उत्तर प्रदेश मा काम-धंधा अउर रोजगार बढ़ावै का एक नई दिशा देवत भए मुख्यमन्तरी योगी आदित्यनाथ जी के बढ़िया अगुवाई मा अब एका पूरी दुनिया के स्तर पर फइलावइ के एक मजबूत योजना अपनाई गई अअइ। सरकार द्वारा प्रदेश के नौजवानन का अब खाली अपने देस मा नाहीं, बल्कि विदेशन मा भी नौकरी दिवावै के दिशा मा बहुत बड़े काम कीन जाइ रहे अहैं। सेवायोजन निदेशालय के देख-रेख मा चलि रहा ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ एही दिशा मा एक बहुत बड़ी कड़ी बनके उभरा अअइ, जेहने राज्य के नौजवानन बरे पूरी दुनिया मा तरक्की के दुआर खोलि दिहिस अअइ।
उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के माध्यम से प्रदेश के नौजवानन का विदेशन मा नौकरी दिवावै के काम अब बहुत बढ़िया अउर कानूनी तरीका से कीन जाइ रहा अअइ। एही काम बरे मिशन द्वारा विदेश मन्त्रालय, भारत सरकार से बाकायदा ‘आधिकारिक रिक्रूटिंग एजेंसी’ के लाइसेंस लिया गवा अअइ, जेहसे ई पक्का होय सके कि विदेशन मा नौकरी मिलइ के ई पूरा काम सुरक्षित, साफ-सुथरा अउर भरोसेमंद तरीका से होय।
प्रदेश के हजारन नौजवानन का इसराइल जइसन देसन मा मकान अउर बिल्डिंग बनावै (निर्माण क्षेत्र) मा नौकरी के मौके उपलब्ध कराय गइन अहैं। लगभग 9000 मज़दूरन का चुना गवा रहा, जेहमा से 6004 मज़दूर विदेश जाइ चुके अहैं। एसे प्रदेश का हर साल लगभग ₹1400 करोड़ के विदेशी रुपिया (रेमिटेंस) मिली, जउन राज्य के अर्थव्यवस्था का अउर मजबूत करी। एकरे अलावा, 1336 मज़दूरन का इसराइल भेजइ के काम चलि रहा अअइ अउर फरवरी 2026 मा भी 245 मज़दूरन का चुना गवा अअइ। इन मज़दूरन का पुलिस वेरिफिकेशन अउर डाक्टरी जाँच जइसन सब काम पूरा करइ के बाद विदेश भेजा जाई।
रोजगार मिशन के ई पहल खाली मकान बनावै के काम तक सीमित नाहीं अअइ। आज के बखत मा 5000 केयरगिवर्स (देख-रेख करइ वाले) का इसराइल अउर जापान मा तथा 1000 नर्सन का जर्मनी भेजइ के काम चलि रहा अअइ। प्रदेश सरकार के एही कोशिश से उत्तर प्रदेश के नौजवानन का स्वास्थ्य सेवा जइसन बड़े क्षेत्रन मा भी विदेश जाइ के मौके मिलि रहे अहैं। एकरे अलावा प्रदेश के हुनरमंद, थोड़े पढ़े-लिखे अउर तकनीकी कारीगरन का दुबई अउर ओमान जइसन देसन मा लगभग 2000 नौजवानन का अलग-अलग कम्पनियन द्वारा नौकरी पर रखा गवा अअइ। ई विविधता ए बात के साफ निसान अअइ कि प्रदेश के नौजवानन के मांग अब पूरी दुनिया मा बढ़ि रही अअइ अउर ऊ अलग-अलग क्षेत्रन मा अपनी पहिचान बनाय रहे अहैं।
प्रदेश मा रोजगार बढ़ावै बरे ‘रोजगार मेलन’ के भूमिका भी बहुत बड़ी रही अअइ। सेवायोजन निदेशालय द्वारा लगाए गए इन मेलन के जरिया प्राइवेट कम्पनियन मा बहुत भारी संख्या मा नौजवानन का नौकरी मिली अअइ। आज के सरकार के बखत मा 01 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2026 तक 13,698 रोजगार मेलन अउर कैम्पस प्लेसमेण्ट के जरिया 17,26,163 नौजवानन का नौकरी के मौके दइ दीन गइन। प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए इन रोजगार मेलन नौजवानन अउर नौकरी देइ वाली कम्पनियन के बीच एक बहुत बढ़िया पुल के काम कीनिन अअइ।
