
कांग्रेस सांसद शशि थरूर शुक्रवार कय अमेरिका अउर ईरान कय बीच भवा शांति समझौता कय स्वागत करिन। उ कहिन कि एक “शांति-प्रिय देश” कय तौर पय भारत कय इ घटनाक्रम कय समर्थन करय कय चाहइ, काहे से इकर फायदा देश अउर दुनिया दुनौ कय होई। समझौता कय महत्व पय बात करत भवा थरूर कहिन कि इसे उ जरूरी चीजन् कय सप्लाई फेर से सुरू होइ जई जवन टकराव कय मारे रुक गई रही।
पत्रकारन से बात करत भवा कांग्रेस सांसद कहिन कि बात इ अहै कि हमार देश कय अइसन हालात कय बहुत अनुभव रहा अहै। एशिया मय, इहाँ तक कि दक्षिण कोरिया मय भी फैक्टरी बंद होइ रही थीं। ताहि से, अइसन हालात मय जब कउनो समाधान निकरता अउर शांति आवत अहै, तौ इ सबके लिए नीक अहै, दुनिया कय लिए नीक अहै।
उ भारत कय आर्थिक फायदा पय भी जोर दिहिन, खास कय जरूरी चीजन् कय आयात कय मामिला मय। थरूर आगे कहिन कि हमें उम्मीद अहै कि इकर बाद, हमार तेल अउर गैस, हमार फर्टिलाइजर, हमार एल्युमीनियम कय सप्लाई जवन उहाँ से आवत रही अउर जवन सप्लाई उहाँ फंसी रही, उ सब आ पई। ताहि से, जब इ सब होइ जई, तौ मोरे हिसाब से पूरा देश अउर दुनिया कय इकर फायदा होई।
ग्लोबल स्टेबिलिटी पय भारत कय रुख दोहरावत भवा उ कहिन, “मोर राय मय, हम एक शांति-प्रिय देश अही अउर हमें निस्चित रूप से इकर समर्थन करय कय चाहइ।”
उनकर इ बात तब सामनें आई अहै जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अउर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान वर्चुअली 14-पॉइंट वाले मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पय साइन करिन अहै। इकर मकसद दुनौ देसन कय बीच दुश्मनी खतम करय, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) कय फेर से खोलय अउर प्रतिबंध अउर ईरान कय परमाणु कार्यक्रम पय अंतिम समझौता कय लिए बातचीत कय 60-दिन कय प्रक्रिया सुरू करय अहै।