प्रेस नोट

=राज्यपाल ने “भारत स्टार्टअप शिखर सम्मेलन-2026” को किया वर्चुअली संबोधित

पत्र सूचना शाखा

सूचना अउर जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0

(राज्यपाल सूचना परिसर)


राज्यपाल “भारत स्टार्टअप शिखर सम्मेलन-2026” कय वर्चुअली संबोधित कीहिन


नवाचार, उद्यमिता अउर युवाशक्ति ही विकसित भारत कय निर्माण क आधार आय


उत्तर प्रदेश नवाचार अउर उद्यमिता क मजबूत केंद्र बनि क उभरा बा


देस कय जवान अब जॉब सीकर नाहीं, जॉब क्रिएटर बनत अहइँ


विकसित भारत-2047 कय निर्माण मा जवानन कय भूमिका सबते महत्वपूर्ण बा


उत्तर प्रदेश कय विश्वविद्यालय बनत अहइँ स्टार्टअप अउर नवाचार कय मजबूत केंद्र


प्रदेश कय राज्य विश्वविद्यालयन मा 1533 स्टार्टअप सक्रिय, नवाचार कय मिलत बा नई दिशा


लखनऊ कय देस कय पहिली एआई सिटी बनावै कय डहर मा तेजी से बढ़त बा उत्तर प्रदेश


स्टार्टअप खाली व्यवसाय नाहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव अउर सपनन कय वाहक अहइँ


परंपरा अउर नवाचार कय संगम से वैश्विक पहचान बनावत बा उत्तर प्रदेश


हर जवान कय विचार दुनिया बदलइ वाला स्टार्टअप बनि सकत बा


तकनीक कय उपभोक्ता नाहीं, सृजनकर्ता बनइँ जवान; तबे बनी विकसित भारत


-राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल
लखनऊ 03 जून, 2026

उत्तर प्रदेश कय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल आज चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री इंडिया कय ओरी से आयोजित “भारत स्टार्टअप शिखर सम्मेलन-2026” कय वर्चुअल माध्यम से संबोधित करत भइ कहिन कि आज भारत आपन विकास यात्रा कय अइसन ऐतिहासिक दौर मा पहुंच चुका बा, जहाँ हर भारतीय कय आस, हर जवान कय सपना अउर हर नागरिक कय मेहनत मिलि कय नये भारत कय मजबूत नेव रखत बा। ई नवाचार, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता अउर युवाशक्ति कय जुग आय, जउन देस कय भविष्य कय नई राह देखावत बा।

राज्यपाल जी कहिन कि आज कय भारत खाली सपना देखइ वाला देस नाहीं बा, बल्कि ओन्हन सपनन कय सच करइ कय हिम्मत रखइ वाला आत्मविश्वासी भारत बा। स्टार्टअप इंडिया अभियान से लै कय डिजिटल क्रांति तक देस ई साबित कइ दिहिसि है कि पक्के इरादा अउर नवाचार कय बल पर कउनो लक्ष्य असंभव नाहीं बा। भारत कय जवान अब रोजगार खोजइ वाले नाहीं, बल्कि रोजगार पैदा करइ वाले बनत अहइँ अउर इहे नये भारत कय असली पहिचान बा।

ओन्ह कहिन कि आज दुनिया भारत कय आसा, नवाचार अउर सम्भावनन कय केंद्र के रूप मा देखत बा अउर पूरी दुनिया कय मंचन मा भारत कय आवाज पहिले से ढेर असरदार अउर मजबूत भइ बा। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कय सोचे भए विकसित भारत-2047 कय लक्ष्य कय पूरा करइ मा देस कय 140 करोड़ लोगन कय एक साथे भागीदारी अउर संकल्प समायल बा।

राज्यपाल जी कहिन कि प्रधानमंत्री कय दूर की सोच वाले नेतृत्व मा भारत मा स्टार्टअप संस्कृति कय अनोखा बढ़ावा मिला बा। स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट अउर अटल इनोवेशन मिशन जइसन योजनन लाखन जवानन कय उद्यमिता कय राह मा आगे बढ़इ बर प्रेरित कीहिन है।

