
भारत जइसन बहुत बड़े अउर विविधता वाले देस मा ई पक्का करब कि सरकार के योजनन के फायदा सही अउर जरूरतमंद लोगन तक सही बखत पर पहुँचे, हमेशा से एक बहुत बड़ी चुनौती रही अअइ। कइयौ बार योजनन के सही जानकारी न होय के नाते, नियमन के अड़चन अउर पहिचान से जुड़ी दिक्कतन के नाते असली हकदार फायदा पाय से वंचित रहि जात रहे। एही मुसीबत का खतम करइ बरे उत्तर प्रदेश सरकार “फैमिली आईडी-एक परिवार, एक पहिचान” योजना के शुरुआत कीनिस अअइ। ई योजना न खाली सरकारी काम-काज का मजबूत बनावत अअइ, बल्कि हर परिवार का एक अलग पहिचान दइके उनका सीधे सरकारी सुविधायन से जोड़इ के काम कइ रही अअइ।
फैमिली आईडी योजना के मुख्य मकसद प्रदेश मा चलि रही जनहित योजनन का नीक से चलावै, सही बखत पर काम पूरा करइ अउर साफ-सुथरा तरीका पक्का करब अअइ। एकरे जरिया हर परिवार का एक अलग पहिचान नम्बर दीन जात अअइ, जेहसे सरकारी योजनन के फायदा सीधे अउर बिना कौनों अड़चन के उन तक पहुँचि सके। ई योजना सरकारी काम का आसान अउर सबके पहुँच मा बनावै के दिशा मा भी एक बहुत बड़ा कदम अअइ। जब कौनों परिवार के पूरा जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलि जाई, त लोगन का बार-बार अलग-अलग विभाग मा जाइके अपने कागज देखावै के जरूरत नाहीं परी। एसे सरकारी काम-काज मा तेजी आई अउर ऊ अउर आसान व बढ़िया होय जाई।
एही योजना के सबसे बड़ी खूबी ई अअइ कि ई हर परिवार का एक खास पहिचान देइत है। एही पहिचान नम्बर के जरिया परिवार के सब मनइन के जानकारी—जैसे कमाई, पढ़ाई, रोजगार अउर सामाजिक स्थिति—एक ही कम्प्यूटर डेटाबेस मा सुरक्षित कइ दीन जात अअइ। जिन परिवारन के लगे पहिले से राशन कार्ड अअइ, उनके बरे राशन कार्ड के नम्बर का ही फैमिली आईडी मानि लीन गवा अअइ। वहीं जिन परिवारन के लगे राशन कार्ड नाहीं अअइ, उनके बरे अलग से फैमिली आईडी बनावै के इंतजाम कीन गवा अअइ। एकरे बरे एक ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा भी दीन गई अअइ, जहाँ परिवार खुदै अपना नाम चढ़ाय (पंजीकरण) सकत अहैं।
प्रदेश मा राशन कार्ड वाले परिवारन के संख्या लगभग 3.64 करोड़ अअइ, जेहमा करीब 14.60 करोड़ लोग शामिल अहैं। इन सब परिवारन का एही योजना मा जोड़े के लक्ष्य तय कीन गवा अअइ। 31 मार्च 2026 तक लगभग 44,32,090 परिवारन के फैमिली आईडी बन चुकी अअइ, जउन ई देखावत है कि योजना कितनी तेजी से आगे बढ़ि रही अअइ। एकरे अलावा, प्रदेश अउर केंद्र सरकार के 32 विभागन के 98 योजनन व सुविधायन का फैमिली आईडी डेटाबेस से जोड़ दीन गवा अअइ। गाँव-घर के जउन राशन कार्ड धारक परिवार अहैं (3.64 करोड़ परिवार अउर 14.60 करोड़ व्यक्ति), उनके राशन कार्ड के नम्बर ही उनके फैमिली आईडी अअइ। अइसन परिवार जेकरे लगे राशन कार्ड नाहीं अअइ, उनके फैमिली आईडी बनावै बरे पोर्टल ($familyid.up.gov.in$) चालू अअइ।
फैमिली आईडी योजना के कइयौ बड़े फायदा अहैं, जउन एका जनता बरे बहुत काम के बनावत अहैं। ई फायदा न खाली सरकारी काम-काज का मजबूत करत अहैं, बल्कि आम जनता के जिंदगी का अउर नीक बनावै मा भी मददगार अहैं। एही योजना के तहत सब जानकारी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलत है, जेहसे योजनन के काम मा पूरी सफाई आवत अअइ। एसे बेईमानी अउर फर्जी फायदा उठावै वालेन के उम्मीद खतम होत अअइ अउर अधिकारिन के जवाबदेही बढ़त अअइ। फैमिली आईडी के जरिया सरकार का ई साफ-साफ पता चलि रहा अअइ कि कौनों परिवार किस योजना के लायक अअइ। एसे ई पक्का कीन जाइ रहा अअइ कि योजनन के फायदा सही मनई तक ही पहुँचे अउर कौनों गड़बड़ी न होय।
