
पटना कय एक अदालत सोमवार का ज्ञान बिंदु कोचिंग इंस्टीट्यूट कय डायरेक्टर रौशन आनंद का ज़मानत दइ दिहिन। इ मामला पटना कय मुसल्लहपुर हाट इलाका मां खान ग्लोबल स्टडीज़ कय बाहर 2 जून का भई हिंसा अउर तोड़-फोड़ से जुड़ा अहै। इ इंस्टीट्यूट का फैसल खान चलावत अहैं, जवने का सब खान सर के नाम से जानत अहैं। आनंद का 3 जून का गिरफ़्तार कीन गवा रहा अउर तब से उ न्यायिक हिरासत मां रहे। इसे पहिले, निचली अदालत 9 जून का उनकय ज़मानत अरज़ी खारिज कर दिहिन रही। अदालत इंस्टीट्यूट पर सुनियोजित हमला कय दावान, एक सिक्योरिटी गार्ड कय चोट कय रिपोर्ट अउर उनकय आपराधिक इतिहास का ध्यान मां राखत इ फ़ैसला लीन रहा।
रौशन आनंद जेल से बाहर आय कय ढेर सारा सवाल खड़ा कीन अहैं। रौशन आनंद कहिन कि हम अपने भाई कय अंतिम संस्कार खत्तिर जात अही। हम पटना पुलिस से पूछे चाहत अही: बिना कवनो जांच कय हमका काहे गिरफ़्तार कीन गवा? कवन नेता फैसल खान का बचाय रहल अहै? केकर राजनीतिक दबाव मां हमका गिरफ़्तार कीन गवा? जब फैसल खान कय खिलाफ मामला दर्ज भवा, तव पटना पुलिस कय लगे उनका गिरफ़्तार करय खत्तिर 48 से 72 घंटा कय समय रहा। फिर भी, केकर कहय पर पटना पुलिस उनका गिरफ़्तार करय मां नाकाम रही?
उ दावा करिन कि जब एक साजिश कय तहत मोर भाई कय हत्या कीन गई, तब हम जेल मां रहे। फैसल खान मोर भी हत्या करवा सकत अहै। हम पटना पुलिस से सुरक्षा कय मांग करत अही। गोली चलावय कय आदेश फैसल खान दिहिन रहा, फिर भी इल्ज़ाम हमार ऊपर मढ़ दिहा गवा। इ बात कय सबूत अहै कि गोली चलावय कय आदेश फैसल खान दिहिन रहा। फिर भी, पटना पुलिस उनका गिरफ़्तार नइखे कीन। किसान कोल्ड स्टोरेज कय मालिक आर.एस. प्रसाद अउर फैसल खान मिलके मोर भाई कय हत्या कय साजिश रचे रहे, अउर उ मनई मोर भी हत्या करवा सकत अहैं। हम पटना पुलिस से सुरक्षा कय मांग करत अही।
नई सुनवाई मां, सेशंस कोर्ट उनका ज़मानत दइ दिहिन, जवने से उनकय बेउर जेल से रिहाई कय रास्ता साफ होइ गवा। इ मामला KGS कय मैनेजर कन्हैया कुमार सिंह कय तरफ़ से दर्ज कराई गई FIR से जुड़ा अहै। FIR मां आरोप लगावा गवा रहा कि 2 जून कय रात, 15-20 लोगन कय एक ग्रुप इंस्टीट्यूट कय परिसर मां पत्थर फेंकिन, सिक्योरिटी गार्ड चुन-चुन कय साथ मारपीट करिन, प्रॉपर्टी का नुकसान पहुँचावा अउर “दो दिन कय भीतर इंस्टीट्यूट का उड़ा देवय” कय धमकी दिहिन। FIR मां आनंद, उनकय भाई प्रिंस यादव अउर दूसर लोगन कय नाम शामिल रहा।