प्रेस नोट

=राज्यपाल की अध्यक्षता में जन भवन में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली से सम्बद्ध शासकीय, संघटक एवं वित्तपोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों की समीक्षा बैठक एवं प्रस्तुतीकरण सम्पन्न

कृपया जन भवन लखनऊ से प्रेस नोट नीचे दीन गवा बा, ओका प्राप्त कीन जाय।

पत्र सूचना शाखा

सूचना अउर जनसम्पर्क बिभाग, उ0प्र0

(राज्यपाल सूचना परिसर)

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राज्यपाल कय अध्यक्षता मा जन भवन मा महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड बिस्वबिद्यालय, बरेली से सम्बद्ध शासकीय, संघटक अउर बित्तपोषित महाबिद्यालयन के प्रधानाचार्यन कय समीक्षा बैठक अउर प्रस्तुतीकरण सम्पन्न भवा

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बिभागीय अधिकारी, मंत्री अउर कुलपति महाबिद्यालयन कय निरीक्षण कइके प्रतिबेदन तैयार करैं

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राज्यपाल महाबिद्यालयन कय कमिन कय बिस्लेषण कइके पढ़ई-लिखई कय गुणवत्ता सुधारै कय निर्देश दिहिन

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खाली छात्रावासन मा कौसल बिकास कार्यक्रम चलाइके छात्रा लोगन कय आत्मनिर्भर बनावै पर जोर

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बिस्वबिद्यालयन अउर महाबिद्यालयन कय कार्ययोजना बनाइके सासन कय भेजै कय निर्देश

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“नैक मंथन” आयोजित कइके महाबिद्यालयन कय नैक मा ‘ए’ से ऊपर कय श्रेणी दिवावै पर बल

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हर शिक्षक कय हर साल उच्च प्रभाब कारक वाली पत्रिकान मा दुइ सोध पत्र प्रकासित करै कय निर्देश

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महाबिद्यालयन कय “इनफ्लिबनेट” अउर “वन नेसन वन सब्सक्रिप्शन” से जोड़िके सोध सुबिधान कय बढ़ावै पर जोर

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बिद्यार्थीन कय आकर्षित करै बरे महाबिद्यालयन मा बी.ए.-बी.एड. पाठ्यक्रम सुरु करै कय निर्देश

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“माई-बेटी सम्मेलन”, खून जाँच अउर “बाल बिआह बंद करो-दहेज प्रथा बंद करो” अभियान चलावै कय निर्देश

-राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल

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लखनऊ 21 मई, 2026

उत्तर प्रदेस कय राज्यपाल अउर राज्य बिस्वबिद्यालयन कय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल कय अध्यक्षता मा आजु जन भवन मा महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड बिस्वबिद्यालय, बरेली से सम्बद्ध शासकीय, संघटक अउर बित्तपोषित महाबिद्यालयन कय प्रधानाचार्यन कय समीक्षा बैठक अउर प्रस्तुतीकरण सम्पन्न भवा।

बैठक कय संबोधित करत भए राज्यपाल जी कहिन कि 32 राज्य बिस्वबिद्यालयन से संबद्ध महाबिद्यालयन कय प्रस्तुतीकरण जन भवन मा भवा। प्रस्तुतीकरण कय दौरान महाबिद्यालयन कय उपलब्धिन अउर कमिन पर बिस्तार से चरचा कीन गयी। ओन्है निर्देश दिहिन कि प्रस्तुत बिबरन कय गहिर बिस्लेषण कइके महाबिद्यालयन मा पायी गय सब कमिन कय दूर करै बरे प्रभावी कारबाई सुनिसचित कीन जाय, जाहिं से पढ़ई-लिखई कय गुणवत्ता मा लगातार सुधार होई सकै। ओन्है बिद्यार्थीन कय खेलो इंडिया से जोड़ै अउर संघटक अउर बित्तपोषित महाबिद्यालयन के बीच कय असमानता कय अध्ययन कइके जरूरी कारबाई करै कय निर्देश दिहिन, जाहिं से बिद्यार्थीन कय एक समान शैक्षिक मौका मिलि सकै।

