
अयोध्या मां राम मंदिर कै दान कय कथित चोरी अउर वित्तीय गड़बड़ी कय जांच करत उत्तर प्रदेश सरकार कय विशेष जांच टीम (एसआईटी) बुधवार कय श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कय महासचिव चंपत राय अउर प्रशासक गोपाल राव से पूछताछ करिन। आधिकारिक सूत्र बताइन कि टीम दान कय रकम गिने, रेकॉर्ड राखे अउर मंदिर कय व्यवस्था से जुड़वा लोगन से भी सवाल-जवाब करिन। एसआईटी प्रमुख अउर लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस अउर वित्त विभाग कय विशेष सचिव नील रतन अलग-अलग पूछताछ करिन। टीम सीसीटीवी फुटेज, दान पेटियन अउर संबंधित दस्तावेज कय जांच करिन अउर रेकॉर्ड आपन कब्जा मां लइ लिहिन। दान मां मिलल गहना अउर कीमती धातुअन कय भंडार गृह कय भी निरीक्षण भवा। मामला मां अब तक तीन शिकायत दर्ज भवा अहै, पै पुलिस कउनो एफआईआर दर्ज नाई करिन अहै।
कुल 327.07 करोड़ रुपिया कय आय
राम मंदिर मां हर साल करोड़न रुपिया कय आय चढ़ावा अउर देश-विदेश से मिलल दान के रूप मां भवा। मंदिर कय सूत्र के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 मां अलग-अलग जरियन से कुल 327.07 करोड़ रुपिया कय आय भवा। इमा ऑनलाइन, आरटीजीएस, नकद, चेक आदि माध्यम से मिलल रकम सामिल अहै। कुल आय मां 153 करोड़ रुपिया दान के रूप मां मिलल, जबकि सुरक्षित राखल 1,400 करोड़ रुपिया कय धनराशि पर मिलल ब्याज से 173 करोड़ रुपिया कय आय भवा। वित्तीय वर्ष 2025-26 मां केवल चढ़ावा (हुंडी) से ही करीब 85 करोड़ रुपिया मिलल। दानपात्र मां जमा होवे वाली रकम कय ही चढ़ावा या हुंडी कहा जाला। चढ़ावा मां मिलल रुपिया गिने खतिव 44 कर्मचारी लाग अहैं। रोज औसतन 30 लाख रुपिया गिनल जाला। मंदिर परिसर मां करीब 44 दानपात्र लगावा गा अहैं।
मंदिर ट्रस्ट सबूत पेश करी
राम मंदिर मां चढ़ावा कय करोड़न रुपिया गायब करे वाले सूत्रधार बनल खुद कय लेखा प्रभारी बतावे वाले महिपाल सिंह कय बारे मां भी मंदिर ट्रस्ट सबूत पेश करी। एसआईटी कय जांच कय दौरान मंदिर चढ़ावा कय काउंटिंग हॉल मां हर तरह कय दस्तावेज कय जांच भवा जात अहै। सूत्र बताइन कि काउंटिंग हॉल कय रेकॉर्ड मां 2021 से लेके अब तक महिपाल सिंह कय लेखा प्रभारी या कैश इंचार्ज कय नियुक्ति कय कउनो पत्र अउर रेकॉर्ड नाई अहै। इ पता चला कि जौन तरह चढ़ावा कय वाउचर अउर बैंक मां जमा करे वाले डॉक्यूमेंट मां लेखा प्रभारी कय दस्तखत होत अहै, उनका दस्तखत कय कउनो डॉक्यूमेंट काउंटिंग सेल अउर बैंक मां नाई अहै। अइसन मां इ सवाल भी उठत अहै कि अपने कय लेखा प्रभारी बताय के कइसे उनकर चढ़ावा मां चोरी कय आरोप कय तूल दिया।