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प्रदेश मा उन्नत तकनीक के साथ औद्यानिक क्रांति से शाहजहाँपुर मा अमीर होत किसान

शाहजहाँपुर के किसान गोविन्द सिंह अउर अमरीक सिंह 'एकीकृत बागवानी विकास मिशन' के मदद से अमरूद के बाग अउर पॉलीहाउस से लाखन रुपिया कमाय रहे अहैं।

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के किसानन के कमाई बढ़ावै अउर उनका आत्मनिर्भर बनावै के संकल्प के साथे लगातार काम कइ रही अअइ। प्रदेश के खेती-किसानी मा नयापन ल्यावै अउर पुरान खेती के साथे-साथे नई तकनीक का जोड़इ बरे सरकार द्वारा कइयौ औद्यानिक विकास योजना चलाई जाइ रही अहैं। मा0 मुख्यमन्तरी जी के अगुवाई मा राज्य के उद्यान विभाग इन योजनन का जमीन पर उतारइ बरे पूरी तना लाग अअइ, जेकर मकसद ई अअइ कि प्रदेश के किसान अपनी मेहनत अउर नई खेती के तरीका से आर्थिक रूप से मजबूत होय सकइँ। फल, सब्जी अउर फूलन के खेती का बढ़ावा देइ बरे सरकार द्वारा पइसा के मदद (सब्सिडी), ट्रेनिंग अउर बाजार दिलवावै जइसन कड़े कदम उठाए गइन अहैं। इन कोशिश के बहुत बड़ा असर गाँव के अर्थव्यवस्था पर दिखाई दइ रहा अअइ अउर किसान अब पुरान फसलन के जगह नगदी फसलन के ओर खिंचे चले आवत अहैं।

प्रशासनिक स्तर पर इन योजनन का काम जिला प्रशासन के देख-रेख मा बहुत बढ़िया तरीका से कीन जाइ रहा अअइ। जिला प्रशासन द्वारा चलाई जाइ रही ‘एकीकृत बागवानी विकास मिशन’ (MIDH) जइसन जरूरी योजना किसानन के जिंदगी पूरी तना बदलि रही अअइ। जिला शाहजहाँपुर मा एही मिशन के तहत कीन गइन कोशिश एक मिसाल बनि चुकी अहैं। प्रदेश सरकार के मंशा के मुताबिक, प्रशासन किसानन का नई खेती बरे तैयार कीनिस अअइ अउर उनका तकनीकी जानकारी भी दिहिस अअइ।

एही कड़ी मा शाहजहाँपुर के ग्राम गंगसरा पुवायाँ के एक प्रगतिशील किसान श्री गोविन्द सिंह के कामयाबी के कहानी बहुत काबिल-ए-तारीफ अअइ। पहिले ऊ खाली पुरान तरीका से खेती करत रहे, जेहसे बढ़ता खरचा अउर घटती कमाई उनके बरे एक बहुत बड़ी चुनौती रही। जब उनका सरकार के औद्यानिक विकास योजनन अउर एकीकृत बागवानी विकास मिशन के बारे मा पता चला, त ऊ जिला प्रशासन के सलाह पर अपनी खेती के तरीका बदलि दिहिन। ऊ पुरान फसलन के जगह 2.00 हेक्टेयर जमीन पर अमरूद के बागवानी शुरू कीनिन। सरकार द्वारा मिली रुपियन के मदद अउर तकनीकी सलाह उनके एही फैसले का कामयाब बनावै मा बहुत काम आई।

एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत अमरूद के बढ़िया क्वालिटी के पेड़ सरकारी नियमन के हिसाब से लगाए गइन। एही प्रोजेक्ट मा प्रति हेक्टेयर लगभग ₹1.50 लाख के खरचा आवा, जेहमा सरकार से मिली मदद ने किसान के हिम्मत बढ़ाई। जब फसल तैयार भई, त ओका बेचइ के समस्या का दूर करइ बरे भी प्रदेश सरकार अउर जिला प्रशासन के टीम ने पूरा सहयोग कीनिस। उद्यान विभाग अउर मण्डी समितियन के तालमेल से फसल का सीधे खेत से ही व्यापारियन ने खरीद लीन, जेहसे किसान का बिचौलियन से छुटकारा मिला अउर फसल के बढ़िया दाम भी मिला। श्री गोविन्द सिंह का सब खरचा काटइ के बाद लगभग ₹2.00 से ₹2.25 लाख प्रति हेक्टेयर के शुद्ध मुनाफा भवा। उनके ई कामयाबी न खाली उनके खुद के कमाई मा बढ़ोत्तरी अअइ, बल्कि ई बात के पक्का सबूत अअइ कि कैसे सरकारी योजनन के सही इस्तेमाल से खेती एक फायदेमन्द धंधा बनि सकत अअइ।

एही तना, प्रदेश सरकार द्वारा सुरक्षित खेती का बढ़ावा देइ बरे ‘पॉलीहाउस’ अउर ‘शेडनेट हाउस’ जइसन आधुनिक सुविधायन बरे बहुत ज्यादा सब्सिडी दीन जाइ रही अअइ। शाहजहाँपुर के ही एक दूसर किसान श्री अमरीक सिंह एही तकनीक के फायदा उठावत भए अपने खेत पर पॉलीहाउस बनवाए अहैं। जिला प्रशासन के जरिया उनका न खाली रुपियन के मदद मिली, बल्कि नई खेती के तरीका भी सिखाए गइन। पॉलीहाउस तकनीक से अब बेमौसमी सब्जियन अउर महँगी फसलन का पैदा करब मुमकिन भवा अअइ, जेहसे किसान का साल भर पक्का मुनाफा होत है। सरकार के इन नीतियन ने खेती मा नयापन ल्यावै के साथे-साथे नौजवानन का भी खेती के ओर मोड़ दिहिस अअइ।

आज इलाका के दूसर किसान भी पुरान खेती छोड़िके बागवानी अउर नगदी फसलन के ओर खिंच रहे अहैं, जेहसे प्रदेश मा एक नई आर्थिक क्रांति शुरू होय गई अअइ। प्रदेश सरकार अउर जिला प्रशासन के मिलि-जुली कोशिश से ‘आत्मनिर्भर किसान, समृद्ध प्रदेश’ के सपन सच होत दिखाई दइ रहा अअइ, जहाँ सही योजना, लगन अउर सरकारी मदद से किसान अपनी तकदीर खुदै लिखि रहे अहैं।

जनपद-शाहजहाँपुर

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