
लेख
यूपी नेडा
पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जनसम्पर्क बिभाग, उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत मा उत्तर प्रदेश मा सौर उर्जा कइ क्राँति: “सूरज घर योजना” से आत्मनिर्भर बन रहेन लाखन परिवार
लखनऊ: 31 मई, 2026
भारत आजु उर्जा के क्षेत्र मा एक नए जुग कइ ओर बढ़त जात अहै। बढ़ती जनसँख्या, तेजी से बढ़त बिजली कइ माँग अउर पर्यावरण संरक्षण कइ वैश्विक चुनौतियन के बीच साफ-सुथरी अउर नवीकरणीय उर्जा भबिस्य कइ सबसे बड़ी जरूरत बनि चुकी अहै। अइसन समय मा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत मा सुरू कीन गयी “प्रधानमंत्री सूरज घर, मुफत बिजली योजना” देस मा उर्जा क्राँति कइ आधार बनत अहै। वहिं उत्तर प्रदेश मा मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत मा ई योजना अभूतपूर्व सफलता पावत अहै।
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी कइ दूरदरसी नीतियन, नीक प्रशासनिक ब्यवस्था अउर जनकल्याणकारी सोंच के कारन उत्तर प्रदेश आजु देस के उन अगुआ राजिन मा सामिल होइ चुका अहै जहाँ रूफटॉप सोलर उर्जा कइ तेजी से बिस्तार होत अहै। ई योजना खाली बिजली कइ बिल कम करै तक सीमित नाहीं अहै, बल्कि आम मनइन का “उर्जा उत्पादक” बनाय के आर्थिक रूप से मजबूत करै क काम हू करत अहै।
उर्जा आत्मनिर्भरता कइ दिसा मा बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश लम्बे समय तक बिजली संकट, कटौती अउर बढ़त उर्जा माँग जइसन चुनौतियन से जूझत रहा। मुदा पिछले कुछ सालन मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत मा उर्जा क्षेत्र मा बड़े सुधार भये अहैं। गाँवन से लय के सहरन तक बिजली कइ पहुँच ब्यवस्था मा सुधार, नए बिजली उपकेंद्रन कइ स्थापना, ट्रांसमिशन नेटवर्क कइ बिस्तार अउर रिकॉड बिजली कइ पहुँच जइसन उपलब्धियन ने प्रदेस का उर्जा क्षेत्र मा नई पहिचान दीहिन अहै। अब “सूरज घर योजना” ई बदलाव का नई ऊँचाई देत अहै। प्रदेस सरकार ई योजना का खाली एक सरकारी योजना के रूप मा नाहीं, बल्कि “उर्जा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के मिसन के रूप मा आगे बढ़ाय रही अहै। राज सरकार लगातार मनइन का सौर उर्जा अपनावै बरे उत्साहित करत अहै।
का अहै प्रधानमंत्री सूरज घर योजना?
प्रधानमंत्री सूरज घर मुफत बिजली योजना कइ उददेस देस के एक करोड़ घरन पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाउब अहै। इहिके जरिया आम मनई अपने घर कइ छत पर सोलर पैनल लगाय के बिजली बनाइ सकत हैं अउर हर महीना 300 यूनिट तक मुफत बिजली कइ फायदा पाइ सकत हैं। ई योजना के तहत केंद्र सरकार डहर से 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर ₹78,000 तक कइ सब्सिडी दीन्ह जा रही अहै। उत्तर प्रदेश सरकार डहर से 30 हजार रुपिया के अउर सहायता से ई सब्सिडी ₹1,08,000 तक पहुँच जाथै। इहिसे मध्यम बरग अउर आम परिवारन बरे सोलर सिस्टम लगाउब बहुतै आसान होइ गवा अहै। माननीय मुख्यमंत्री जी योजना कइ नीक तरीकन से चलावै बरे अधिकारियन का साफ देस दीहिन अहैं कि आवेदन प्रक्रिया सरल, साफ-सुथरी अउर समइ पर पूरी होइ वाली होय ताकि जादे से जादे मनइन का लाभ मिलि सकै।