नौकरी के साथे-साथे सही रास्ता देखाउब भी उतना ही जरूरी होत है। एही मकसद से प्रदेश के सेवायोजन दफ्तरन द्वारा बहुत बड़े स्तर पर करियर काउन्सिलिंग (सलाह-मशविरा) के कार्यक्रम चलाए जाइ रहे अहैं। 01 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2026 तक 29,172 काउन्सिलिंग कार्यक्रमान मा 33,11,737 नौजवान हिस्सा लीनिन। इन कार्यक्रमान के जरिया नौजवानन का पढ़ाई, ट्रेनिंग अउर नौकरी के अलग-अलग मौकन के बारे मा बतावा गवा, जेहसे ऊ अपने करियर का सही दिशा मा आगे बढ़ाय सकइँ।
रोजगार मिशन के तहत ‘इंडस्ट्री कनेक्ट’ कार्यक्रम कइके कम्पनियन अउर नौजवानन के बीच सीधे बातचीत करवाई जाइ रही अअइ। 22 अगस्त 2025 का ग्रेटर नोएडा मा आयोजित कार्यक्रम मा कइयौ कम्पनियन, स्कूल-कॉलेजों अउर विभाग के अधिकारिन हिस्सा लीनिन। अइसन कार्यक्रमान से कम्पनियन के जरूरत अउर नौजवानन के हुनर के बीच तालमेल बनत है, जेहसे नौकरी के मौके बढ़त अहैं अउर स्किल गैप (हुनर के कमी) का कम करइ मा मदद मिलत है।
प्रदेश मा आयोजित ‘रोजगार महाकुम्भ’ कार्यक्रमान भी रोजगार बढ़ावै मा बहुत बड़ी भूमिका निभाइन अअइ। अगस्त 2025 मा लखनऊ मा आयोजित रोजगार महाकुम्भ मा 16,212 नौजवानन का चुना गवा, जेहमा से 1612 नौजवानन का यू0ए0ई0 अउर ओमान जइसन देसन मा नौकरी मिली अअइ। एही तना गोरखपुर मा आयोजित इंटरनेशनल प्लेसमेण्ट इवेण्ट अउर वाराणसी मा आयोजित काशी सांसद रोजगार महाकुम्भ मा भी हजारन नौजवानन का काम मिला। प्रदेश मा अब रोजगार के मौकन के दायरा लगातार बढ़ि रहा अअइ।
वाराणसी मा आयोजित इंटरनेशनल मोबिलिटी कॉन्क्लेव मा दुनिया के कइयौ संगठनन, रिक्रूटिंग एजेंसियन अउर सरकारी अधिकारिन हिस्सा लीनिन। एही मंच पर सुरक्षित अउर सही तरीका से विदेश जाइ (Ethical Migration) पर खास बातचीत कीन गई। एकरे अलावा यूरोपियन यूनियन के साथे मिलिके कार्यशाला (वर्कशॉप) के आयोजन कइके अंतरराष्ट्रीय तालमेल का अउर मजबूत कीन गवा। अइसन कोशिश ई पक्का करत अहैं कि प्रदेश के नौजवानन का विदेशन मा सुरक्षित अउर आदर के साथे नौकरी मिले।
मेहरारुन का रोजगार के क्षेत्र मा आगे बढ़ावै बरे ‘पिंक रोजगार महाकुम्भ’ के आयोजन कीन गवा रहा। एही कार्यक्रम मा 2765 मेहरारुन का नौकरी बरे चुना गवा, जेहमा से 79 मेहरारुन का विदेशन मा काम करइ के मौका मिला। ई पहल देखावत है कि योगी सरकार मेहरारुन का भी वैश्विक रोजगार के मौकन से जोड़इ बरे पूरी तना तैयार अअइ।
प्रदेश के अधिकारिन के टीम द्वारा मुम्बई अउर पुणे मा आयोजित कार्यक्रमान के जरिया देस के बड़े-बड़े कारखाना अउर रिक्रूटिंग एजेंसियन से बातचीत कीन गई। ‘टाटा ऑटोकॉम्प सिस्टम्स’ अउर दूसर कम्पनियन के साथे बइठक कइके नौजवानन बरे नौकरी के मौकन पर चर्चा कीन गई। साथै ट्रेनिंग स्कूलन के मॉडल का देखिके उनका उत्तर प्रदेश मा चालू करइ के सम्भावना पर भी विचार कीन गवा।
उत्तर प्रदेश मा रोजगार के सोच अब खाली गाँव-सहर तक सीमित नाहीं रही अअइ, बल्कि ई पूरी दुनिया मा फइलि चुकी अअइ। योगी सरकार के अगुवाई मा रोजगार मिशन नौजवानन का एक नई दिशा अउर नवा मौका दिहिस अअइ। विदेशन मा नौकरी, रोजगार मेला, करियर काउन्सिलिंग अउर कम्पनियन से सीधे बातचीत—ई सब मिलिके एक बहुत मजबूत रोजगार के माहौल (Ecosystem) तैयार कइ रहे अहैं। एही रफ्तार से काम होत रहा त आवइ वाले बखत मा उत्तर प्रदेश न खाली अपने देस मा, बल्कि पूरी दुनिया मा हुनरमंद कारीगरन के सबसे बड़ा केंद्र बनि जाई। ई पहल न खाली नौजवानन के जिंदगी बदली, बल्कि राज्य के अर्थव्यवस्था का भी नई ऊंचाइयों तक पहुँचावै मा बहुत बड़ी भूमिका निभाई।
– सोनी सिंह, सूचना अधिकारी