
हिंदू पंचांग कय हिसाब से, हर साल जेठ महीना कय सुकल पछ कय चतुर्थी तिथि पर प्रद्युम्न चतुर्थी मनावा जात अहै। या साल या बरत 18 जून, गुरुवार कय दिन रखा जाई। या दिन मुख्य रूप से भगवान गणेश कय पूजा-पाठ करे कय खातिर सबसे खास मानि जात अहै। सुकल पछ कय चतुर्थी तिथि पर चंद्रमा कय दरसन करे कय मनाही अहै। अइसन मां अगर चतुर्थी तिथि पर चंद्र दरसन होइ जाइ तौ का करे चाही?
बिनायक प्रद्युम्न चतुर्थी पर चंद्र दरसन से बचव
मानि जात अहै कि बिनायक प्रद्युम्न चतुर्थी कय मौका पर चंद्र दरसन करे से बचै चाही। या दिन चंद्रमा कय दरसन करे से मनई पर झूठा कलंक लागि सकत अहै। यहिके खातिर चतुर्थी तिथि पर चंद्र दरसन से बचे कय सलाह दी जात अहै।
चंद्र दरसन होइ जाइ तौ का करव?
पुरान मान्यता कय अनुसार, इहई दिन चंद्र दरसन कय कारन भगवान श्रीकृष्ण पर स्यमंतक मनि कय चोरी कय झूठा कलंक लागि रहा। अगर आप भी गलती से चतुर्थी तिथि कय मौका पर चंद्रमा कय दरसन करि लेत अहा, तौ श्रीमद्भागवत कय 10वां स्कंद कय 56-57वां अध्याय मां दीन गई स्यमंतक मनि कय चोरी कय कथा कय सम्मान अव सच्ची श्रद्धा कय साथ पाठ करै चाही। इकरे अलावा मिथ्या कलंक कय परभाव कम करे खातिर नीचे दीन गए मंत्र कय 21, 54 या 108 बार जाप कइकै पबितर कीन्ह पानी पियै से कलंक कय असर काफी कम होइ जात अहै।
सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः । सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः ।।
ब्रह्मवैवर्त पुरान मां चंद्र दरसन कय उपाय
इकरे अलावा ब्रह्मवैवर्त पुरान कय 78.62-63, श्लोक मां बतावा गया अहै कि, चतुर्थी तिथि पर चंद्र दरसन से कलंक लागत अहै। अगर दरसन होइ जाइ तौ बतावा गए मंत्र अव तृतीया या पंचमी तिथि कय मौका पर चंद्रमा कय दरसन कर लओ अव स्यमंतक मनि कय चोरी कय कथा सुनै या कहै चाही। यासे चंद्र दरसन कय दुस्प्रभाव कम होत अहै। वहीं अगर आपकौ कउनो जरूर काम से बाहेर जायक होइ अव चंद्र दरसन कय डर होइ तौ पहिले अपने हाथ मां फल, मिठाई या दही लइकै ही चंद्र कय दरसन करव। यासे चंद्र दरसन कय असुभ फल नाहीं मिली। इकरे साथ ही घर से बाहेर जात समय या वापस आइकै स्यमंतक मनि कय कथा जरूर पढ़व।




