
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एकर सिविल निर्माण के काम पूरा कइ लिहें है। सरकार 30 जून तक एकर जनता खातिर खोले के लक्ष्य तय कइ लिहें है। करीब एक दशक से प्रशासनिक अड़चन में फंसा बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर अब शुरू होवे की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एकर सिविल निर्माण के काम पूरा कइ लिहें है। सरकार 30 जून तक एकर जनता खातिर खोले के लक्ष्य तय कइ लिहें है।
यह प्रोजेक्ट बस एक फ्लाईओवर नाहीं है, बल्कि पूर्वी अउर दक्षिणी दिल्ली के बीच ट्रैफिक के दबाव कम करे के एक बड़की रणनीति के हिस्सा है। एकर चालू होय के बाद मयूर विहार से सराय काले खां होत भये एम्स तक करीब नौ किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री कॉरिडोर मिल जाई। एकसे सफर के समय में लगभग 15 मिनट तक की कमी आवे के अनुमान है।
सबसे बड़ा असर सराय काले खां, रिंग रोड अउर डीएनडी फ्लाईओवर पर देखै का मिली। हियाँ रोज भारी ट्रैफिक के दबाव रहत है। पूर्वी दिल्ली अउर नोएडा के ओर से दक्षिणी दिल्ली आवे वाले हजारों गाड़ी अभी इन रास्तों पर जाम में फंसत हैं। नया कॉरिडोर शुरू होय से ट्रैफिक बंट जाई अउर मुख्य चौराहों पर दबाव कम होइ सकत है।
PWD के अधिकारियन के अनुसार, फ्लाईओवर के मुख्य ढांचा तैयार होइ चुका है। अब सुरक्षा बैरियर, लाइटिंग, साइनबोर्ड अउर अउर अंतिम काम पूरा कीन जात है। प्रोजेक्ट के लेके सरकार भी सतर्क है अउर विभाग का तय समय-सीमा के भीतर एकर चालू करे के निर्देश दीन गय हैं।
बारापुल्ला फेज-3 का साल 2014 में मंजूरी मिली रही। इका आईएनए से सराय काले खां तक पहिले से बने एलिवेटेड नेटवर्क के विस्तार के रूप में विकसित कीन गय है। प्रोजेक्ट में यमुना नदी पर पुल के निर्माण भी शामिल है।
प्रोजेक्ट पर 1635 करोड़ रुपया के आवा लागत
देरी के कारन प्रोजेक्ट के लागत भी लगातार बढ़त गय। हाल ही में दिल्ली मंत्रिमंडल ने एकर संशोधित लागत 1,635.03 करोड़ रुपया मंजूर कीन है। विशेषज्ञों के मानब है कि अगर इ कॉरिडोर तय समय पर चालू हो जाय त एकसे न सिर्फ ट्रैफिक जाम से राहत मिली, बल्कि पूर्वी दिल्ली, नोएडा अउर दक्षिणी दिल्ली के बीच रोज आवे-जावे वाले मुसाफिरन खातिर सफर और तेज अउर आसान हो जाई।




