आज के दुनिया मा पढ़ाई-लिखाई हमेशा से ही तरक्की के अकेला जरिया रही अअइ, पै ई इक्कीसवीं सदी मा पढ़ाई के मतलब अउर ओकर जरूरत एक नया मोड़ लिहिस अअइ। आज के जमाना खाली साक्षर होय के नाहीं अअइ, बल्कि तकनीक मा माहिर अउर हुनरमंद होय के अअइ। सूचना अउर संचार क्रांति के एही दौर मा प्राविधिक शिक्षा (Technical Education) कौनों भी देस के तरक्की तय करइ वाली सबसे बड़ी ताकत बनके उभरी अअइ। भारत, जउन आज पूरी दुनिया मा सबसे ज्यादा नौजवानन के आबादी वाला देस अअइ, अपनी एही अपार जनशक्ति का ‘जनसांख्यिकीय लाभांश’ मा बदलि देइ बरे तकनीकी शिक्षा का ही अकेला रास्ता मानि रहा अअइ। विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन अउर फार्मेसी जइसन क्षेत्रन मा दीन जाइ वाली ई प्रैक्टिकल पढ़ाई खाली डिग्री बटोरे के जरिया नाहीं अअइ, बल्कि ई उ ताकत अअइ जउन एक सीधे-साधे नौजवान का दुनिया के स्तर के नए सोच (Innovation) अउर समस्या से लड़इ के काबिल बनावत अअइ। अगर हमका भारत का साल 2047 तक एक ‘विकसित देस’ बनावै का अअइ, त हमका अपने तकनीकी स्कूलन अउर हुवां के पढ़ाई के स्तर का बढ़िया बनाय रखइ का परी। तकनीकी शिक्षा के जरूरत खाली नौकरी तक सीमित नाहीं अअइ, बल्कि ई आत्मनिर्भरता के उ सपन का सच करइ के जरिया अअइ, जेकर गोहार प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी लगाए अहैं।
एही देस के संकल्प का धरती पर उतारइ मा उत्तर प्रदेश के भूमिका बहुत बड़ी अअइ। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के अगुवाई मा उत्तर प्रदेश आज पूरे देस के ‘ग्रोथ इंजन’ के रूप मा जाना जात अअइ। राज्य सरकार ई बात बहुत नीक से जानि चुकी अअइ कि बिना तकनीकी हुनर के कौनों भी बड़े उद्योग मा पइसा लगावइ के काम का सफलता तक नाहीं पहुँचावा जाइ सकत। उत्तर प्रदेश मा प्राविधिक शिक्षा के ढांचा का मजबूत करइ बरे पिछले कुछ बरिसन मा जउन बड़ा बदलाव भवा अअइ, ऊ आवइ वाली पीढ़ियन बरे सुनहरे भविष्य के दुआर खोलि रहा अअइ। योगी सरकार के सोच ‘शिक्षा का सीधे धंधा’ (Education to Industry) से जोड़इ के अअइ। एही नाते राज्य के 150 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) का टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से नया रूप दीन जाब एक ऐतिहासिक कदम अअइ। ई खाली बिल्डिंग के मरम्मत नाहीं अअइ, बल्कि ई पढ़ाई अउर वर्कशॉप का ‘इंडस्ट्री 4.0’ के नई जरूरतन के हिसाब से ढालइ के एक बहुत बड़ा प्रयास अअइ। आज जब पूरी दुनिया रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) अउर 3डी प्रिंटिंग जइसन नई तकनीक के ओर बढ़ि रही अअइ, तब उत्तर प्रदेश के नौजवान इन सब क्षेत्रन मा ट्रेनिंग पाय के दुनिया भर मा अपना लोहा मनवावै बरे तैयार होय रहे अहैं। ई नया बदलाव उन सब गरीब घर के बच्चन बरे संजीवनी के तना अअइ जउन पइसा के तंगी के नाते बड़ी तकनीकी पढ़ाई से वंचित रहि जात रहे।
उत्तर प्रदेश के तरक्की के सफर मा ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ एक मील के पत्थर साबित होय रहा अअइ। लखनऊ, कानपुर, झाँसी, आगरा, अलीगढ़ अउर चित्रकूट जइसन सहरन मा फइले एही कॉरिडोर का कामयाब बनावै बरे जउन हुनरमंद कारीगरन के जरूरत अअइ, ओका तैयार करइ के जिम्मा प्रदेश के तकनीकी स्कूलन का दीन गवा अअइ। सरकार ई पक्का कीनिस अअइ कि इन सब औद्योगिक इलाकन के लगे जउन पॉलिटेक्निक अउर इंजीनियरिंग कॉलेज अहैं, ऊ सीधे उन कारखाना के साथे मिलिके काम करइँ। एसे न खाली कारखाना का तुरंत तैयार कारीगर मिलि रहे अहैं, बल्कि गाँव-घर के नौजवानन का अपने ही जिला मा आदर के साथे काम-धंधा मिलि रहा अअइ। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ODOP) अभियान भी बिना तकनीकी शिक्षा के अधूरा रहि जात। पुरान दस्तकारी अउर गाँव के धंधा का नई तकनीक से जोड़िके उनका दुनिया के बाजार के लायक बनाउब प्राविधिक शिक्षा के ही देन अअइ। सरकार तकनीक का खाली सहर तक नाहीं रोकी अअइ, बल्कि सुदूर गाँव-गिरावं तक पहुँचाएस अअइ ताकि गाँव के बच्चा भी डिजिटल इंडिया के हिस्सा बनि सकइ।
