
दांतन का एक सीध मा लावै खातिर अब मनई ‘इनविजलाइन एलाइनर्स’ क सहारा लेत अहैं। ब्रेसेस क तुलना मा इनका साफ-सुथरा लुक मनई खातिर एक नीक विकल्प बनावत है। खाली देखै मा नीक लागब ही नाहीं, इनविजलाइन एलाइनर्स चुनै से पहिले कउन बातन क ख्याल रखब जरूरी अहै अउर ब्रेसेस के मुकाबले इ केतना अलग अउर आरामदायक अहै, इ बतावत अहैं डेंटिस्ट डॉ. आस्था त्यागी।
ब्रेसेस से केतना अलग अहैं इनविजलाइन एलाइनर्स
इ ब्रेसेस क विकल्प के रूप मा इस्तेमाल कीन जात है, जेका जरूरत पड़ै पर निकाला जा सकत है। वइसे त इ इलाज भी दांतन का सीधा करै खातिर होत है, मुला मैटल ब्रेकेट्स क जगह इ प्लास्टिक ट्रे नियन होत है। इहै वजह से ब्रेसेस की नाईं इ फिक्स नाहीं होत, आप जरूरत पड़ै पर एका निकाल भी सकत ह्यौ।
इन परिस्थितियों मा लगावत अहैं एलाइनर्स
दांतन का सीधा करै खातिर ओवरबाइट, अंडरबाइट अउर क्रॉसबाइट क परेशानी होय पर एका लगातार लगाउब नीक नतीजा देत है।
इनविजलाइन या क्लियर एलाइनर्स क इलाज सफल बनावै खातिर आपक एका अपनी आदत मा सामिल करै का परी। एका हर दिन 20-22 घंटा लगाउब सबसे जरूरी अहै। एका खाली खाना खाय अउर ब्रश करै खातिर ही निकालै का रहत है। पानी पियै खातिर एका निकालै क कउनो जरूरत नाहीं।
लगातार ना लगावै के इ नुकसान होय सकत अहैं:
दांत ओतना नाहीं घूमिहैं, जेते क उम्मीद कीन गय है।
इलाज मा लंबा समय लागि सकत है।
मनमुताबिक नतीजा ना मिलै क डर रहत है।
इन बातन क ध्यान राखें
हर बार खाना खाय के बाद एलाइनर्स लगावै से पहिले ब्रश करब जरूरी अहै। अइसन ना करै पर बैक्टीरिया अउर एसिड मिलि के दांतन मा सड़न पैदा करि सकत अहैं। पानी के अलावा कउनो दूसर तरल चीज पियै से पहिले इ देखि लें कि ओमा कउनो बनावटी रंग (आर्टिफिशियल कलर) तौ नाहीं है। ओसे एलाइनर्स पर दाग-धब्बा लगि सकत है। ट्रेवलिंग के दौरान भी अपने एलाइनर्स क सफाई क ख्याल राखें। अपने साथ एलाइनर्स क डिब्बा (केस), सफाई वाली टैबलेट जइसन जरूरी चीज रखब ना भूलें।
अइसन होब सामान्य अहै
दबाव महसूस होब
कुछ दांतन मा हल्की सूजन
मसूढ़न पर हल्की जकड़न
गाल या जीभ पर असहज महसूस होब
दांतन का एक सीध मा लावै खातिर अब मनई ‘इनविजलाइन एलाइनर्स’ क सहारा लेत अहैं। ब्रेसेस क तुलना मा इनका साफ-सुथरा लुक मनई खातिर एक नीक विकल्प बनावत है। खाली देखै मा नीक लागब ही नाहीं, इनविजलाइन एलाइनर्स चुनै से पहिले कउन बातन क ख्याल रखब जरूरी अहै अउर ब्रेसेस के मुकाबले इ केतना अलग अउर आरामदायक अहै, इ बतावत अहैं डेंटिस्ट डॉ. आस्था त्यागी।
ब्रेसेस से केतना अलग अहैं इनविजलाइन एलाइनर्स
इ ब्रेसेस क विकल्प के रूप मा इस्तेमाल कीन जात है, जेका जरूरत पड़ै पर निकाला जा सकत है। वइसे त इ इलाज भी दांतन का सीधा करै खातिर होत है, मुला मैटल ब्रेकेट्स क जगह इ प्लास्टिक ट्रे नियन होत है। इहै वजह से ब्रेसेस की नाईं इ फिक्स नाहीं होत, आप जरूरत पड़ै पर एका निकाल भी सकत ह्यौ।
इन परिस्थितियों मा लगावत अहैं एलाइनर्स
दांतन का सीधा करै खातिर ओवरबाइट, अंडरबाइट अउर क्रॉसबाइट क परेशानी होय पर एका लगातार लगाउब नीक नतीजा देत है।
इनविजलाइन या क्लियर एलाइनर्स क इलाज सफल बनावै खातिर आपक एका अपनी आदत मा सामिल करै का परी। एका हर दिन 20-22 घंटा लगाउब सबसे जरूरी अहै। एका खाली खाना खाय अउर ब्रश करै खातिर ही निकालै का रहत है। पानी पियै खातिर एका निकालै क कउनो जरूरत नाहीं।
लगातार ना लगावै के इ नुकसान होय सकत अहैं:
दांत ओतना नाहीं घूमिहैं, जेते क उम्मीद कीन गय है।
इलाज मा लंबा समय लागि सकत है।
मनमुताबिक नतीजा ना मिलै क डर रहत है।
इन बातन क ध्यान राखें
हर बार खाना खाय के बाद एलाइनर्स लगावै से पहिले ब्रश करब जरूरी अहै। अइसन ना करै पर बैक्टीरिया अउर एसिड मिलि के दांतन मा सड़न पैदा करि सकत अहैं। पानी के अलावा कउनो दूसर तरल चीज पियै से पहिले इ देखि लें कि ओमा कउनो बनावटी रंग (आर्टिफिशियल कलर) तौ नाहीं है। ओसे एलाइनर्स पर दाग-धब्बा लगि सकत है। ट्रेवलिंग के दौरान भी अपने एलाइनर्स क सफाई क ख्याल राखें। अपने साथ एलाइनर्स क डिब्बा (केस), सफाई वाली टैबलेट जइसन जरूरी चीज रखब ना भूलें।
अइसन होब सामान्य अहै
दबाव महसूस होब
कुछ दांतन मा हल्की सूजन
मसूढ़न पर हल्की जकड़न
गाल या जीभ पर असहज महसूस होब




