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आंगनवाड़ी पोषण क्रांति: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगुवाई मा सुधरत अहै नौनिहालन के सेहत

मिर्जापुर के ग्राम चांदलेवा कला समेत पूरे उत्तर प्रदेश मा सक्षम आंगनवाड़ी अउर पोषण 2.0 योजना से बच्चन का कुपोषण से बचाय के उनके सुरक्षित भविष्य के नेव रखी जाइ रही अहै।


प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अगुवाई मा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलावल जाइ रही ‘सक्षम आंगनवाड़ी अउर पोषण 2.0 योजना’ प्रदेश के नौनिहालन के पूरा विकास बरे एक बहुत बड़ी अउर काम के पहल साबित भई अहै। ई योजना के मकसद खाली बच्चन का खाना खवाउब नाहीं अहै, बल्कि उनका कुपोषण से बचाके तन्दुरुस्त, हुनरमंद अउर पढ़ल-लिखल नागरिक बनाउब अहै। खास कइके 3 से 6 साल के बच्चन बरे आंगनवाड़ी केंद्रन मा गरम, ताजा अउर पौष्टिक खाना देइ के इंतजाम ई योजना के सबसे बड़ी खूबी अअइ।

ई कोशिश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मकसद अउर भारत सरकार के ‘प्रधानमन्त्री पोषण शक्ति निर्माण योजना’ (पीएम पोषण) के नियमन के मुताबिक अअइ। केंद्र सरकार द्वारा प्री-प्राइमरी स्तर के बच्चन का भी पोषण योजना मा जोड़े के फैसला के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार एका नीक से लागू कइके आंगनवाड़ी केंद्रन तक बढ़ाएस अअइ। प्रदेश सरकार 12 अक्टूबर 2023 से प्रदेश मा ई व्यवस्था का मजबूती से लागू कीनिस अअइ।

24 नवंबर 2023 का अयोध्या से प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ई योजना के शुरुआत कीनिन, जउन बाल पोषण के क्षेत्र मा एक नई दिशा दिहिस। आज के बखत मा प्रदेश के लगभग 1.90 लाख आंगनवाड़ी केंद्रन पर ई योजना बहुत बढ़िया से चलि रही अअइ, जेहसे लाखन बच्चन का हर दिन फायदा मिलि रहा अअइ। ई पहल न खाली पोषण के सुरक्षा पक्की कइ रही अअइ, बल्कि समाज मा सबको साथे लइके चलइ के भाव भी बढ़ा रही अअइ।

एही योजना के नीक असर अब साफ-साफ दिखाई दइ रहा अअइ। बच्चन का हर दिन प्रोटीन अउर कैलोरी वाला संतुलित खाना मिलइ से उनके शारीरिक विकास मा बड़ा सुधार भवा अअइ। कुपोषण के स्तर मा कमी आई अअइ, अउर एनीमिया (खून के कमी) जइसन बीमारी मा भी गिरावट दर्ज कीन गई अअइ। बच्चन के वजन अउर लंबाई सुधरइ के साथ-साथ उनके बीमारी से लड़इ के ताकत भी बढ़ी अअइ, जउन उनके सुनहरे भविष्य के नेव का मजबूत करत अअइ। पढ़ाई के क्षेत्र मा भी ई योजना के असर बहुत बढ़िया अअइ। आंगनवाड़ी केंद्रन मा बच्चन के नाम लिखवावै अउर उनके आवे मा बढ़ोत्तरी भई अअइ। जब बच्चन का ताजा अउर नीक खाना मिलत है, त ऊ रोज केंद्र मा आवत हैं, जेहसे उनके शुरुआती पढ़ाई मजबूत होत है अउर स्कूल जाइ के आदत बनत है।

