
कुशीनगर मा 2570वीं बुद्ध पूर्णिमा के जलसा मा उप मुख्यमन्तरी केशव प्रसाद मौर्य कहिन कि आज जब दुनिया अशांति से जूझि रही अहै, तब भगवान बुद्ध के शांति अउर दया के संदेस सबसे ज्यादा जरूरी अहै।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमन्तरी श्री केशव प्रसाद मौर्य बुद्ध पूर्णिमा के पावन मौका पर कुशीनगर मा आयोजित 2570वीं बुद्ध पूर्णिमा समारोह मा मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल भइन। सभा का संबोधित करत भए ऊ कहिन कि भगवान तथागत बुद्ध के शांति, दया अउर अहिंसा के संदेस आज पूरी दुनिया बरे पहिले से कहीं ज्यादा जरूरी अहै। आज के बखत मा जब पूरी दुनिया लड़ाई-झगड़ा अउर अशांति के मार झेलि रही अहै, तब भगवान बुद्ध के बताए रास्ता पर चलिके ही हमेशा बरे शांति कायम कीन जाइ सकत अहै।
उप मुख्यमन्तरी कहिन कि भगवान तथागत बुद्ध पूरी मनई जात का शांति के राह देखाएन अउर भारत दुनिया का जुद्ध नाहीं, बल्कि बुद्ध के संदेस दिहिस अहै। ऊ कहिन कि प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी के अगुवाई मा भारत आज पूरी दुनिया मा भगवान बुद्ध के सीख का एक नया विस्तार दइके स्थापित कइ रहा अहै।
श्री मौर्य कार्यक्रम मा आए पूज्य भंतेगणों, बौद्ध अनुयायियों अउर जनप्रतिनिधियन का स्वागत करत भए बुद्ध पूर्णिमा के बधाई दिहिन। ऊ कहिन कि कुशीनगर, श्रावस्ती, सारनाथ, संकिसा, कौशाम्बी समेत भगवान बुद्ध से जुड़े सब पवित्र तीरथ के जितना विकास डबल इंजन सरकार मा भवा अहै, उतना कबहूँ नाहीं भवा रहा। हवा, सड़क अउर रेल के बढ़िया इंतजाम कइके इन सब जगह का दुनिया के बौद्ध पर्यटन के नक्शा मा एक नई पहिचान दिलाई गई अहै। ऊ कहिन कि कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का अउर चालू रखइ बरे प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता से कोशिश कइ रही अहै, ताकि दुनिया भर से आवइ वाले बौद्ध श्रद्धालुओं का अउर ज्यादा सुख-सुविधा मिलि सकइ।
उप मुख्यमन्तरी अपने रूस के दौरा का याद करत भए कहिन कि मा0 प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी उनका भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष लइके रूस के काल्मिकिया गणराज्य भेजे रहेन। हुवां जिस तना मया अउर आदर के साथै भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषन के स्वागत कीन गवा, ऊ भारत के आध्यात्मिक ताकत अउर भगवान बुद्ध के प्रति दुनिया के भरोसा के पक्का सबूत अहै। ऊ कहिन कि लगभग 40 बौद्ध देसन के साथै भारत के रिश्ता का अउर मजबूत बनावै मा भगवान बुद्ध के सीख के बहुत बड़ा हाथ अहै।
श्री मौर्य कहिन कि उनका सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य अउर सम्राट अशोक महान के गौरवशाली विरासत पर गर्व अहै। सम्राट अशोक भगवान बुद्ध के संदेस का दुनिया भर मा पहुँचाए रहेन अउर आज मा0 प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ओही विरासत का आगे बढ़ावत भए विश्व शांति अउर मनई के भलाई बरे काम कइ रहे अहैं। ऊ कहिन कि भगवान बुद्ध के चर्चा भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बिना अधूरी अहै। बाबा साहब भगवान बुद्ध के विचारन का समाज मा बराबरी अउर न्याय के साथे जोड़िन अउर समाज का एक नई दिशा दिहिन।
उप मुख्यमन्तरी बौद्ध अनुयायियों से अरज कीनिन कि ऊ भगवान बुद्ध के विचारन का गाँव-गाँव, गली-गली तक पहुँचाए के देस बनावै मा अपनी बड़ी भूमिका निभाएं। ऊ वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा) अउर अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के बधाई देवत भए कहिन कि मा0 प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी मेहनत करइ वालेन के सम्मान के एक नया तरीका शुरू कीनिन अहै। प्रयागराज महाकुम्भ मा सफाई करइ वालन के गोड़ धोउब अउर अयोध्या व काशी मा मन्दिर बनावै वाले मजूरन के सम्मान करब, मेहनत के प्रति उनके दया के प्रतीक अहै। श्री मौर्य कहिन कि भगवान बुद्ध के संदेस हमेशा बरे अहै अउर आवइ वाली पीढ़ियन बरे भी प्रेरणा के स्रोत बना रही।
उप मुख्यमन्तरी श्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमन्तरी श्री ब्रजेश पाठक के साथै बुद्ध पूर्णिमा के पावन मौका पर कुशीनगर मा स्थित महापरिनिर्वाण मन्दिर मा दया के सागर भगवान बुद्ध के दर्शन कीनिन। उप मुख्यमन्तरी श्री ब्रजेश पाठक महापरिनिर्वाण मन्दिर कुशीनगर मा पूरी दुनिया का अहिंसा अउर शांति के रास्ता देखावै वाले भगवान बुद्ध का माथा नवावत भए उनके दया अउर शांति के संदेस का जन-जन तक पहुँचावै के अपील कीनिन।
एही मौका पर मा0 उप मुख्यमन्तरी श्री ब्रजेश पाठक, श्री सहजानंद राय, श्री दुर्गेश राय समेत जनप्रतिनिधि लोग, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी अउर पूज्य बौद्ध भिक्षु भारी संख्या मा मौजूद रहे।