उत्तर प्रदेश बना सौर उर्जा कइ उभरत केंद्र
आजु उत्तर प्रदेश देस के उन राजिन मा सामिल होइ गवा अहै जहाँ सूरज घर योजना का लय के मनइन मा सबसे जादे उत्साह देखै का मिलत अहै। राजधानी लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज, आगरा, बरेली जइसन सहरन मा लाखन घरन पर सोलर पैनल लगाय जा चुके अहैं।
गाँव-गिराँव के इलाकन मा हू मनई तेजी से ई योजना से जुड़त अहैं। पहिले जहाँ गाँवन मा बिजली बिल एक बड़ी चिंता रहा करत रहा, वहिं अब मनई अपनी छतन से बिजली कइ पैदावार कइ के आत्मनिर्भर बनै लागेन अहैं। प्रदेस सरकार गाँव अउर सहर दुनहुं इलाकन मा सौर उर्जा के बिस्तार का एक समान तरजीह देति अहै। राज सरकार डहर से ऑनलाइन आवेदन करै कइ प्रकिया का सरल बनावा गवा अहै। सब्सिडी सीधे फायदा पावै वालन के बैंक खाता मा भेजी जा रही अहै, जेहिसै सफ़ाई बढ़ी अहै अउर मनइन कइ बिसवास मजबूत भवा अहै।
आम मनइन कइ जिन्दगी मा बड़ा बदलाव
सूरज घर योजना कइ सबसे बड़ा लाभ आम मनइन का मिलत अहै। लगातार बढ़त बिजली कइ बिलन से हैरान-परेशान परिवारन बरे ई योजना राहत कइ बड़ा जरिया बनि के सोझै आई अहै। एक साधारण 3 किलोवाट क सोलर सिस्टम हर महीना लगभग 300 से 450 यूनिट बिजली पैदा कइ सकत अहै। इहिसे उपभोकतन के बिजली बिल मा भारी कमी आवत अहै। नेट मीटरिंग ब्यवस्था के जरिया फाजिल (अतिरिक्त) बिजली का ग्रिड मा भेज दीन्ह जाथै, जेहिसै आगू आवै वाले बिलन मा अउर जादे राहत मिलत अहै।
सोशल मीडिया अउर अलग-अलग डिजिटल मंचन पर मनई ई योजना कइ जमकर तारीफ करत अहैं। कइउ उपभोकतन कइ कहब अहै कि सब्सिडी मिलै के बाद सोलर सिस्टम कइ लागत लगभग 4 से 5 सालन मा वसूल होइ जाथै, जबकी एकरे बाद अगले 20 से 25 सालन तक लगभग मुफत बिजली कइ फायदा मिलत रहत अहै। ई योजना खाली रुपिया-पैसा कइ बचत कइ जरिया नाहीं अहै, बल्कि मनइन का आत्मनिर्भर बनावै क अभियान हू अहै। प्रदेस सरकार कइ लच्छ अहै कि प्रदेस कइ हर परिवार उर्जा के क्षेत्र मा आत्मनिर्भर बने अउर आगू कइ उर्जा कइ जरूरतन का खुदै पूरा कइ सकै।
पर्यावरण संरक्षण मा खास भूमिका
सौर उर्जा खाली आर्थिक नजरिया से ही नाहीं, बल्कि पर्यावरण बचाव बरे हू बहुतै जरूरी अहै। पुरान तरीका कइ बिजली उत्पादन मा कोयला अउर दूसर जीवास्म ईंधन कइ इस्तेमाल होत अहै, जेहिसै कार्बन कइ फैलाव बढ़त अहै अउर पर्यावरण पर बुरा असर पड़त अहै। सूरज घर योजना के जरिया साफ-सुथरी उर्जा का बढ़ावा मिलत अहै। इहिसे कोयला पर आधारित बिजली उत्पादन पर निरभरता कम होइही अउर प्रदूसन मा कमी आई। बड़े पैमाने पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगावै से भबिस्य मा उर्जा कइ संकट अउर पर्यावरण कइ चुनौतियन दुनहुं से बहुत हद तक राहत मिलि सकत अहै। उत्तर प्रदेश सोलर पार्क, रूफटॉप सोलर अउर दूसर नवीकरणीय उर्जा परियोजनन के जरिया “ग्रीन एनर्जी स्टेट” बनावै कइ दिसा मा आगे बढ़त जात अहै.
