
राजधानी पटना के गंगा किनारे बनावा जइ वाला जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना बिहार के शहरी विकास, पर्यटन बढ़ाव, संस्कृति क पुनर्जीवित करै अउर पर्यावरण बचायै क मामला मां एक ऐतिहासिक कदम अहै। सरकार क इ बड़हन योजना गंगा क तट क दुनिया भर क लोगन खतिल एक बढिया अउर आधुनिक जगह बनाइ, जवन पाटलिपुत्र क पुरान विरासत क एक नया रूप दइ।
बिहार क मिलल गंगा क इ बड़हन अउर कुदरती तट इ काम क अउर खास बनावत अहै। देश मां अइसन बहुत कम सहर अहैं जहवां नदी, इतिहास, संस्कृति अउर सहर क फैलाव क इतनी बड़हन संभावना एक साथ मिलै। इही खूबी क आधार मानिके एक अइसन हरियर अउर सांस्कृतिक रिवरफ्रंट बनावा जात अहै, जवन कुदरत, विरासत, पर्यटन अउर आधुनिक सुविधा क एक बढ़िया मेल होई।
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह कहिन कि इ पहल बिहार क अलग पहचान क मजबूत करै क साथ ही राज्या क राष्ट्रीय अउर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन क नक्शा पै एक नई ऊँचाइ देइ। पहिल चरण मां लगभग 6 किलोमीटर लमहर ग्रीन-पार्क कॉरिडोर बनावा जात अहै। दूसर चरण मां इ 26 किलोमीटर तक बढ़ाइ दीहिन जइहै, जेसे पुरान पटना सिटी क्षेत्र भी इ बड़हन योजना से जुड़ जइ। इकरे परिणाम स्वरूप गंगा तट पै एक लमहर, लगातार अउर एकजुट हरियर-पर्यटन गलियारा तैयार होई।
विकास आयुक्त हुकुम दिहिन कि इ कॉरिडोर क विकास खाली सजावट तक सीमित न रहै, बल्कइ पर्यटन, संस्कृति, पर्यावरण बचाव अउर जनसुविधा क एक जुट मॉडल बनै। सोच इ अहै कि इ क्षेत्र खाली मन बहलाव क जगह न रहि क जल-आधारित पर्यटन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आम जनता क काम, कुदरत देखै, अउर पुरान विरासत क मुख्य केंद्र बनै। वाटर मेट्रो जेट्टी, पर्यटन घाट, गंगा चैनल, पटना हाट, वेस्ट-टू-वंडर पार्क, स्वतंत्रता सेनानी पार्क, बॉटनिकल गार्डन, बटरफ्लाई गार्डन अउर दूसर सुविधा इका एक बड़हन शहरी गंतव्य बनाइ देइ।
गंगा पथ क किनारे बनै वाली लगभग 50 दुकानन खतिल ‘गंगा अउर पाटलिपुत्र थीम’ पै आधारित एक खास आइकॉन बनावा जइ। एकर चुनाव खतिल राज्य स्तर पै डिजाइन प्रतियोगिता होई, जहवां पहिल, दूसर अउर तीसर इनाम के रूप मां क्रमशः ₹51,000, ₹21,000 अउर ₹11,000 दिहिन जइहै। विकास आयुक्त कहिन कि पूरा क्षेत्र क पहचान गंगा अउर पाटलिपुत्र क पुरान विरासत से जुड़ल होय अउर जवन भी चीज बनै, ओमा बिहार क संस्कृति साफ झलकै।
हरियर विकास इ पहल क मूल मंत्र अहै। खास कइके पीपल, बरगद अउर पाकड़ जइसन देसी पेड़न क तवज्जो दीहिन जइहै, जवन स्थानीय माहौल क मजबूत करै अउर लम्बे समय तक हरियाली बनाय रखै। साथ ही अमलतास, गुलमोहर अउर सेमल जइसन फूलै वाला पेड़न से आकर्षक बगीचा बनावा जइहै। गंगा तट क ओर मुँह कइके बइठै क खास इंतजाम कीन जइहै, ताकि आय वाला लोग कुदरती नजारा अउर नदी क आनंद ले सकैं।
स्वतंत्रता सेनानी पार्क इ विकास क मुख्य आकर्षण होई, जहवां बिहार क आजादी क लड़ाई अउर महानायखन क योगदान क आधुनिक अउर आकर्षक रूप मां देखाय जइ। इ जगह नई पीढ़ी क राज्य क गौरवशाली इतिहास से जोड़ै क एक जरिया बनी। सैलानी अउर नागरिकन क बेहतर अनुभव देय क मकसद से विकास आयुक्त पार्किंग, आवन-जावन क रास्ता, अंडरपास अउर दुकानन क पूरा प्लान बनाय क हुकुम दिहिन। साथ ही ड्रोन इमेजरी अउर वीडियो दिखावैक भी कहिन, ताकि आम जनता एकर बड़हन सोच क समझ सकै।
इ बहु-विभागीय काम मां अलग-अलग विभाग अपन जिम्मा उठावत अहैं। पर्यटन विभाग पर्यटन सुविधा, वाटर मेट्रो जेट्टी अउर घाट क विकास कर रहा अहै। जल संसाधन विभाग गंगा चैनल अउर पानी से जुड़ल ढांचा क देख रहा अहै। शहरी विकास अउर आवास विभाग पटना हाट, वेस्ट-टू-वंडर पार्क अउर दुकान बनावत अहै। BUDCO सीवरेज अउर पानी क सिस्टम ठीक कइ रहा अहै, अउर पर्यावरण विभाग हरियर इलाका अउर बॉटनिकल गार्डन क काम देखत अहै। बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) पूरा काम क देख-रेख कइ रहा अहै।
पर्यटन विभाग बताइस कि बिजली क काम छोड़िके बाकी सब काम तय समय से चल रहा अहै। विकास आयुक्त सब विभागन क एक साथ मिलिके 31 अगस्त तक काम पूरा करैक हुकुम दिहिन। जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान खाली एक निर्माण परियोजना नाहीं, बल्कइ बिहार क भविष्य क सपना अहै। गंगा क धार, पाटलिपुत्र क विरासत, हरियर माहौल अउर आधुनिक सुविधा क इ संगम आने वाली पीढ़ी खतिल एक धरोहर बनै अउर बिहार क नई विकास गाथा क प्रतीक होई।