ओन्ह कहिन कि साल 2016 से 2026 कय बीच मा भारत मा दुई लाख तीस हजार से ढेर मान्यता प्राप्त स्टार्टअप बने अहइँ अउर एक सौ बीस से ढेर यूनिकॉर्न कय जनम भवा बा। एकरे साथे ही भारत अमेरिका अउर चीन कय बाद दुनिया कय तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनि चुका बा। इन स्टार्टअप्स कय जरिया लाखन जवानन कय सीधा रोजगार मिला बा। ओन्ह बहुत खुसी जतावत भइ कहिन कि देस मा लगभग 73 हजार से ढेर स्टार्टअप मा मेहरारू निदेशक काम करत अहइँ, जउन मेहरारू लोगन कय ताकतवर बनावै कय डहर मा एक बड़ी बात बा।

राज्यपाल जी कहिन कि ई बदलाव वाली यात्रा मा उत्तर प्रदेश कय भूमिका बहुत बड़ी बा। देस कय सबसे ढेर आबादी वाला राज्य आज सरमाय (निवेश), नवाचार अउर उद्यमिता कय मुख्य केंद्र बनि कय उभरा बा। प्रदेश मा 13 हजार से ढेर मान्यता प्राप्त स्टार्टअप काम करत अहइँ, जेन्हन कय 76 से ढेर इनक्यूबेटर्स कय रास्ता देखावै कय काम मिलत बा अउर राज्य सरकार कय लक्ष्य इन्हन कय गिनती बढ़ाय कय 100 तक पहुँचावै कय बा।

ओन्ह कहिन कि ई आंकड़ा खाली रुपिया-पैसा कय बढ़ती कय कहानी नाहीं कहत, बल्कि उत्तर प्रदेश कय जवानन मा जागे भए भरोसे कय भी निसानी आय। ई उहे भरोसा बा जउन जवानन कय मौकन कय अगोरइ कय बजाय मौका खुद पैदा करइ बर उत्साहित करत बा। जब भारत पाँच ट्रिलियन डॉलर कय अर्थव्यवस्था बनइ कय डहर मा आगे बढ़त बा, तब उत्तर प्रदेश ई लक्ष्य कय एक महत्वपूर्ण चलावै वाला राज्य बनि कय उभरा बा।

राज्यपाल जी कहिन कि स्टार्टअप्स कय गिनती बढ़ावै कय साथे-साथे ओन्हन कय अच्छाई, मजबूती अउर दुनिया भर कय बराबरी करइ कय ताकत पर भी ध्यान देब जरूरी बा। हमका अइसन माहौल बनावै कय परी जहाँ नवाचार कय बढ़ावा मिले, जोखिम लेवै कय बात कय मान मिले अउर हार कय सीख मानि कय स्वीकार कीन जाय।

ओन्ह कहिन कि सुरुवाती दौर कय स्टार्टअप्स कय ज्यादातर रुपिया-पैसा, मेंटरशिप, मंजूरी मिलइ कय काम अउर बजार तक पहुँचइ जइसन अड़चनन कय सामना करइ कय परत बा। एकरे अलावा टैक्स कय तरीका, मजूरन कय कानूनन अउर बौद्धिक संपदा अधिकारन से जुड़ी उलझनें भी नवा उद्यमियों के आगे अड़चन बनत अहइँ। इन अड़चनन कय पहिचान कय दूर करब समय कय माँग बा, काहे से देस कय जवानन कय पास ताकत कय साथे-साथे दूर कय सोच, नया बनावै कय हुनर अउर बदलाव लावै कय हिम्मत भी बा।