ओन्है निर्देश दिहिन कि सब बिस्वबिद्यालय अउर महाबिद्यालय आपन कार्ययोजना तैयार कइके बिभाग अउर सासन कय भेजैं, जेहसे योजनन कय प्रभावी ढंग से काम मा लाउब सुनिसचित कीन जाइ सकै।

ओन्है निर्देश दिहिन कि जिन महाबिद्यालयन मा छात्रावास खाली बाटेन, उंहाँ स्वयंसेवी संस्थाइन कय सहयोग से छात्रा लोगन बरे कौसल बिकास कार्यक्रम चलाबा जाय। छात्रा लोगन कय रोजगारपरक सिच्छा अउर कौसल प्रिसिक्षण दीन जाय, जेहसे ओनका रोजगार मिलि सकै अउर ओइ आत्मनिर्भर बनि सकैं। ओन्है छात्रा लोगन कय चहूँओर बिकास बरे तरह-तरह कय रचनात्मक अउर बिकासपरक गतिबिधिन चलावै अउर रोजगारपरक ब्यवसायिक पाठ्यक्रम सुरु करै कय निर्देश भी दिहिन। ओन्है कहिन कि आगे कय दिनन मा ओही मनई कय रोजगार मिली जेहके लगे कौसल होई, एह बरे छात्रा लोगन कय आगे कय जरूरतन के हिसाब से तैयार कीन जाय।

राज्यपाल जी फीडबैक ब्यवस्था कय मजबूत करै कय निर्देश दिहिन, जाहिं से पढ़ावै अउर प्रसासनिक ब्यवस्थान मा लगातार सुधार सुनिसचित कीन जाइ सकै। ओन्है सोध अउर अकादमिक गतिबिधिन कय बढ़ावा देवै कय मंसा से पांडुलिपिन कय पंजीकरण सम्पूर्णानन्द संस्कृत बिस्वबिद्यालय वाराणसी मा करावै कय कहिन। साथे बिस्वबिद्यालयन अउर महाबिद्यालयन कय उत्तर प्रदेस प्रमानीकरन प्रणाली पर आपन पंजीकरण कइके नई जानकारी रखै कय निर्देश दिहिन, जाहिं से संस्थानन कय शैक्षिक अउर प्रसासनिक गुणवत्ता कय प्रभावी मूल्‍यांकन अउर प्रमानीकरन सुनिसचित होई सकै।

राष्ट्रीय मूल्‍यांकन अउर प्रत्यायन परिसद कय तैयारी बरे राज्यपाल जी सबही कय बढ़ावा देत भए कहिन कि महाबिद्यालयन बरे “नैक मंथन” कय आयोजन कीन जाय अउर संस्थानन कय अइसन तैयार कीन जाय कि ओनका ‘ए’ से ऊपर कय श्रेणी मिलै। राज्यपाल जी मिलिजुलि के सोध करै कय काम कय बढ़ावा देवै कय निर्देश देत भए कहिन कि हर शिक्षक हर साल कम से कम दुइ सोध पत्र उच्च प्रभाब कारक (इम्पैक्ट फैक्टर 5 से जादे) वाली सोध पत्रिकान मा प्रकासित करैं, जाहिं से बिस्वबिद्यालयन अउर महाबिद्यालयन मा सोध कय गुणवत्ता, नयापन अउर पढ़ई-लिखई कय उतमता कय बढ़ावा मिलि सकै।

ओन्है सब बिस्वबिद्यालयन अउर महाबिद्यालयन कय “इनफ्लिबनेट” अउर “वन नेसन वन सब्सक्रिप्शन” योजना से जोड़ै कय निर्देश भी दिहिन, जेहसे शिक्षकन अउर बिद्यार्थीन कय देस अउर बिदेस स्तर कय सोध सामग्री, ई-पत्रिकान, किताबन अउर डिजिटल पढ़ई कय साधन आसानी से मिलि सकैं अउर सोध अउर पढ़ई कय गुणवत्ता मा बढ़ती होय।

