
रक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, डीआरडीओ (DRDO) की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लैबोरेटरी (DRDL) ने हाइपरसोनिक मिसाइल बनावे के दिशा में एगो बहुत बड़ उपलब्धि हासिल कीन ह। ऊ लोगन अपने ‘एक्टिवली कूल्ड फुल स्केल स्क्रैमजेट कंबस्टर’ के बहुत लंबा अरसा तक सफल परीक्षण पूरा कइ लिहें ह।
इस साल जनवरी में 700 सेकेंड से जादे के सफल परीक्षण के बाद, 9 मई 2026 के हैदराबाद स्थित अत्याधुनिक ‘स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट’ (SCPT) सुविधा में 1200 सेकेंड से जादे चलइ वाला एगो और सफल परीक्षण कइ गय। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हइ ‘फुल स्केल एक्टिवली कूल्ड लॉन्ग ड्यूरेशन स्क्रैमजेट इंजन’ के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ, उद्योग के साथी अउर शिक्षाविद सब के बधाई दिहिन ह। ऊ इस उपलब्धि के देश के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल प्रोग्राम खातिर एगो मजबूत आधार मानत हवें।
डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के सचिव अउर डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस काम में जुटल पूरी टीम के शाबाशी दिहिन ह। आपको बताइ दीं कि इस कंबस्टर के डिजाइन अउर विकास डीआरडीएल ने कीन ह अउर उद्योग के सहयोग से इसे तैयार कइ गय ह।
इस सफल परीक्षण के साथ भारत अब उन्नत एयरोस्पेस तकनीक अउर भविष्य के युद्ध के हथियार बनावे में दुनिया के अग्रणी देश बन गय ह। ये बड़ी कामयाबी अत्याधुनिक सुपरसोनिक एयर-ब्रीदिंग इंजन के जरिए मिलल ह, जवने में स्वदेशी तरल हाइड्रोकार्बन एंडोथर्मिक ईंधन, उच्च तापमान झेलइ वाली थर्मल बैरियर कोटिंग अउर आधुनिक विनिर्माण प्रक्रिया के इस्तेमाल भवा ह। साथ ही, एससीपीटी सुविधा में भयल जमीन के परीक्षण ने कंबस्टर के डिजाइन अउर सुविधा के क्षमता के पूरी तरह से सही साबित कइ दिहिन ह। (इनपुट-पीआईबी)


