
ममता बनर्जी के अगुआ टीएमसी ने सोमवार का, पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष के, पार्टी के एक अलग गुट के नेता ऋताब्रता बनर्जी का विपक्ष का नेता मानै के फैसले के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की। जदी सुनवाई की मांग करत भए, टीएमसी के वकील अदालत का बताइन कि 18वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा का पहला सत्र 18 जून से शुरू होय वाला है।
न्यायमूर्ति कृष्णा राव, जिनके समने मामला अत्यावश्यकता के आधार पर रखा गा रहा, निर्देश दीन कि याचिका पर 11 जून का प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाए। उंन्होन याचिकाकर्ता के वकील का ई बीच मामला के पक्षकारन का नोटिस जारी करे का निर्देश दीन। याचिकाकर्ता के वकील अदालत का बताइन कि सदन के अध्यक्ष याचिका में मुख्य प्रतिवादी हवैन।
टीएमसी का बड़ा झटका लगा हव काहे से कि उनकर 80 विधायकन में से 58 जने ऋतब्रता बनर्जी का विपक्ष का नेता पद खातिर समर्थन दीन और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय का नकार दीन। हाल ही में भये विधानसभा चुनाव में भाजपा 207 सीट जीती, जबकि टीएमसी का 80 सीट मिला।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय सोमवार का कहेन कि ऊ भाजपा के दल-बदल के प्रस्ताव का ठुकरा दिहिन हव। उंन्होन जोर देके कहेन कि ऊ उहे पार्टी में रहिहैं जवन चुनाव चिन्ह पर ऊ चुने गए रहे। साथ ही उंन्होन विपक्षी इंडिया ब्लॉक का ई कठिन समय में टीएमसी का सहारा देवे का श्रेय दीन।
रॉय समाचार एजेंसी एएनआई का बताइन, “हाँ, हमका भाजपा से पार्टी में शामिल होय के प्रस्ताव मिला रहा। लेकिन हम ओका अस्वीकार कर दिहेन। हम उहे पार्टी में रहब जवने चुनाव चिन्ह पर हम चुनाव जीतल हई।” रॉय कहेन कि पार्टी लगातार दबाव में हव और सहयोगियन के समर्थन ओका मजबूत करी। उंन्होन कहेन कि टीएमसी का लगातार निशाना बनावा जात हव और उन पर हमला कीन जात हव। अगर अन्य पार्टी टीएमसी का समर्थन करहीं, तव इससे टीएमसी का मजबूती मिली।