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शिक्षा अउर उद्योग के मेल: अलीगढ़ के औद्योगिक तरक्की अउर आत्मनिर्भरता के नई कहानी

अलीगढ़ मा अब आईटीआई अउर पॉलिटेक्निक के पढ़ाई का सीधे ताला-हार्डवेयर उद्योग से जोड़ा जाइ रहा अअइ, जेहसे यहाँ के नौजवानन का अपनी ही माटी मा रोजगार मिलि सकइ।

शिक्षा अउर उद्योग के संगम

अलीगढ़ जिला के पहिचान हमेशा से ओकरे ऐतिहासिक गौरव, पढ़ाई-लिखाई के पुरान विरासत अउर दुनिया भर मा मशहूर ताला से रही अअइ, पै अब ई जिला अपनी पारंपरिक पहिचान का आज के औद्योगिक जरूरतन के साथे जोड़िके एक बहुत बड़े बदलाव के कगार पर खड़ा अअइ। उत्तर प्रदेश सरकार के जउन कोशिश अअइ—जउन यहाँ के धंधा के जरूरत के हिसाब से आईटीआई अउर पॉलिटेक्निक के पढ़ाई का नया रूप देइ रही अअइ—ऊ खाली एक सरकारी सुधार नाहीं अअइ। बल्कि ई ‘स्किल इंडिया’ अउर ‘आत्मनिर्भर भारत’ जइसन देस के सपनन का धरती पर उतारइ के एक बहुत मजबूत जरिया अअइ।

मुख्यमंत्री के शिक्षा सलाहकार प्रो0 डी0पी0 सिंह के हाल के अलीगढ़ दौरा से ई सोच अउर साफ होय गई अअइ कि अब समय खाली किताबी ज्ञान से आगे बढ़िके हुनर अउर प्रैक्टिकल पढ़ाई का अपनावै के अअइ। ई पहल ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना का सीधे पढ़ाई-लिखाई से जोड़त अअइ, जेहसे गाँव-घर के नौजवानन का अपनी ही धरती पर काम-धंधा अउर स्वरोजगार के बढ़िया मौके मिलि सकइँ। अलीगढ़ के मामले मा एकर जरूरत अउर ज्यादा अअइ, काहे से कि यहाँ के ताला अउर हार्डवेयर के धंधा खाली एक व्यापार नाहीं अअइ, बल्कि एक सांस्कृतिक विरासत अअइ। जेकर तकनीकी स्कूलन मा ताला बनावै, नई मशीनन के इस्तेमाल अउर सामान के क्वालिटी जाँचे जइसन बात पढ़ाई मा शामिल कीन जाइहैं, त ओसे पढ़ाई अउर उद्योग के बीच के उ दूरी खतम होय जाई, जेकरे नाते अक्सर डिग्री लेइ के बाद भी नौजवान बेरोजगार रहि जात रहे।

आज के बखत मा जब जेवर एयरपोर्ट अउर डिफेंस कॉरिडोर जइसन बहुत बड़े प्रोजेक्ट्स पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक सूरत बदलि रहे अहैं, तब हुनरमंद कारीगरन (स्किल्ड मैनपावर) के मांग भी बहुत तेजी से बढ़ी अअइ। सीमेंट उद्योग अउर नए-नए औद्योगिक इलाकन के जरूरत का ध्यान मा रखिके तैयार कीन गइन ट्रेड अउर हुनर वाले नए कोर्स ई पक्का करिहैं कि यहाँ के टैलेंट का बाहर भटकइ के बजाय गाँव-घर मा ही आदर के साथे रोजी-रोटी मिलि सकइ।

ई बड़ा बदलाव छात्रन का खाली नौकरी पाय के लायक नाहीं बनाई, बल्कि उनके भीतर खुद के व्यापार शुरू करइ के हौसला भी पैदा करी, जेहसे ऊ छोटे-छोटे स्टार्टअप अउर कारखाना खोलिके खुद ‘रोजगार दाता’ बनि सकिहैं। एही योजना के सबसे बड़ी खूबी अअइ—पढ़ाई-लिखाई के जानकारों अउर व्यापार जगत के विशेसन के बीच बढ़िया तालमेल बनाउब, ताकि बखत-बखत पर पढ़ाई का बाजार के मांग के हिसाब से बदला जाय सकइ। जेडी माध्यमिक मनोज गिरी जइसन अधिकारिन के एही पहल का पूरा समर्थन देब ई पक्का करत है कि शासन अउर प्रशासन दोनों ही पढ़ाई का विकास अउर खुशहाली के आधार बनावै बरे पूरी तना तैयार अहैं।

पूरा देखल जाय त अलीगढ़ के ई ‘इंडस्ट्री-कनेक्ट’ पढ़ाई के तरीका पूरे प्रदेश बरे एक आदर्श मॉडल बनि सकत अअइ। ई पहल ई साबित करत है कि जब पढ़ाई का गाँव-घर के जरूरत अउर संभावनन के साथे जोड़ा जात है, त ऊ खाली डिग्री देइ के जरिया नाहीं रहि जात, बल्कि समाज के आर्थिक अउर सामाजिक मजबूती के रीढ़ बनि जात है। शिक्षा, रोजगार अउर उद्योग के ई त्रिवेणी अलीगढ़ के नौजवानन के भविष्य का सँवारइ के साथे-साथे उत्तर प्रदेश के अर्थव्यवस्था का एक नई रफ्तार अउर नई ऊंचाई देइ के पूरी ताकत रखत अअइ।


जनपद-अलीगढ़

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