योजना के तहत अलग-अलग सरकारी विभागन अउर उनके सुविधायन का एक ही प्लेटफॉर्म से जोड़ा गवा अअइ। एसे गाँव के लोगन का अलग-अलग दफ्तरन के चक्कर नाहीं काटे का पड़त। ऊ एक ही जगह से कइयौ सुविधायन के फायदा उठाय सकत अहैं। पहिले लोगन का हर योजना बरे अलग-अलग कागज जमा करे का पड़त रहा, जेहसे बखत अउर मेहनत दोनों बहुत खरच होत रही। फैमिली आईडी के जरिया ई काम बहुत आसान होय गवा अअइ अउर जनता का बार-बार कागज देइ के जरूरत नाहीं पड़त।
ई योजना कम्प्यूटर अउर मोबाइल (डिजिटल माध्यम) के इस्तेमाल का बढ़ावा देइत है, जेहसे न खाली लोगन मा डिजिटल समझ बढ़ि रही अअइ, बल्कि प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “डिजिटल इंडिया” के सपन का सच करइ मा भी बहुत बड़ी भूमिका निभाय रही अअइ। फैमिली आईडी के जरिया सरकार हर परिवार के सामाजिक अउर आर्थिक स्थिति का अउर नीक से समझि सकत अअइ। एसे जरूरतमंद परिवारन के पहिचान कइके उनका सही बखत पर मदद दीन जाइ सकत है, जेहसे सामाजिक सुरक्षा के ढांचा मजबूत होत है।
एही योजना मा इकट्ठा कीन गवा डेटा सरकार का एकदम सही अउर नई जानकारी देत है। एसे सरकार का अउर बढ़िया नीति बनावै अउर योजनन का अउर नीक से चलावै मा मदद मिलत है। फैमिली आईडी के जरिया ई पक्का कीन जाइ सकत है कि कौनों भी हकदार मनई सरकारी योजनन से वंचित न रहे। एसे योजनन के पहुँच बढ़त अअइ अउर ज्यादा से ज्यादा लोग एकर फायदा उठाय पावत अहैं।
ई योजना एक मनई के बजाय पूरे परिवार का एक इकाई मानिके पहिचान देइत है। एसे परिवार के सब सदस्यों का एक साथे योजनन के फायदा मिलि सकत है अउर उनका पूरा विकास पक्का होत है। फैमिली आईडी के जरिया सरकारी काम-काज मा तेजी आई अअइ। अधिकारिन का लाभार्थियों के जानकारी तुरंत मिलि जात है, जेहसे फैसला लेइ के काम तेज अउर अउर बढ़िया होय जात है। डिजिटल रिकॉर्ड अउर साफ-सुथरे इंतजाम के नाते फर्जी फायदा उठावै वाले अउर बिचौलियन के भूमिका खतम होय रही अअइ। एसे योजनन के फायदा सीधे जनता तक पहुँचि रहा अअइ, जेहसे भ्रष्टाचार का रोका जाइ सकत है।
फैमिली आईडी योजना आवइ वाले बखत मा एक बहुत बड़ी पहिचान प्रणाली के आधार बनि सकत अअइ, जेहसे पूरे देस मा एक जइसन पहिचान के तरीका बनाया जाय सके। फैमिली आईडी योजना “डिजिटल इंडिया” अउर “सुशासन” के नियमन का मजबूत करइ मा बहुत बड़ी भूमिका निभाय रही अअइ। ई योजना तकनीक के माध्यम से शासन का अउर साफ, जवाबदेह अउर असरदार बनावत अअइ। डिजिटल डेटाबेस के जरिया लोगन के जानकारी सुरक्षित अउर बढ़िया तरीका से रखी जात है, जेहसे सरकारी काम-काज के क्वालिटी सुधरत अअइ। साथे, ई योजना जनता अउर सरकार के बीच एक मजबूत पुल के काम करत अअइ।
फैमिली आईडी योजना आगे चलिके एक बहुत बड़े सामाजिक अउर आर्थिक विकास मॉडल के आधार बनि सकत अअइ। अगर एका सही तरीका से चलावा जाय, त ई योजना पढ़ाई, दवाई, रोजगार, पेंशन, बीमा अउर दूसर सामाजिक योजनन का एक साथे जोड़इ मा बहुत मददगार होई। एकरे जरिया सरकार ई पक्का कइ सकत है कि कौनों भी जरूरतमंद नागरिक सरकारी मदद से छूटे न। ई योजना सबको साथे लइके विकास का बढ़ावा देइत है अउर समाज के हर वर्ग का आगे बढ़इ के मौका देइत है।
फैमिली आईडी-एक परिवार, एक पहिचान योजना एक दूरदर्शी अउर असरदार पहल अअइ, जउन सरकारी काम मा सफाई, तेजी अउर सबको साथे लइके चलइ के भाव का बढ़ावत अअइ। ई योजना न खाली सरकारी सुविधायन का आसान बनावत अअइ, बल्कि जनता का मजबूत बनाय के उनका तरक्की के मुख्यधारा से जोड़त अअइ। एकरे बड़े फायदन का देखत भए ई कहा जाइ सकत है कि ई योजना उत्तर प्रदेश के तरक्की मा एक बहुत बड़ी भूमिका निभाय रही अअइ। अगर एही योजना का लगातार बढ़ाया अउर सुधारा जात रहा, त ई न खाली प्रदेश, बल्कि पूरे देस बरे एक बहुत बढ़िया मिसाल बनि सकत अअइ। फैमिली आईडी योजना आधुनिक प्रशासन, नई तकनीक अउर जनता के भलाई के एक बहुत बढ़िया उदाहरण अअइ, जउन एक मजबूत, साफ अउर सबको साथे लइके चलइ वाले समाज बनावै के दिशा मा एक बहुत बड़ा कदम अअइ।
– आशिया खातून,