जीवनशैली

काहें 90% मेहरारू लोगन क ही बनावत हय ल्यूपस (Lupus) अपना निशाना?

जरा सोचिए, जउन इम्यून सिस्टम शरीर क ढाल होत हय, वही अगर शरीर क दुश्मन बन जाई त का होई? ल्यूपस (Lupus) ठीक अइसने एक क्रॉनिक ऑटोइम्यून बीमारी हय। इ जोड़े, त्वचा, किडनी अउर फेफड़न समेत शरीर क कइयन अहम अंगन क धीरे-धीरे नुकसान पहुँचावत हय, लेकिन सबसे चौंकावे वाली बात इ हय कि इ मरदन क मुकाबले मेहरारू लोगन क कइयन गुना जादा निशाना बनावत हय। दुनिया भर में ल्यूपस क कुल मामलन में से 90% खाली मेहरारू लोगन में, खास कइके 15 से 44 बरिस क उमिर में देखल जात हय। आखिर मेहरारू लोगन में ही इ बीमारी क खतरा इत्ता जादा काहें हय? आइए एकर पाछे छिपे कारणन क समझत अहीं।

लक्षणन क पहचान करब काहें कठिन हय?

ल्यूपस क सुरुवाती पहचान कठिन होत हय काहें से कि एकर लक्षण बहुत सामान्य होत हयं। बहुत थकान, जोड़े में दरद, बुखार, बार झड़ब, रेशैज अउर याददास्त में कमी जइसन लक्षण कइयन अउर कारणन से होइ सकत हयं। इहे मारे अगर इनमें से कइयन लक्षण बार-बार देखल जाइ, त डॉक्टर से सलाह लेब बहुत जरूरी हय।

हार्मोन क परभाव

मेहरारू लोगन में एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन क स्तर मरदन क तुलना में जादा होत हय, खास कइके उनकर रिप्रोडक्टिव एज (15-44 बरिस) क दौरान। इहे समय में ल्यूपस क सबसे जादा मामला दर्ज कीन जात हय। पीरियड्स, प्रेग्नेंसी अउर मेनोपॉज क दौरान होवे वाले हार्मोनल बदलाव इम्यून सिस्टम क एक्टिविटी क परभावित कइ सकत हयं, जउन मेहरारू लोगन में ल्यूपस क लक्षणन क ट्रिगर कइ सकत हय। हालाँकि, अभी तक कउनो ठोस सबूत नइखे मिलल कि एस्ट्रोजन हार्मोन ल्यूपस क सीधा कारण हय।

जेनेटिक्स अउर X क्रोमोसोम

मेहरारू लोगन में दू गो X क्रोमोसोम होत हय, जबकि मरदन में एक X अउर एक Y क्रोमोसोम होत हय। इम्यून सिस्टम से जुड़ल कइयन अहम जीन X क्रोमोसोम पर स्थित होत हयं। मेहरारू लोगन क इम्यून सिस्टम में इन जीनन क एक्टिविटी उनका इन्फेक्शन क खिलाफ जादा सुरक्षा देत हय, लेकिन इहे शरीर क खिलाफ काम करब क खतरा भी बढ़ा देत हय। आसान सब्दन में कहल जाइ त, मेहरारू लोगन क इम्यून सिस्टम मरदन क तुलना में जादा रिएक्टिव होत हय।

पर्यावरण से जुड़ल ट्रिगर्स

खाली जेनेटिक्स ही ल्यूपस क कारण नइखे बनत, लेकिन इ रिस्क जरूर बढ़ा देत हय। एकरे साथ मिल क पर्यावरण से जुड़ल कुछ फैक्टर्स, जइसन- सूरुज क रोशनी, स्ट्रेस, वायरल इन्फेक्शन, स्मोकिंग, प्रदूषण अउर केमिकल्स ल्यूपस क ट्रिगर कइ सकत हयं।

कउन मेहरारू लोगन में हय जादा खतरा?

ल्यूपस सब मेहरारू लोगन क एक बराबर परभावित नइखे करत। शोध बतावत हय कि ब्लैक, हिस्पैनिक, एशियाई अउर इंडिजीनस मेहरारू लोगन में इ बीमारी क खतरा जादा होत हय। ब्लैक मेहरारू लोगन में ल्यूपस होवे क खतरा व्हाइट मेहरारू लोगन क तुलना में तीन गुना जादा होत हय। एकरे पाछे जेनेटिक कारणन क साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच में कमी, देरी से पता चलब अउर सामाजिक-आर्थिक कारक भी जिम्मेदार होइ सकत हयं।

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