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हरित अर्थव्यवस्था से खुलिहैं रोजगार क नवा रस्ता, जवानन क भूमिका होइ अहम: डॉ. जितेंद्र सिंह


नवा दिल्ली/लखनऊ: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कहेन कि ‘हरित अर्थव्यवस्था’ (Green Economy) कइती भारत जौन तेजी से कदम बढ़ावत अहै, ओसे हमार जवानन बरे “हरित रोजगार” अउर “हरित उद्यमिता” क नवा मौका पैदा होइहैं। ऊ कहेन कि देश क विकास मा अब जवानन क भूमिका सबसे बड़ी होइ।

जामिया मा पर्यावरण सम्मेलन क संबोधन जामिया मिलिया इस्लामिया मा “21वीं सदी मा पर्यावरण स्थिरता: विज्ञान, समाज अउर समाधान” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन मा डॉ. सिंह बोलेन कि भारत क विकास मॉडल अब ‘हरित विकास’ कइती मुड़ रहा अहै।

हरित सेक्टर मा बढ़िहैं काम-धंधा क मौका मंत्री जी बताएन कि अब सूरज क रोशनी से बनै वाली बिजली (Renewable Energy), बिजली से चलै वाली गाड़ी (Electric Mobility), अउर कबाड़ से जुगाड़ यानी चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) जैसे क्षेत्रन मा भारी मात्रा मा नौकरी अउर काम मिली। ओसे भारत मा प्रदूषण भी कम होई अउर विकास भी बढ़ी।

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन क चर्चा डॉ. जितेंद्र सिंह ‘राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन’ क जिक्र करत कहेन कि सरकार ई काम मा 19,000 करोड़ रुपया से जादे क निवेश करत अहै, जेसे साफ-सुथरा अउर प्रदूषण मुक्त उद्योगन क नींव मजबूत होई।

तकनीकी नवाचार अउर सौर ऊर्जा ऊ कहेन कि आज के जुग मा नई तकनीक बहुतै जरूरी अहै। अउर तौ अउर, आवन वाले समय मा बैटरी बनावै, ग्रिड सँभाले अउर जैव ईंधन (Bio-fuel) जैसे कामन मा रोजगार क बाढ़ आई। जइसे इस्तेमाल कवा गवा तेल से ईंधन बनावा जा सकत अहै।

समुद्री अउर परमाणु ऊर्जा मा बढ़ी जोर डॉ. सिंह कहेन कि भारत क समुद्र तट बहुत बड़ा अहै, ओसे भी ऊर्जा पैदा करै क मौका अहै। साथै-साथ अंतरिक्ष अउर परमाणु ऊर्जा मा भी अब प्राइवेट सेक्टर क मदद लीन जाई।

1 लाख करोड़ क फंड से मिली मदद स्टार्टअप अउर नवा सोच वाले जवानन बरे सरकार 1 लाख करोड़ रुपया क शोध अउर नवाचार (RDI) कोष बनाय अहै, जेसे उनखा अपने काम का बड़ा करै मा सरकारी मदद मिली।

पूरी दुनिया का राह दिखाई भारत मंत्री जी कहेन कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी क ‘लाइफ’ (पर्यावरण बरे जीवनशैली) मंत्र आज पूरी दुनिया अपनावत अहै। 140 करोड़ क आबादी वाला भारत अब दुनिया का पर्यावरण बचावै क रास्ता दिखाई। ऊ जवानन से अपील करेन कि ऊ ई मुहिम मा बढ़-चढ़ के हिस्सा लेवें।

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