
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सुकवार कय भारत कय सुरक्षा खातिर स्वदेशी “प्रोजेक्ट कुशा” एयर डिफेंस सिस्टम कय एक क्रांतिकारी उपलब्धि बताइन अउर एकर सुरक्षा क्षमता कय तुलना पौराणिक गोवर्धन परबत से करिन। हैदराबाद मां DRDL (DRDO) मां एडवांस्ड वेपन सिस्टम कॉम्प्लेक्स कय उद्घाटन समारोह मां बोलत भये, रक्षा मंत्री इ सिस्टम कय रणनीतिक महत्व पर जोर दिहिन अउर कहिन, आज हम भविष्यवाणी करत अही कि प्रोजेक्ट कुशा भारत कय सुरक्षा स्थिति खातिर गेम-चेंजर साबित होइ।
प्रोजेक्ट कुशा एक स्वदेशी, लमहर दूरी कय सरफेस-टू-एयर मिसाइल (SAM) डिफेंस सिस्टम अहै जवने कय DRDO बनावत अहै। एकर डिजाइन रूस कय S-400 कय टक्कर देय खातिर भवा अहै अउर इ मां स्टील्थ एयरक्राफ्ट, ड्रोन अउर हाइपरसोनिक हथियन से सुरक्षा खातिर तीन इंटरसेप्टर वेरिएंट (150 किमी, 250 किमी अउर 400 किमी रेंज) शामिल अहैं। एकर 2028-2030 कय आसपास ऑपरेशनल रूप से तैनात होय कय योजना अहै।
उन्हों इ बात पर जोर दिहिन कि इ सिस्टम “ऑपरेशन सिंदूर” कय दौरान आपन असर देखावा अहै; इ 2025 मां पहलगाम मां भये आतंकी हमला कय बाद शुरू कीन गा तीनों सेनान कय एक सैन्य अभियान रहा। राजनाथ सिंह कहिन इ एक विश्व-स्तरीय स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम अहै, जवने ऑपरेशन सिंदूर कय दौरान आपन महत्व साबित कीन अहै। अब कवनो अउर सबूत कय जरूरत नाहीं अहै… जवन तरे द्वापर युग मां गोवर्धन परबत पूरे ब्रज क्षेत्र कय रक्षा कीन रहा, ओइसने ही हमार एयर डिफेंस सिस्टम ओय दौरान पूरे क्षेत्र कय सुरक्षा कवच दिहिस।
एडवांस्ड ग्लोबल सिस्टम्स कय मुकाबला करय खतिर डिजाइन कीन गा ‘प्रोजेक्ट कुशा’ मां तीन इंटरसेप्टर वैरिएंट अहैं जवने कय रेंज 150 km से 400 km कय बीच अहै। ये स्टील्थ एयरक्राफ्ट, ड्रोन, क्रूज़ मिसाइल अउर बैलिस्टिक हथियन जइसे ढेर सारा खतरन कय खिलाफ एक मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा कवच देवत अहैं।
रक्षा मंत्री बताइन कि देश कय डिफेंस इकोसिस्टम मां बहुत बड़ बदलाव होत अहै। उन्हों कहिन, “DRDO कय लैबोरेटरी, डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, प्राइवेट इंडस्ट्री, स्टार्टअप, MSME अउर एकेडेमिया पहिले से कहीं ज्यादा तालमेल के साथ काम करत अहैं… इ साफ अहै कि इ मिलके काम करय कय मॉडल इनोवेशन से प्रोडक्शन अउर प्रोडक्शन से ऑपरेशनल क्षमता तक भारत कय सफर कय तेज करी; हमका पूरा भरोसा अहै। सरकार स्वदेशी डिफेंस टेक्नोलॉजी कय विकास खातिर DRDO पर बहुत भरोसा जतावति अहै।”
सिंह इ बात पर भी जोर दिहिन कि दुनिया अस्थिरता अउर उथल-पुथल से गुजरति अहै, जंहा कछु जगहन पर संघर्ष अहै, कछु मां अस्थिरता अहै, अउर कछु मां तौ सीधे युद्ध जइसे हालात बनत अहैं। उन्हों कहिन कि अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था तनाव अउर बदलाव कय दौर से गुजरति अहै। पुरान धारणा टूटति अहैं, अउर नवा गठबंधन अउर नवा चुनौतियाँ आकार लेति अहैं।
उन्हों आगे कहिन कि अइसन माहौल मां, अगर कवनो देश आपन सुरक्षा अउर हित कय रक्षा करय चाहत अहै, तौ ओका दुई चीज़ कय जरूरत अहै: एक अहै मज़बूती (resilience), यानी कवनो भी झटका कय सहय अउर फेर से खड़ा होय कय क्षमता; अउर दूसरी अहै डेटरेंस (deterrence), यानी कवनो संभावित हमलावर कय मन मां इ डर पैदा करय कय क्षमता कि अगर उ गलत इरादे से हमार तरफ देखि, तौ ओका भारी कीमत चुकाय का पड़ी।
रक्षा मंत्री कहिन कि ग्लोबल वॉरफेयर तेज से बदलत अहै, जवने मां AI, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर अउर एडवांस्ड सेंसर टेक्नोलॉजी जइसे चीज़ें अहम भूमिका निभावत अहैं। उन्हों आगे कहिन कि दुनिया मां उथल-पुथल कय समय मां, ‘कुशा’ जइसे प्रोग्राम अउर DRDL जइसे संस्थान देश कय लोगन मां भरोसा जगावत अहैं। वे उनका यकीन दिलावत अहैं कि हम न तौ बाहरी अस्थिरता कय आगे झुकब अउर न ही आपन तैयारी मां कवनो कमी आवय देब।