जुआन अउर रोजगार बरे मौका
सूरज घर योजना रोजगार के नए मौके हू पैदा कीहिस अहै। सोलर पैनल बनावै, लगावै (इंस्टॉलेशन), देखरेख (मेंटेनेंस) अउर तकनीकी सेवान मा बड़ी गिनती मा जुआनन का रोजगार मिलत अहै। प्रदेस मा सौर उर्जा क्षेत्र के बिस्तार से तकनीकी जानकारों, इलेक्ट्रिसियनन अउर इंजीनियरन कइ माँग बढ़ी अहै। इहिसे स्थानीय स्तर पर रोजगार कइ जनम होत अहै अउर जुआनन का नए मौके मिलत अहैं। सरकार कइ लच्छ खाली बिजली उत्पादन बढ़ाउब नाहीं अहै, बल्कि उर्जा क्षेत्र का रोजगार अउर आर्थिक विकास कइ मजबूत खम्भा बनाउब हू अहै।
सरकार कइ साफ-सुथरी अउर आसान ब्यवस्था
योजना कइ सफलता कइ एक बड़ा कारन एकर साफ-सुथरी अउर आसान प्रकिया हू अहै। उपभोकता ऑनलाइन पोर्टल के जरिया आसानी से आवेदन कइ सकत हैं। आवेदन बरे आधार कारड, बिजली बिल, बैंक खाता कइ ब्योरा अउर घर कइ छत कइ जानकारी जरूरी होत अहै। आवेदन के बाद डिस्कॉम डहर से तकनीकी जाँच कीन जाथै अउर मंजूरी मिलै पर तय बेचे वाले (अधिकृत विक्रेता) सोलर सिस्टम लगावत हैं। सब्सिडी सीधे बैंक खाता मा भेजी जाथै, जेहिसै घूसखोरी अउर बिचौलियन कइ काम एकदम खतम होइ गवा अहै।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना उत्तर प्रदेश मा ऊर्जा क्षेत्र क तस्वीर बदल रही अहै। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के अगुवाई मा ई योजना आम मनइन बदे आर्थिक राहत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता अउर पर्यावरण संरक्षण क मजबूत माध्यम बन चुकी अहै। ई योजना खाली बिजली उत्पादन क कार्यक्रम नाहीं, बल्कि “आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” क सोच का साकार करै क अभियान अहै। लाखन परिवार अब बिजली उपभोक्ता के साथे-साथ बिजली उत्पादक भी बन रहे अहैं। जउं अइसेन ही सौर ऊर्जा का बढ़ावा मिलत रहा, तउ आवै वाले समय मा उत्तर प्रदेश खाली ऊर्जा के क्षेत्र मा आत्मनिर्भर नाहीं बनी, बल्कि पूरे देस का हरित ऊर्जा अउर स्वच्छ विकास क नया मॉडल भी देई।
————————————–
-प्रवीण मालवीय
लेख
पर्यटन विभाग
पत्र सूचना साखा
सूचना अउर जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश
अपन सांस्कृतिक विरासत से जुड़िके बरेली मा उभरै लाग नाथ नगरी के रंग
लखनऊ: 31 मई, 2026
उत्तर प्रदेश मा सांस्कृतिक विरासत का सहेजै अउर ओका आधुनिक विकास से जोड़ै के प्रयासन के तहत बरेली क नाथ कॉरिडोर ई समय एक बहुतै महत्वपूर्ण अउर दूरगामी परियोजना के रूप मा आकार लेत अहै। अयोध्या अउर काशी जइसन सांस्कृतिक नगरिन के वैश्विक पुनरुद्धार के बाद अब प्रदेश सरकार प्राचीन नाथ परंपरा के ऐतिहासिक केंद्र बरेली के सांस्कृतिक अउर धार्मिक महत्व का नये सिरे से स्थापित करै कइती आगे बढ़ रही अहै। ई समय करीब साठ करोड़ रुपया से ढेर क लागत से ई महत्वाकांक्षी योजना पर काम चलत अहै, जेकर मुख्य उद्देश्य सदियन पुरान धार्मिक स्थलन क जीर्णोद्धार कइके उहाँ श्रद्धालुअन अउर पर्यटकन बदे विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करब अहै।
बरेली के चारों कोनवन अउर बीच के क्षेत्र मा फैले प्राचीन शिव मंदिरन का एक सुव्यवस्थित सर्किट के रूप मा जोड़िके न खाली आस्था के केंद्रन का नया रूप दीन्हा जा रहा अहै, बल्कि ई पूरे क्षेत्र के सामाजिक अउर आर्थिक परिदृश्य का बदलै क भी मजबूत आधारशिला धरी जा रही अहै। विकास अउर विरासत के ई अनूठे तालमेल से बड़े पैमाना पर बुनियादी ढांचा मा सुधार के काम चल रहे अहैं, जे आने वाले समय मा पूरे जनपद बदे तरक्की क नया दुआर खोलै क काम करत अहैं। ई पूरी कार्ययोजना के तहत बरेली के सात ऐतिहासिक अउर पौराणिक शिव मंदिरन का आपस मा जोड़िके एक सुदृढ़ कनेक्टिविटी तंत्र क निर्माण कीन जा रहा अहै, जेसे सहर अउर गांव के क्षेत्रन के बीच क दूरी कम होइ रही अहै.