राज्यपाल जी कहिन कि उत्तर प्रदेश सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम कय मजबूत बनावै बर कइयौ महत्वपूर्ण कदम उठायस बा। नवा जवान उद्यमियों कय सुरुवाती दौर मा 17,500 रुपिया हर महीना कय भत्ता, 5 लाख रुपिया तक कय प्रोटोटाइप अनुदान अउर 7.50 लाख रुपिया तक कय सीड फंडिंग अउर बजार मा पहुँचावै (विपणन) कय मदद दीन जात बा। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इकोसिस्टम रिपोर्ट-2025 कय अनुसार राज्य साल 2014 से अब तक 8.6 बिलियन डॉलर से ढेर कय फंडिंग अपने डहरी खींचे बा।

ओन्ह कहिन कि प्रदेश मा 15 हजार से ढेर डीपीआईआईटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप सक्रिय अहइँ अउर इन्हन मा से 7,800 से ढेर स्टार्टअप मेहरारू

भविष्य क तकनीकी क्रांति क अगुआई करै बरे भी तैयार अहै। ओन्हन कहेन कि मेहरारुन, ट्रांसजेंडर मनइन अउर दिव्यांग उद्यमी मनइन क बिसेस बढ़ावा दइके प्रदेश सरकार समावेशी विकास क उत्कृष्ट मॉडल पेस करत अहै।

ओन्हन बताएन कि पूर्वांचल अउर बुंदेलखंड जइसन इलाकन मा इनक्यूबेटरन क तकनीकी ढांचा बनावै बरे 1.25 करोड़ रुपिया तक क पूंजीगत मदद दीन जात अहै। साथै घरेलु पेटेंट बरे 2 लाख रुपिया अउर अंतरराष्ट्रीय पेटेंट बरे 10 लाख रुपिया तक क प्रतिपूर्ति क बेवस्था नवाचार क बढ़ावा देवै क महत्वपूर्ण जरिया बनत अहै।

राज्यपाल जी कहेन कि स्टार्टअप खाली आर्थिक इकाइयाँ नाहीं अहैं, बल्कि ऊ सब सपनन, संभौनन अउर सामाजिक बदलाव क वाहक अहैं। एह बरे अइसन माहौल बनावा जाइ क चाही जहँवाँ हर एक जवान इ बिसवास कइ सकै कि ओकर बिचार भी दुनिया क बदल सकत अहै।

ओन्हन उत्तर प्रदेश क समृद्ध परंपरा अउर स्थानीय चीजिन क जिक्र करत भइ कहेन कि मुरादाबाद क पीतर उद्योग, मेरठ क खेल क सामान, भदोही क कालीन, गोरखपुर क टेराकोटा कला, लखनऊ क चिकनकारी अउर कानपुर क चमड़ा उद्योग प्रदेश क खास पहिचान अहैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना इन पारम्परिक चीजिन क दुनिया क बजारन से जोड़ै क ऐतिहासिक काम करेस अहै।

राज्यपाल जी कहेन कि ओडीओपी मार्ट अउर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिया 20 हजार से जादा सामान डिजिटल बजारन तक पहुंचे अहैं, जेहसे प्रदेश क कारीगरन अउर उद्यमी मनइन क दुनिया मा पहिचान मिली अहै। ओन्हन कहेन कि मानन्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जब बिदेस जाथें, तब ऊ भारतीय परंपरा अउर स्थानीय चीजिन क उपहार के रूप मा देइके देस क सांस्कृतिक अउर आर्थिक ताकत क परिचय देत अहैं।

विश्वविद्यालयन मा नवाचार अउर स्टार्टअप संसकइति क जिक्र करत भइ राज्यपाल कहेन कि उत्तर प्रदेश क विश्वविद्यालय आजु नवाचार, खोज अउर उद्यमिता क महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके अहैं। ऊ खुसी जतावत भइ बताएन कि प्रदेश क 19 राज्य विश्वविद्यालयन राष्ट्रीय मूल्यांकन अउर प्रत्यायन परिषद तथा राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क मा भारी सफलता पाइन अहैं, जेहसे उच्च शिक्षा क गुणवत्ता मा लगातार सुधार भवा अहै।

