
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 31 जनवरी कय भारत कय सुरक्षा बरे स्वदेशी ‘प्रोजेक्ट कुशा’ एयर डिफेंस सिस्टम कय एक क्रांतिकारी कदम बताइन अउर इ सुरक्षात्मक भूमिका कय तुलना पौराणिक गोवर्धन पर्वत से करिन। हैदराबाद मा डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी (DRDL) मा एडवांस्ड वेपन सिस्टम कॉम्प्लेक्स कय उद्घाटन कय मौका पै सिंह कहिन कि आज हम इ भविष्यवाणी करत अहीं कि ‘प्रोजेक्ट कुशा’ भारत कय सुरक्षा व्यवस्था बरे गेम-चेंजर साबित होई।
‘प्रोजेक्ट कुशा’, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइज़ेशन (DRDO) द्वारा विकसित एक लंबी दूरी कय सरफेस-टू-एयर मिसाइल (SAM) डिफेंस सिस्टम अहै। इ रूस कय S-400 सिस्टम कय मुकाबला करै बरे बनावा गवा अहै अउर इमा तीन इंटरसेप्टर वैरिएंट अहैं जिनकै रेंज 150 km, 250 km अउर 400 km अहै। इ स्टील्थ एयरक्राफ्ट, ड्रोन अउर हाइपरसोनिक हथियारन से सुरक्षा करै बरे डिज़ाइन कीन गय अहै। इ 2028 अउर 2030 कय बीच ऑपरेशनल तौर पै तैनात कीन जाए कय उम्मीद अहै।
रक्षा मंत्री बताइन कि इ सिस्टम 2025 मा पहलगाम मा भवा आतंकी हमला कय जवाब मा शुरू कीन गय ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (तीनों सेना कय एक संयुक्त सैन्य अभियान) कय दौरान आपन प्रभावशीलता साबित कीन। ऊ कहिन कि इ दुनिया कय स्तर कय स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम अहै, जवन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ कय दौरान आपन अहमियत साबित कीन अहै। अब कउनो अउर सबूत कय ज़रूरत नाहीं अहै… ठीक वैसे ही जइसे द्वापर युग मा गोवर्धन पर्वत पूरे ब्रज क्षेत्र कय रक्षा कीन रहा, हमार एयर डिफेंस सिस्टम ऊ दौरान पूरे इलाके कय सुरक्षा कय कवच प्रदान कीन।
सिंह इ बात पै ज़ोर दीन कि ‘प्रोजेक्ट कुशा’ कई तरह कय खतरा – जइसे कि स्टील्थ एयरक्राफ़्ट, ड्रोन, क्रूज़ मिसाइल अउर बैलिस्टिक हथियार – से कई स्तरन वाली सुरक्षा देत अहै। रक्षा मंत्री भारत कय रक्षा क्षेत्र मा होत बड़ा बदलावन पै ज़ोर देत कहिन कि DRDO कय प्रयोगशालाएं, रक्षा क्षेत्र कय सरकारी उपक्रम, प्राइवेट इंडस्ट्रीज़, स्टार्टअप्स, MSME अउर एकेडेमिया पहले से कहीं ज़्यादा तालमेल कय साथ मिलिकै काम करत अहैं… इ साफ़ अहै कि इ मिलिकै काम करै कय मॉडल भारत कय इनोवेशन से प्रोडक्शन अउर प्रोडक्शन से ऑपरेशनल क्षमता तक कय यात्रा कय तेज़ करी; हमार पक्का विश्वास अहै। सरकार स्वदेशी रक्षा टेक्नोलॉजी कय विकास बरे DRDO पै बहुत भरोसा जतावा अहै।
ग्लोबल सिक्योरिटी चुनौतिन पै बात करत सिंह कहिन कि दुनिया अस्थिरता अउर उथल-पुथल कय दौर से गुज़र रही अहै, जहाँ कछू जगहन पै टकराव अहै, तौ कहीं अस्थिरता अहै, अउर कछू जगहन पै तौ सीधे युद्ध जइसन हालत बनत अहैं। इंटरनेशनल ऑर्डर तनाव अउर बदलाव कय दौर से गुज़रत अहै। पुरानी धारणा टूट रही अहैं अउर नवा गठबंधन व नवा चुनौतियां आकार लेत अहैं।