प्रदेश मा ई योजना का नीक से चलावै बरे एक मजबूत अउर व्यावहारिक मॉडल अपनावा गवा अअइ। बाल विकास सेवा अउर पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग अउर पंचायती राज संस्था के बीच बहुत बढ़िया तालमेल बनावा गवा अअइ। जउन आंगनवाड़ी केंद्र प्राथमिक स्कूल से 200 मीटर के भीतर अहैं, हुवां स्कूल के रसोई के इस्तेमाल कइके खाना बनावा जात है अउर आंगनवाड़ी सहायिका बच्चन तक पहुँचावत अहैं। वहीं, दूर वाले केंद्रन मा सहायिका खुदै खाना तैयार करत अहैं। खाना के क्वालिटी अउर वैरायटी पक्की करइ बरे हफ्ता के हिसाब से मेनू तय कीन गवा अअइ, जेमा दाल-चावल, रोटी-सब्जी, तहरी अउर खिचड़ी जइसन पौष्टिक खाना शामिल अअइ। ई बच्चन का संतुलित आहार त देत ही अअइ, साथे उनके पसंद अउर रुचि के भी ध्यान रखत है। एकरे साथै खाना बनावै वाले रसोइयन का अलग से प्रोत्साहन के रुपिया दइके उनके काम के सम्मान कीन गवा अअइ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के अगुवाई मा चलि रही ई योजना उत्तर प्रदेश के बच्चन के बढ़िया भविष्य के आधारशिला रखि रही अअइ। ई पहल खाली पोषण सुधारइ के जरिया नाहीं अअइ, बल्कि एक मजबूत, तन्दुरुस्त अउर पढ़ल-लिखल समाज बनावै के दिशा मा एक बहुत बड़ा कदम अअइ।


सेवा, समर्पण अउर बदलाव के मिसाल बना आंगनवाड़ी केंद्र

जनपद मिर्जापुर के गाँव चांदलेवा कला के आंगनवाड़ी केंद्र आज उ सच्चे जज्बा के नाम बन चुका अअइ, जउन बिना कौनों दिखावा के समाज मा बड़ा बदलाव लाए अअइ। ई केंद्र के बच्चन के सेहत अउर पोषण मा बड़ा सुधार आवा अअइ अउर पूरे गाँव मा जागरूकता के एक मजबूत नेव खड़ी भई अअइ। 1185 के आबादी वाले एही गाँव मा ई आंगनवाड़ी केंद्र विभागीय भवन मा चलत अअइ। एही केंद्र पर 0 से 06 महीना के 09 शिशु, 07 महीना से 03 साल के 36 बच्चे, 03 से 06 साल के 47 बच्चे, 06 गर्भवती मेहरारू अउर 09 धात्री (दूध पियावै वाली) माता पंजीकृत अहैं, जेकर देख-रेख अउर सही रास्ता देखावै के जिम्मेदारी आंगनवाड़ी कार्यकत्री पूरी लगन से निभाय रही अहैं।

प्रदेश सरकार के जनकल्याण कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी कार्यकत्री रोजे घर-घर जाके मिलत अहैं, हर परिवार से बातचीत करत अहैं अउर माता का बच्चन के सही पोषण, सही बखत पर टीका लगवावै, साफ-सफाई अउर सेहत से जुड़ी जरूरी बातें बतावत अहैं। गर्भवती मेहरारू का खास तौर पर संतुलित खाना, बच्चा पैदा होय के पहिले के तैयारी अउर मानसिक सेहत बरे जागरूक कीन जात है, अउर बच्चा पैदा होय के एक घंटा के भीतर ही माँ के दूध पियावै पर जोर दीन जात है, जेहसे नवजात का जिंदगी के सबसे पहिली अउर जरूरी सुरक्षा मिलि सकइ।

ग्राम चांदलेवा कला आंगनवाड़ी केंद्र पर पंजीकृत गंभीर कुपोषित (SAM) बच्चन का लगातार देख-रेख, सही खाना अउर परिवार का सही सलाह दइके सामान्य श्रेणी मा लावा गवा अअइ। अब गाँव मा ई समझ आ गई अअइ कि 0 से 06 महीना तक के बच्चन का खाली माँ के दूध ही दीन जाय अउर 06 महीना के बाद उनका पौष्टिक खाना दीन जाय। एही बदलाव से बच्चन के सेहत मा बहुत बड़ा सुधार भवा अअइ अउर कुपोषण के दर घटी अअइ। आंगनवाड़ी केंद्र से सेहत, पोषण अउर सफाई के संदेस पूरे गाँव मा फइलि रहा अअइ। बच्चन के पूरा विकास होय रहा अअइ अउर परिवारन मा सेहत के प्रति एक नीक सोच बन रही अअइ।


– लाल कमल

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