‘स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना’ के तहत प्रदेश के लाखन छात्र-छात्रा का मुफ्त टैबलेट अउर स्मार्टफोन बांटल खाली एक सामान देब नाहीं अअइ, बल्कि ई बच्चन के हाथ मा ‘जानकारी के समन्दर’ सौंपइ जइसन अअइ। आज के बखत मा जब पढ़ाई मोबाइल अउर कम्प्यूटर पर सिमटि रही अअइ, तब इन सामानन के मिलइ से तकनीकी शिक्षा के छात्रन बरे नए मौके खुले अहैं। एकरे साथे, डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) जइसन संस्थानन के जरिया नए सोच अउर स्टार्टअप के चलन का जइसन बढ़ावा दीन जाइ रहा अअइ, ओने उत्तर प्रदेश का देस के बड़े स्टार्टअप केंद्रन मा खड़ा कइ दिहिस अअइ। सरकार के मंशा एकदम साफ अअइ कि नौजवान खाली नौकरी ढूँढइ वाला न बने, बल्कि स्टार्टअप के जरिया ‘नौकरी देइ वाला’ बने। ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ अउर तकनीकी शिक्षा के मेल से प्रदेश मा एक नया धंधा करइ के माहौल (Entrepreneurship Ecosystem) बन गवा अअइ।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भी प्राविधिक शिक्षा का अउर आसान अउर सबके पहुँच मा बनाय दिहिस अअइ। अब भाषा के अड़चन तकनीकी पढ़ाई के आड़े नाहीं आई। योगी सरकार एही दिशा मा बड़ी पहल करत भए इंजीनियरिंग अउर डिप्लोमा के पढ़ाई का अपनी मातृभाषा हिन्दी मा करवावै के काम तेज कइ दिहिस अअइ। ई उन मेधावी छात्रन बरे वरदान अअइ जउन अंग्रेजी के कठिन शब्द के नाते अपनी तकनीकी हुनर नाहीं देखा पावत रहे। पढ़ाई के जरिया जब आसान होत है, त नई खोज अउर रिसर्च के समझ अउर बढ़त अअइ। साथे, ‘कौशल भारत मिशन’ (Skill India) के तहत छोटे अउर बड़े ट्रेनिंग कार्यक्रमान लाखन नौजवानन का ‘स्किल सर्टिफिकेट’ दइके सीधे काम-धंधा से जोड़े अअइ। प्रधानमन्त्री कौशल विकास योजना अउर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मिलिके राज्य के मजूरी करइ वाले हाथन के हुनर मा बहुत बड़ा सुधार कीनिन अअइ।
कारखाना के बदलती मांग अउर स्कूलन के पढ़ाई के बीच के अंतर (Skill Gap) का कम करब एक लगातार चलइ वाला काम अअइ। प्राइवेट तकनीकी स्कूलन का भी खाली पइसा कमावै के सोच से ऊपर उठिके बढ़िया पढ़ाई अउर ईमानदारी पर ध्यान देइ बरे कहा जाइ रहा अअइ। मास्टरन के ट्रेनिंग अउर नई रिसर्च बरे बढ़िया बजट भी दीन जाइ रहा अअइ। भारत का ‘सेमीकंडक्टर मिशन’ अउर ‘ग्रीन एनर्जी’ जइसन भविष्य के क्षेत्रन मा सबसे आगे बनावै बरे छात्रन का तैयार कीन जाइ रहा अअइ। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक गाड़ी अउर हमेशा टिकइ वाली खेती के तकनीक (Agri-Tech) जइसन क्षेत्रन मा उत्तर प्रदेश के लगे बहुत मौके अहैं, जेका खाली तकनीकी हुनर के जरिया ही आगे बढ़वावा जाइ रहा अअइ।
प्राविधिक शिक्षा कौनों भी समाज के पूरा विकास के आईना होत अअइ। ई खाली पइसा के खुशहाली नाहीं लावत, बल्कि समाज मा वैज्ञानिक सोच (Scientific Temper) का भी बढ़ावत अअइ। उत्तर प्रदेश जिस रफ्तार से अपने तकनीकी ढांचा का नया रूप दइ रहा अअइ, ऊ दिन अब दूर नाहीं अअइ जब ‘विकसित भारत’ के तस्वीर मा एही प्रदेश के सबसे बड़ा हाथ होई। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के ‘सक्षम युवा-समृद्ध प्रदेश’ के सपन का पूरा करइ बरे सरकार, स्कूल अउर धंधा जगत सब मिलिके काम कइ रहे अहैं। नौजवानन का किताबी ज्ञान के साथे-साथे उनके हाथ के हुनर ही उनके असली ताकत अअइ। जब तकनीकी शिक्षा के जरिया मजबूत हाथ अउर नए सोच वाले दिमाग एक साथे काम करिहैं, तब भारत का फिर से ‘विश्व गुरु’ के आसन पर बइठइ से केऊ नाहीं रोकि सकी। प्राविधिक शिक्षा के ई महायज्ञ देस बनावै के सबसे पवित्र आहुति अअइ।
– अमरेश कुमार,