कांग्रेस महासचिव औऱ वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार कय लेके चलत विवाद के बीच चुनाव आयोग औऱ भाजपा पर गंभीर आरोप लगाइन अहै। मलप्पुरम मां समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत मां ऊ कहिन कि INDIA गठबंधन के सब नेता इहे मुद्दे पर एकमत अहैं औऱ उनका मानब अहै कि जौन कुछ होइ रहा अहै, ऊ गैर-कानूनी अहै।
प्रियंका गांधी आरोप लगाइन कि अगर चुनाव आयोग कथित तौर पर भाजपा के मदद कर रहा अहै औऱ उनका बढ़ावा देइ रहा अहै, तौ स्वाभाविक अहै कि भाजपा औऱ उनके नेता आयोग के कदमन् कय सही ठहरावे के कोशिश करिहैं। ऊ कहिन कि भाजपा नेतान् के चुनाव से पहिले कय गय आत्मविश्वास भर दावन औऱ जमीन पर लोगन् के बीच देखाई देनिब स्थिति मां अंतर नजर आवत अहै।
प्रियंका गांधी ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा काहे मांगिन?
प्रियंका गांधी के मुताविक, राहुल गांधी के तत्काल मांग अहै कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा देइ चाही। ऊ कहिन कि INDIA गठबंधन इहे मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट अहै औऱ गठबंधन के हरेक नेता अउर दल के इहे बात पर सहमति अहै कि जौन कुछ होइ रहा अहै, ऊ गैर-कानूनी अहै। ऊ इहो कहिन कि जिन लोगन् पर अइसन कदम उठावे के आरोप अहै, उनसे जवाब मांगा जाब चाही औऱ उनका जिम्मेदार ठहराया जाब चाही।
चुनाव आयुक्त का मिले कानूनी संरक्षण पर भी सवाल
प्रियंका गांधी चुनाव आयुक्तन् का मिले कानूनी संरक्षण कय मुद्दा भी उठाइन। ऊ कहिन कि इ सुरक्षा प्रावधान मौजूदा सरकार द्वारा लागू कीन गय अहैं औऱ चुनाव आयुक्तन् का उनके काम से जुड़ मामलों मां संरक्षण देवत अहैं। ऊ कहिन कि अगर कोई व्यक्ति देश के खिलाफ गैर-कानूनी काम कर रहा अहै, तौ अइसन सुरक्षा प्रावधानन् कय हटावा जाब चाही। प्रियंका गांधी गैर-कानूनी अउर आपराधिक गतिविधियन मां शामिल लोगन के खिलाफ मुकदमा चलावे के भी मांग कीन। हालांकि, चुनाव आयुक्तन् का मिले कानूनी संरक्षण के वास्तविक सीमा का समझे के खातिर संबंधित कानून अउर उस पर चलत कानूनी बहस कय अलग-अलग देखब जरूरी अहै। इका सीधे तौर पर इ कहब सही नाई होइ कि चुनाव आयुक्त के खिलाफ कवनो परिस्थिति मां मुकदमा नाई चल सकत अहै।
भाजपा पर भी साधा निशाना
वायनाड सांसद भाजपा पर चुनाव आयुक्त के बचाव करे के आरोप लगाइन। ऊ कहिन कि भाजपा सिर्फ चुनाव आयुक्त के बचाव नाई कर रही अहै, बल्कि अपने नेतृत्व का बचा रही अहै। प्रियंका गांधी आरोप लगाइन कि नेतृत्व के पूरा समर्थन के बिना चुनाव आयुक्त का इतने गंभीर गैर-कानूनी कार्यन मां शामिल होब संभव नाई अहै। ऊ कहिन कि अगर कोई चुनाव आयुक्त लोकतंत्र के खिलाफ इतना गंभीर अपराध कर रहा अहै, तौ उनके अनुसार इ व्यावहारिक रूप से संभव नाई अहै कि ऊ नेतृत्व के पूरा समर्थन के बिना अइसन कर रहा अहै।
विवाद के पृष्ठभूमि का अहै?
ज्ञानेश कुमार कय लेके मौजूदा विवाद कय चुनाव आयोग के कामकाज अउर विशेष रूप से मतदाता सूची से जुड़ कदमन् पर विपक्ष के आपत्तियन के संदर्भ मां देख जा रहा अहै। इ विवाद मां चुनाव आयोग के निर्णय लेवे के प्रक्रिया, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अउर चुनाव आयुक्तन् का मिले कानूनी संरक्षण जइसन मुद्दा चर्चा मां अहैं। विपक्ष के ओर से चुनाव आयोग के कवनो फैसला अउर प्रक्रिया का लेके सवाल उठाए गय अहैं, जबकि चुनाव आयोग अपने फैसला के बचाव कीन अहै।