राज्यपाल जी कहिन कि जिन महाबिद्यालयन मा बिद्यार्थीन कय गिनती जादे बा, उंहाँ कुलपति खुदै निरीक्षण कइके ई पक्का करैं कि बिद्यार्थी रोजै क्लास मा आबैं अउर बढ़िया सिच्छा पावैं। ओन्है कहिन कि सिरिफ डिग्री पावै कय मंसा से नाम लिखाइके घरे बइठब ठीक नाय बा। बिद्यार्थीन कय चहूँओर बिकास सुनिसचित करब जरूरी बा, जेहसे ओइ एहर-ओहर भटकै कय बजाय आपन आगे कय जिनगी बरे सचेत बनैं।

राज्यपाल जी कहिन कि सब शिक्षक बखत पर महाबिद्यालय पहुँचैं, रोजै क्लास लेइँ अउर बिद्यार्थीन कय भी बखत से महाबिद्यालय आबै अउर मन लगाइके पढ़ै बरे प्रेरित करैं। ओन्है बिभाग के अधिकारिन, मंत्री अउर कुलपतिन कय सब महाबिद्यालयन कय दौरा कइके रिपोर्ट तैयार करै कय निर्देश भी दिहिन, जाहिं से ब्यवस्थान कय असली हाल कय पता लगाबा जाइ सकै।

साथे महाबिद्यालयन मा बिद्यार्थीन कय खिंचै बरे बी.ए.-बी.एड. पाठ्यक्रम सुरु करै पर जोर दिहिन। ओन्है पर्यावरण बचाव बरे जागरूक करै कय मंसा से मियावाकी बन तैयार करै अउर पेड़ लगाबै कय अभियान चलावै कय निर्देश दिहिन।

राज्यपाल जी निर्देश दिहिन कि दीक्सांत समारोह के पाछे “माई-बेटी सम्मेदन” कय आयोजन कीन जाय, जेहिमा माइन अउर बेटिन कय समाजी बिषयन अउर समाज कय कुरीतिन बरे सजग कीन जाय। ओन्है कहिन कि बेटी लोग आपन माई से सबले जादे जुड़ी रहित अहैं, एह बरे ओनका संस्कारी सिच्छा दीन जाय, जेहसे ओइ असामाजी तत्त्वन अउर नकरात्मक प्रबृतियन से बचि सकैं। ओन्है सब छात्रा लोगन कय खून जाँच कराबै अउर ओनका पोषण कय जानकारी देबै कय निर्देश दिहिन, जाहिं से छात्रा लोगन कय सेहत अउर पोषण स्तर मा सुधार होई सकै।

राज्यपाल जी “बाल बिआह बंद करो” अउर “दहेज प्रथा बंद करो” अभियान सुरु करै कय नेवता दिहिन। ओन्है कहिन कि जदि कौनों लड़की 18 साल कय उमिर के बाद बिआह के कारन आपन पढ़ई बीचै मा छोड़त बिया तउ ओकरे परिवार कय समझा-बुझा के ई पक्का कीन जाय कि ओकर पढ़ई मा कौनों बाधा न आबै अउर उ आपन पढ़ई पूरी करै। ओन्है बिस्वबिद्यालयन अउर महाबिद्यालयन कय ई सब कामन मा बढ़ि-चढ़ि के सहयोग करै कय निर्देश दिहिन।

एही मौके पर उत्तर प्रदेस के उच्च सिच्छा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय राज्यपाल जी से मिले रास्ता-देखाउब अउर सीख बरे ओनकर धन्यबाद कीन। ओन्है कहिन कि राज्यपाल जी के देखरेख मा बिस्वबिद्यालयन अउर महाबिद्यालयन मा पढ़ई कय गुणवत्ता, सोध, कौसल बिकास अउर नैक मूल्‍यांकन के छेत्र मा गिने लायक तरक्की भई बा।

एही मौके पर बिसेस कार्याधिकारी श्री राज्यपाल (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे, अपर मुख्य सचिव उच्च सिच्छा, बिसेस सचिव उच्च सिच्छा, बिस्वबिद्यालय कय कुलपति प्रो0 के0 पी0 सिंह, बिस्वबिद्यालय से जुड़े महाबिद्यालयन कय प्रधानाचार्यन के साथे अउर अधिकारी लोग मौजूद रहे।

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संपर्क सूत्रः

डॉ0 संगीता चैधरी,

सूचना अधिकारी, जनभवन,

मो0 9161668080

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