लगभग नौ सौ तीस बरीस पुरान अलखनाथ मंदिर परिसर मा ई समय बड़े पैमाना पर विकास कार्य कराये जात अहैं, जेहमा एक आधुनिक वैदिक लाइब्रेरी अउर भव्य मुख्य प्रवेश दुआर क निर्माण काम सामिल अहै। इहै तरीकन बाबा त्रिवटी नाथ जी मंदिर मा नवदुर्गा मंदिर भवन अउर विसाल सत्संग हॉल के साथे-साथ दूर-दराज से आवै वाले श्रद्धालुअन के ठहरै क खास व्यवस्था का आखिरी रूप दीन्हा जा रहा अहै। तपेश्वर नाथ मंदिर मा सुगम आवागमन पक्का करै बदे रेलवे अंडरपास अउर सड़कन के चौड़ीकरण क योजना पर काम चलत अहै, जेह पर बड़े पैमाना पर वित्तीय निवेश कीन जा रहा अहै।
इसके अलावा मढ़ीनाथ, धोपेश्वर नाथ, वनखंडी नाथ अउर पशुपतिनाथ मंदिरन मा एकीकृत विकास नीति के तहत यात्री विश्राम गृह, परिक्रमा मारग, सुंदर एलईडी लाइटिंग, व्यवस्थित प्रसाद केंद्र अउर डिजिटल सूचना बोर्ड लगावै क काम तेजी पकड़त अहै। ई बुनियादी बदलावन से न खाली आम दिनन मा बल्कि सावन के पवित्र महीना मा आवै वाले लाखन कांवड़ यात्रिन अउर श्रद्धालुअन का एक सुरक्षित अउर सुविधाजनक माहौल मिलि सकिही। ई पूरी परियोजना का जमीन पर उतारै मा जिला प्रशासन अउर अलग-अलग विकास प्राधिकरणन क भूमिका बहुतै महत्वपूर्ण देखात अहै, जे आपसी तालमेल से चौबीसो घंटा निर्माण कामन क गुणवत्ता अउर तेजी क निगरानी कर रहे अहैं।
कॉरिडोर के भीतर आवै वाले सबही मुख्य चौराहन का भगवान शिव के प्रतीकन जइसे त्रिशूल अउर डमरू के थीम पर कलात्मक ढंग से सजावा जा रहा अहै, जेसे सहर मा घुसते ही एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव मिलत अहै। इसके साथे ही एक बड़े अउर भव्य मुख्य अगवानी दुआर क निर्माण कीन जा रहा अहै, जे ई पावन नगरी क ऐतिहासिक पहचान का देखावत अहै। पर्यावरण बचाव का ध्यान मा रखत हुए कॉरिडोर के भीतर खाली इलेक्ट्रिक बसन अउर ई-रिक्शा जइसन पर्यावरण-अनुकूल वाहनन के चलावै का प्राथमिकता दीन्हीं जा रही अहै, ताकि इलाका मा प्रदूषण मुक्त वातावरण बना रहै।
पैदल चलै वाले श्रद्धालुअन अउर कांवड़ यात्रिन के सुरक्षा बदे सड़कन के किनारे चौड़े फुटपाथन क जाल बिछावा जा रहा अहै। इसके अलावा ग्रेटर बरेली योजना के तहत एक खास आध्यात्मिक पार्क अउर नाथ संप्रदाय के समृद्ध इतिहास का देखावै वाले एक आधुनिक संग्रहालय क निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा अहै, जे आवै वाली पीढ़ी का अपन सांस्कृतिक जड़न से जोड़े रखै क काम करी। धार्मिक पर्यटन के ई बड़े केंद्र के रूप मा उभरै से बरेली के पुरान हस्तशिल्प अउर कुटीर उद्योगन का भी नया जीवन मिलत अहै। देस-बिदेस से आवै वाले पर्यटकन के नाते बरेली के जग-प्रसिद्ध जरी-जरदोजी के काम अउर बांस से बनी कलाकृतिन का एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलै क उम्मीद जागी अहै, जेसे ई काम से जुड़े शिल्पकारन अउर देहाती कारीगरन क आमदनी मा सीधे तौर पर बढ़ती होइ रही अहै।
