शर्मा उर्फ शूना कय दुई करोड़ आठ लाख रुपया से ज्यादा कय संपत्ति कुर्क कय दिहिन अहै। कुर्क कय गा संपत्तियन मां आलीशान मकान, कार अउर करोड़न कय जमीन शामिल अहै। जांच मां सामने आवा कि यह पूरा संपत्ति नशा कय धंधा से कमावा गा पइसन से खड़ा कय गा रहा। फिलहाल आरोपी केंद्रीय कारागार कोट भलवाल मां बंद अहै। इ तरह, आतंक अउर नशा कय गठजोड़ पै होत लगातार कार्रवाई यह साफ संकेत देत अहै कि जम्मू-कश्मीर मां सुरक्षा एजेंसी कउनो मोर्चा पै ढिलाई बरतै कय मूड मां नाहिं अहैं।