
कारीगरन का ट्रेनिंग अउर 25 प्रतिशत अनुदान, ‘ODOP-Food’ से बढ़ी रोजगार
टेक्सटाइल पार्कन का भी मंजूरी, ‘ब्रांड यूपी’ का मिली एक नया बल
लेख
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम अउर वस्त्रोद्योग विभाग
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु अउर मध्यम उद्यम, खादी व ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा अउर वस्त्रोद्योग मन्त्री श्री राकेश सचान सोमवार का मंत्रिपरिषद के फैसलों के जानकारी देवत भए बताइन कि योगी सरकार ने ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) के बहुत बड़ी कामयाबी के बाद अब ‘एक जनपद एक व्यंजन’ (ODOP-Food) योजना का मंजूरी दइ दिहिस अअइ।
मन्त्री सचान बताइन कि एही बड़ी योजना के असली मकसद प्रदेश के हर एक जिला के पुरान अउर खास पकवानन (व्यंजनों) का देस-दुनिया के स्तर पर पहिचान दिवाउब अअइ। एकरे तहत हर जिला के मशहूर पकवानन के पहिचान कइके उनका सुरक्षित अउर मानकीकृत (Standardized) कीन जाई। साथहीं, पकवानन के क्वालिटी सुधारे, बढ़िया पैकिंग, ब्रांडिंग अउर ऊ ज्यादा दिन तक ताजा रहि सकें (Shelf life), एही पर खास ध्यान दीन जाई।
ऊ कहिन कि एही योजना के तहत पकवान बनावै वाले कारीगरन, हलवाइयन, खाद्य व्यापारियन अउर मज़दूरन का नई तकनीक के ट्रेनिंग दीन जाई। साथे उनका अलग-अलग मेलन, फेस्टिवल अउर प्रदर्शनियन के जरिया बाजार भी दिलवाया जाई। एसे न खाली हमार पुरान पकवानन का एक नई पहिचान मिली, बल्कि गाँव-सहर मा रोजगार के नए मौके बनिहैं अउर कारीगरन के कमाई मा बढ़ोत्तरी होई।
मन्त्री सचान बताइन कि योजना का नीक से चलावै बरे जिला स्तर पर जिलाधिकारी (DM) के अगुवाई मा एक टीम (समिति) बनाई जाई, जेहमा विश्वविद्यालयन, तकनीकी स्कूलन, खाद्य विभाग अउर पर्यटन विभाग के लोग शामिल होइहैं। ई टीम गाँव-घर के लोगन से सलाह-मशविरा कइके पकवानन का चुनी अउर उनके विकास बरे काम करी। ऊ कहिन कि सरकार द्वारा एही योजना बरे रुपियन के मदद भी दीन जाई, जेकरे तहत व्यापारियन का 25 प्रतिशत तक के अनुदान (अधिकतम ₹20 लाख) दीन जाई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट मा एही योजना बरे ₹150 करोड़ के इंतजाम कीन गवा अअइ।
मन्त्री सचान ने ई बात भी बताई कि प्रदेश के पकवान बेचइ वालेन अउर हलवाइयन के एक बहुत बड़ा राज्यस्तरीय सम्मेलन बहुत जल्दी ही लखनऊ मा कीन जाई। एही बइठक मा मास्टरन अउर विशेसन द्वारा बढ़िया पैकिंग, क्वालिटी अउर नए तरीका से सामान बेचइ के जानकारी दीन जाई, अउर पुरान पकवानन के प्रदर्शनी भी लगाई जाई।
एकरे साथे ही मंत्रिपरिषद ने प्रदेश मा कपड़ा के धंधा (टेक्सटाइल सेक्टर) का बढ़ावा देइ बरे बहुत जरूरी फैसला लीनिस अअइ। सरकार ने अलग-अलग जिला—अमरोहा, बहेड़ी (बरेली), संतकबीरनगर अउर नगीना (बिजनौर) मा बंद पड़ी सूत कताई मिलन के जमीन का टेक्सटाइल विभाग का सौंपइ के मंजूरी दइ दिहिस अअइ। इन सब जगह पर ‘टेक्सटाइल पार्क’ बनाए जाइहैं, जेहसे बहुत बड़े स्तर पर पइसा के निवेश होई अउर गाँव के लोगन का काम-धंधा मिली।
मन्त्री राकेश सचान कहिन कि योगी सरकार प्रदेश मा ‘ब्रांड यूपी’ के सोच का अउर मजबूत करइ बरे लगातार काम कइ रही अअइ। ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना अउर टेक्सटाइल पार्कन के बनइ से प्रदेश के पुरान धरोहर का एक नई पहिचान मिली अउर व्यापारिक तरक्की का नई रफ्तार प्राप्त होई।