होटल उद्योग, परिवहन व्यवस्था अउर खुदरा व्यापार के बढ़ै से युवन बदे रोजगार के नये मौका स्थानीय स्तर पर ही मिलत अहैं, जेसे देहाती क्षेत्रन से होवै वाले पलायन पर काफी हद तक रोक लागत अहै। बुनियादी ढांचा क ई सुनियोजित विकास अउर चौड़ी सड़कन क तंत्र न खाली सहरी आबादी का बल्कि दूर-दराज के गांवन का भी मुख्यधारा के आर्थिक विकास से जोड़त अहै, जेसे पूरे जिला क संतुलित विकास पक्का होइ रहा अहै। ई कॉरिडोर के माध्यम से ग्रामीण अउर सहरी अर्थव्यवस्था के बीच के अंतर का पाटत हुए विकास का एक समावेशी रूप दीन्हा जा रहा अहै।
आर्थिक अउर सामाजिक समृद्धि के ई नई हवा मा प्रदेश सरकार क अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनन देहाती जीवन का थिरता दीन्हीं अहै। कॉरिडोर के विकास के साथे ही देहाती इलाकन मा बुनियादी सुविधान के मजबूत होवै से मनइन के जीवन स्तर मा सुधार होइ रहा अहै। नीक परिवहन अउर मजबूत कनेक्टिविटी के नाते देहाती इलाकन के रहइया मनइन क पहुंच खास बजारन तक आसान भई अहै, जेसे उइ अपन काम-धंधा का बाजार क मांग के मुताबिक चलावै मा सक्षम होइ रहे अहैं। ई धार्मिक पर्यटन महाअभियान के साथे-साथ देहाती इलाकन मा बुनियादी ढांचा का मजबूत करै बदे प्रदेश सरकार लगातार कोसिस कर रही अहै, जेहके तहत सड़कन क दशा सुधारी जा रही अहै अउर परिवहन के साधनन क फैलाव कीन जा रहा अहै ताकि दूर-दराज इलाकन के मनई भी ई विकास यात्रा क हिस्सा बनि सकैं।
इ पूरे क्षेत्र मा बुनियादी ढांचा क सुदृढ़ीकरण से व्यापारिक गतिविधिन् क भी नवा बल मिलत अहै। सड़कन क चौड़ीकरण अउर नवा मार्गन क निर्माण से माल क आवाजाही सुगम होत अहै, जेहसे स्थानीय स्तर पर छोट अउर मझले उद्योगन क फलै-फूलै क अवसर बढ़ि गवा अहै। जिला प्रशासन द्वारा इ बात पर विशेष ध्यान दीन जा रहल अहै कि विकास क लाभ खाली सहर तक सीमित ना रहै, बल्कि ग्रामीण अंचलन तक इकै पहुंच समान रूप से होय। इ सोच क साथे ग्रामीण कनेक्टिविटी क बेहतर बनावै वाली कइयौ सड़कन पर निर्माण अउर मरम्मत क काम तेज गति से संचालित कीन जा रहल अहै।
उत्तर प्रदेश सरकार कै इ दूरदर्शी सोच अउर सुनियोजित नीतियन क परिणाम स्वरूप बरेली क इ पावन क्षेत्र आजु धार्मिक आस्था अउर आधुनिक विकास क मानचित्र पर एक नवा अध्याय लिखत अहै। प्रदेश सरकार कै पर्यटन अउर बुनियादी विकास से जुड़ी योजना स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, आर्थिक मजबूती अउर जीवन स्तर क ऊपर उठावै मा पूरी तरह सफल साबित होत अहैं, जे इ पूरे जनपद क प्रगति क एक नई दिशा देति अहैं।
—————————————————
जनपद: बरेली