ओन्हन कहेन कि प्रदेश क राज्य विश्वविद्यालयन मा इ समय 1,533 स्टार्टअप चालू रूप से काम करत अहैं। इन्हन मा से 1,180 स्टार्टअप खाली डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) अउर ओसे जुड़े संस्थानन दुआरा चलाए जा रहे अहैं। इ बात एह बात क सबूत अहै कि उत्तर प्रदेश क विश्वविद्यालय अब खाली डिग्री देवै वाले संस्थान नाहीं रहि गय अहैं, बल्कि ऊ नवाचार, खोज अउर रोजगार बनावै क मजबूत केंद्र बन चुके अहैं।

राज्यपाल जी बताएन कि ए.के.टी.यू. से जुड़े सरकारी अउर शासकीय संस्थानन मा लगभग 25 करोड़ रुपिया क लागत से 15 इनक्यूबेशन सेंटर अउर एक आधुनिक इनोवेशन हब बनावा गवा अहै। छात्रन अउर मास्टरन के नवाचारन क बढ़ावा देवै बरे 100 करोड़ रुपिया क इनोवेशन फंड क गठन कीन गवा अहै। साथै स्टूडेंट-फैकल्टी इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप पॉलिसी लागू कइके पढ़इ-लिखइ वाले संस्थानन मा उद्यमिता क संसकइति बढ़ाई जात अहै।

ओन्हन कहेन कि बौद्धिक संपदा अधिकारन अउर नवाचारन क बढ़ावा देवै बरे विश्वविद्यालय मा ‘कलाम पेटेंट केंद्र’ क स्थापना कीन गय अहै, जहँवाँ नया काम करइ वालन क बिना कौनों फीस क पेटेंट क मदद दीन जात अहै। इ कोसिस जवानन के विचारन क बचावै बरे अउर ओन्हन क उद्योग अउर बजार से जोड़ै बरे एक बहुतै महत्वपूर्ण कदम अहै।

राज्यपाल जी बिसेस तौर पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ क जिक्र करत भइ कहेन कि कुलपति के कोसिसन से उहँवाँ छात्राइन बरे एक नीक स्टार्टअप मॉडल तैयार कीन गवा अहै। विश्वविद्यालय दुआरा अपने साधनन से सुरु कीन गय इ कोसिस से लगभग 20 छात्राइन हर महीना लगभग 30 हजार रुपिया क कमाई करति अहैं। ओन्हन एहि का मेहरारू उद्यमिता अउर आत्मनिर्भरता क प्रेरणा देवै वाला उदाहरण बताएन।

राज्यपाल जी कहेन कि विश्वविद्यालयन मा खोज, नवाचार अउर स्टार्टअप संसकइति क मजबूत बनावै बरे नीति आयोग, केंद्र सरकार अउर राज्य सरकार क तमाम फंडिंग एजेंसियन के साथे लगातार तालमेल बनावा जात अहै। विश्वविद्यालयन क खोज कामन, नवाचार वाली चीजिन अउर स्टार्टअप क बढ़ावै बरे जादा से जादा पइसा-कौड़ी क मदद देवै पर बिसेस जोर दीन जात अहै.

ओन्हन कहेन कि ओन्हन क अलग-अलग विश्वविद्यालयन मा जाइके छात्रन दुआरा बनावा गवा स्टार्टअप्स अउर नवाचारन क देखै अउर ओन्हन से बातचीत करै क मौका मिला अहै। छात्रन क तकनीकी समझ, नया सोच अउर सामाजिक समस्यन क हल करै बरे ओन्हन क लगन बहुतै प्रेरणा देवै वाली अहै। ओन्हन बताएन कि जनभवन मा भी नया सोच वालन क स्टॉल लगावा गवा अउर ओन्हन क सम्मानित कीन गवा, जेहसे अउर जवानन क भी नवाचार अउर उद्यमिता बरे सीख मिली।

