
बरसात कै मौसम भयंकर गर्मी से तौ राहत जरूर दिवाय देत हय, पै इकरे साथ-साथ इ सांस से जुड़ै इन्फेक्शन खातिर भारी खतरा भी लइ आवत हय। वातावरण मां बढ़ी भई नमी, घटत-बढ़त तापमान, जहवा-तहवा पानी कै भराव अउर लोगन कै भीड़-भाड़ मां रहब बैक्टीरिया, वायरस अउर फंगस का पनपै अउर फैलै कै मौका देत हय। इहे कारन अहै कि सामान्य सर्दी-जुकाम, इन्फ्लुएंजा, ब्रोंकाइटिस अउर निमोनिया लोगन मां आम होइ जात हय। कुछ लोगन कै शरीर तौ इन बीमारियन खातिर बहुतै संवेदनशील (सेंसिटिव) होत हय। इहां पल्मोनोलॉजी डिपार्टमेंट, मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, साकेत से डॉ. विवेक नांगिया बतावत अहैं कि केहिका बरसात मां सांस से जुड़ै इन्फेक्शन कै जियादा खतरा रहत हय।
बरसात मां केहिका रहत हय सांस से जुड़ै इन्फेक्शन कै जियादा खतरा?
डॉ. विवेक नांगिया कहत अहैं कि लरिकन, बुजुर्गन, गर्भवती मेहरारू अउर फेफड़ा कै समस्या जइसन COPD, अस्थमा या ब्रोंकाइटिस पहिले से झेलत लोग बरसात कै मौसम मां इन्फेक्शन के प्रति जियादा संवेदनशील होत अहैं। इकरे अलावा, जउन लोगन का डायबिटीज, दिल या किडनी से जुड़ै बीमारी, कैंसर अउर जउन केउ इम्यूनोसप्रेसिव थेरेपी लइ रहल अहैं, ओनका भी इन्फेक्शन कै जियादा खतरा रहत हय। स्मोकिंग अउर हवा कै प्रदूषण (एयर पलूशन) के संपर्क मां आय से फेफड़ा कमजोर होइ जात हय अउर इकरे से भी लोग इन्फेक्शन कै चपेट मां जियादा जल्दी आ जात अहैं।
बचाव खातिर का करैं?
कुछ आसान तरीका अपनाय के सांस से जुड़ै इन्फेक्शन कै खतरा कम कीन जाइ सकत हय, जेकरे बारे मां डॉ. विवेक नांगिया इहां बतावत अहैं:
- बराबर हाथ धोवत रहैं।
- बीमार व्यक्ति से नजदीक संपर्क मां न आवैं।
- भीड़भाड़ मां जात बखत मास्क पहिनैं।
- घर कै भीतर हवा-पानी कै निक रास्ता (वेंटिलेशन) रखैं।
- पूरा नींद लियैं।
- हेल्दी खाना खायें।
- पानी पियत रहैं अउर शरीर का हाइड्रेटेड रखैं।
- अस्थमा या COPD कै मरीज रेगुलर इनहेलर लियैं अउर रेस्क्यू मेडिसिन तैयार रखैं।
- सीजनल अउर निमोनिया कै वैक्सीनेशन लगवायें (जउन लोगन का खतरा जियादा अहै)।
मॉनसून मां होइ वाल जियादातर इन्फेक्शन वायरल होत अहैं अउर अइसन केस मां एंटीबायोटिक काम नाहीं करत हय। वइहीं, बिना बात या बिना सोचे-समझे एंटीबायोटिक लीन जाइ तौ इ एंटीमाइक्रोबियल बन जात हय, जेसे भविष्य मां होइ वाल इन्फेक्शन से लड़ै मां शरीर का दिक्कत होत हय। एक्सपर्ट सलाह देत अहैं कि दवा हमेशा डॉक्टर से बात कइके ही लियै का चाही। उनकर मानब अहै कि समय रहत बरती गई सावधानी कउनो गंभीर बीमारी का रोक सकत हय अउर अस्पताल जाय से बचाय सकत हय।



