पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0
(राज्यपाल सूचना परिसर)
——-
राज्यपाल ‘कृष्ण राधा से रणभूमि तक’ नाट्य प्रस्तुति क अवलोकन कीन
——-
विद्यालयन मा भारतीय संस्कृति अउर पौराणिक कथान पर आधारित छोट-छोट नाटकन क मंचन कीन जाय
——-
नाट्य मंचन के माध्यम से लइका जीवन मूल्य सहज रूप से सीखत हइँ
——-
सामूहिक प्रयास, टीमवर्क अउर प्रतिभा से ही सफलता क डगर साफ होत है
——
मेहरारुन के सम्मान से ही राष्ट्र प्रगति करत है
——-
-राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल
लखनऊ 16 मई, 2026
उत्तर प्रदेश क राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल आज जुपिटर ऑडिटोरियम, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ मा आयोजित ‘कृष्ण राधा से रणभूमि तक’ नाट्य प्रस्तुति क अवलोकन कीन। उइ नाट्य प्रस्तुति क सराहना करत भवा निर्माता श्रीमती नीलम मुंतशिर का बधाई दिहिन अउर कहिन कि मेहरारू आजु हर क्षेत्र मा बहुत नीक काम करत हइँ। जब समाज मा मेहरारुन क सम्मान होत है, तबे राष्ट्र प्रगति करत है।
राज्यपाल जी कहिन कि भगवान श्रीकृष्ण क चरित्र समाज का जीवन मूल्यन, कर्तव्यनिष्ठा अउर धरम क डगर पर चले क प्रेरणा देत है। उइ नाटक मा देखावा गवा कर्ण प्रसंग क जिक्र करत भवा कहिन कि ई प्रसंग महाभारत के अभिमन्यु प्रसंग क भी याद दियावत है। कर्ण अउर अर्जुन दूनों भाई रहेन, मुला उनके जीवन अउर करमन मा केतना बड़हन फरक रहा, ई हमका जीवन क दिसा चुने क संदेस देत है।
उइ कहिन कि अइसन भव्य मंचन टीमवर्क क बहुत नीक उदाहरण होत हइँ। हर मनई अपने-अपने हुनर क उपयोग कइके सामूहिक प्रयासन से लक्ष्य तक पहुँच सकत है। नाटक क मंचन बहुतै कठिन काम आय, ओकरे ताई अइसन कलाकारन का समाज क बढ़ावा, पिरेम अउर बिसवास जरूर मिले क चही।
राज्यपाल जी कहिन कि भारतीय दर्शन अउर संस्कृति का बतावे वाले छोट-छोट नाटकन अउर ड्रामा क मंचन विद्यालयन मा कीन जाय के चही। लइका खाली पढ़िके ओतना नाहीं सीख पावत, जितना नाट्य मंचन देखिके सहज रूप से सीख लेत हइँ। उइ कहिन कि लइकन बदे अइसन नाटक लिखे जाय के चही, जेसे उइ हमार पौराणिक चरित्रन अउर कथान का समझ सकें। उइ कहिन कि भासा क गियान भी बहुत जरूरी है। ई बात क बहुत महत्व है कि कब, कहाँ, का अउर केतना बोले क है।
राज्यपाल जी ‘कृष्णावतारम् पार्ट-1 द हार्ट (हृदयम्)’ फिलिम क जिक्र करत भवा कहिन कि ई बहुतै नीक फिलिम आय, जेमा श्री सत्यभामा के चरित्र का संस्कृति जयना प्रभावशाली ढंग से देखाइन है। नई पीढ़ी के बहुतै लोगन का ई जानकारी नाहीं रही कि नरकासुर क वध श्री सत्यभामा कीन रही। अइसन फिलिमिन का जरूर देखे क चही, काहेसे एहसे नावा कलाकारन का सम्मान अउर प्रेरणा मिलत है।
राज्यपाल जी कहिन कि हमार देस मा प्रतिभा क कौनो कमी नाहीं है। मनई अपने सपनन का पूरा करै बदे कड़ी मेहनत करत हइँ अउर चुनौतियन क सामना करत भवा सफलता पावत हइँ। उइ कहिन कि जउं मनई क नीयत अउर नीति नीक होइ त ओकर फल भी नीक होत है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जीवन क जिक्र करत भवा राज्यपाल जी कहिन कि उइ बहुतै संघर्ष अउर कठिन परिस्थितियन क सामना करत भवा देस के प्रधानमंत्री पद तक क रस्ता तय कीन हइँ। आजु उइ समूचे संसार का रस्ता अउर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ क संदेस दइ रहे हइँ।
ई मौके पर गीतकार, संवाद अउर पटकथा लेखक श्री मनोज मुंतशिर शुक्ला राज्यपाल जी का भगवान श्रीकृष्ण क प्यारा तुलसी क पौधा अउर ‘सारेगामा कारवां’ भेंट कीन।
संपर्क सूत्रः
डॉ0 संगीता चौधरी,
सूचना अधिकारी, जनभवन,
मो0 9161668080