राज्यपाल जी कहेन कि आजु उत्तर प्रदेश ओहि मुकाम पर ठाढ़ अहै जहँवाँ ओकर जड़ परंपरा मा अहैं अउर ओकर पांख नवाचार मा। जब स्थानीय चीजिन क दुनिया मा पहिचान मिलत अहै, तब खाली अर्थव्यवस्था ही नाहीं बढ़त, बल्कि देस क मान भी बढ़त अहै।

ओन्हन कहेन कि विकसित भारत क निर्माण तबे संभव होई जब देस क जवान खाली तकनीक क इस्तेमाल करइया ना रहि जांय बल्कि ओकर बनावैइया बनैं। हमार बनावा गवा सामान गुणवत्ता, नवाचार अउर बिसवास क अइसन पहिचान बनैं जेहि का देखिके पूरी दुनिया कहै कि इ भारत क पहिचान अहै।

राज्यपाल जी कहेन कि पाँच ट्रिलियन डॉलर क अर्थव्यवस्था क लक्ष्य आत्मनिर्भरता, नवाचार अउर मजबूती क राष्ट्रीय संकल्प अहै, जेहमा हर एक जवान क प्रतिभा महत्वपूर्ण भूमिका निभावत अहै। ओन्हन जवानन क गोहरावत भइ कहेन कि जउं ओन्हन के भीतर कुछु नया करै क हिम्मत, मेहनत क मजबूती अउर बनावै क संकल्प अहै, त इहै समय अहै कि आगू बढ़िके इतिहास रच दीन जाय।

ओन्हन मानन्य प्रधानमंत्री जी के ओहि विचार क जिक्र करत भइ कहेन कि जब भारत आजादी क 100 साल पूरा करी, तब देस क लगाम अउर जिम्मेदारी आजु के जवानन के हाथ मा होई। एह बरे राष्ट्रीय शिक्षा नीति क ठीक से लागू करै अउर हुनर पर आधारित पढ़ाई-लिखाई क बढ़ावा देवै बरे सब का मिलिके काम करइ का परी।

राज्यपाल जी कहेन कि ई समय खाली सपना देखै क नाहीं, बल्कि ओन्हैं साकार करै क अहै। ओन्हैं सबहीं से नवाचार, उद्यमिता अउर आत्मनिर्भर भारत कै जात्रा का नई ऊंचाइन तक पहुँचावै अउर अइसन भारत बनावै क संकल्प लेवै क आह्वान कीन्हेन, जहाँ हर एक्कौ युवा एक संभावित उद्यमी होए, हर एक्कौ विचार एक संभावित स्टार्टअप होए अउर हर एक्कौ स्टार्टअप भारत कै तरक्की कै एक मजबूत खंभा बनै।

ई मौका पर अलग-अलग विश्वविद्यालयन के कुलपतियन अउर दूसर संस्थाइन के गणमान्य प्रतिनिधियन देस मा स्टार्टअप इकोसिस्टम का मजबूत बनावै खातिर कीन जा रहे कोसिसन, नवाचार अउर उद्यमिता का मिल रहे बढ़ावा अउर जवानन का रोजगार देवै वाला बनावै मा स्टार्टअप्स के भूमिका पर परकास डारेन। बोलै वालन कहेन कि स्टार्टअप संस्कृति देस मा आत्मनिर्भरता का बढ़ावा देवै के साथे-साथ नवाचार, खोज, हुनर बढ़ावै अउर रोजगार पैदा करै का नई दिसा देति अहै। ओन्हैं जवानन का नवा बिचारन, तकनीकी नवाचारन अउर उद्यमिता के दुआरा देस बनावै मा बढ़ि-चढ़ि के हिस्सा लेवै खातिर प्रेरित कीन्हेन।

ई मौका पर बिसेस कार्याधिकारी श्री राज्यपाल, अपर मुख्य सचिव स्तर, डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे सहित दूसर महानुभाव मौजूद रहेन।

संपर्क सूत्रः
डॉ0 संगीता चौधरी,
सूचना अधिकारी, जनभवन,
मो0 9161668080

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