जीवनशैली

गर्मी मां रोज ‘दही’ खाय क सलाह काहे देत हंय डाक्टर?

घाम के मौसम मां तेज धूप अउर गर्मी से राहत पाय बर दही खायब बहौते नीक माना जात है। दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल मां डाइटेटिक्स विभाग के मुखिया, डॉ. शालिनी गार्विन ब्लिस बतावत हंय कि दही क तासीर ठंढ होत है, जउन हमरे शरीर का भीतर से ठंढक पहुँचावत है। दही मां जउन नीक बैक्टीरिया होत हंय, उ हमरे हजमा का मजबूत बनावत हंय। अगर आप रोज दही खात हंय तौ अपच, गैस अउर एसिडिटी जइसन पेट के आम बेमारी कम होइ सकत हंय। यही वजह है कि गर्मी मां एका रोज खाय के सलाह दी जात है।

शरीर का रखत है हाइड्रेट अउर एनर्जेटिक

गर्मी के दिनन मां शरीर मां पानी क कमी न होय देब बहौत जरूरी है अउर दही ई काम मां सबते नीक है काहे से कि एमां पानी खूब होत है। एकरे अलावा, दही कैल्शियम अउर प्रोटीन जइसन जरूरी चीज भी पावा जात है। ई सब न सिर्फ शरीर का ताकत देत हंय, बल्कि हड्डी का भी मजबूत बनावत हंय। जब बाहर तेज लू अउर भयंकर घाम होत होय, तौ अइसन मां दही, ठंढ मट्ठा या लस्सी पियब आप का गर्मी के मार से बचाय सकत है।

इन बातन क रक्खें खास ख्याल

ओइसे तौ दही सेहत बर बहौत नीक है, मुला कछू हालत मां ई नुकसान भी पहुँचाय सकत है। जउन मनइयन का अक्सर सर्दी-खाँसी या गला खराब होय क परेशानी रहत है, उनका रात के बखत दही खाय से परहेज करय चाही, काहे से कि एसे उनकी तकलीफ अउर बढ़ि सकत है। एकरे अलावा, ई बात क भी ध्यान रक्खें कि दही बहौत ज्यादा खट्टा न होय। ज्यादा खट्टा दही खाय से पेट मां जलन या एसिडिटी क समस्या पैदा होइ सकत है।

का है दही खाय क सही समय अउर तरीका?

दही क पूरा फायदा तबै मिलत है जब एका सही बखत अउर सही तरीका से खावा जाय। डॉ. शालिनी कहत हंय कि दही खाय क सबते नीक समय दिन क होत है, खास कइके दुपहरी के बखत एका खायब सबते ज्यादा गुनकारी माना जात है। अगर आप एका अउर नीक अउर फायदेमंद बनाय चाहत हंय, तौ एमां बस तनिक सा काला नून अउर भुना भवा जीरा मिलाय लें। ई छोटका नुस्खा न सिर्फ दही क स्वाद बढ़ावत है, बल्कि आपके हजमा का भी अउर चकाचक कइ देत है।

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