राष्ट्रीय

केरल में सीएम कउन? कांग्रेस में घमासान तेज, सतीशन और वेणुगोपाल के बीच फंसा पेच

पिछले सोम के दिन नतीजा घोषित भये एक हफ्ता बीत गै, फेर भी केरल के मुख्यमंत्री पद का घमासान थमे के नाम ना लेत है। अबहीं तक कउनो साफ बात सामने ना आई है और कांग्रेस के साथी दल, यूडीएफ के नेता-अगुआ अब बेचैन होय लाग हैं। मुख्यमंत्री कउन होई, एहमा लटकन बनी है काहे से पार्टी के आलाकमान अबहीं तक कउनो फैसला ना सुनावा है। तीन बड़े दावेदार—वी.डी. सतीशन, रमेश चेन्निथला, और के.सी. वेणुगोपाल—अपन-अपन जोर लगावत हैं। भाजपा तौ एह देरी प कांग्रेस का आड़े हाथ लिहे ही है, और कांग्रेस के अपनों समर्थक भी नाराजगी जाहिर करत हैं। लेकिन सबसे जियादा चोट इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के बतिया से लागत है।

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कांग्रेस के अगुवाई वाली यूडीएफ के मुख्य घटक दल, आईयूएमएल, जवने के लगे 22 सीट है, सोम का केरल के नवा मुख्यमंत्री चुने में होय वाली देरी प खूब गुस्सा जताई और चेतावनी दिहिन कि अगर अइसने अनिश्चितता बनी रही तौ ओकर राजनीतिक नुकसान उठावे के पड़ी। आईयूएमएल के मलप्पुरम जिला महासचिव पी. अब्दुल हमीद पत्रकारन से कहिन कि फैसला लेवे में तौ अबहीं बहुत देरी होइ चुकी है। अगर एहमा अउर ढील दीन्ह गई तौ ओकर बुरा असर होई। हमका भरोसा है कि एआईसीसी नेतृत्व एह बात का समझत होई।

उनका कहब रहा कि राज भर में लोग एह देरी का लेके सवाल खड़ा करत हैं। उनका दावा रहा कि जिला के मेहरारू वोटर भी पार्टी के नेता लोगन का फोन करके पूछत हैं कि आखिर उनका यूडीएफ का वोट देवे के काहे मजबूर कीन्ह गा रहा।

केरल सीएम पद प कांग्रेस में घमासान, सतीशन और वेणुगोपाल के बीच फंसा पेच, आलाकमान प टिकी नजरें

उनका कहिन कि हर जगह असंतोष है। हम जहवां भी जात हैं, चाहे बियाह-शादी होय या कउनो मातम, लोग बस यही मुद्दा उठावत हैं। यह हाल तब है जब केरल के मुख्यमंत्री पद खातिर कांग्रेस के तीन बड़े दावेदार मैदान में हैं: विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन; पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और सीनियर नेता रमेश चेन्निथला। आईयूएमएल नेता कहिन कि लीग मुख्यमंत्री के उम्मीदवार प अपना राय कांग्रेस नेतृत्व का बता दिहे है और उनका पूरा भरोसा है कि कांग्रेस अपन साथी के सलाह का गंभीरता से ली।

पिछले सोम के दिन नतीजा घोषित भये एक हफ्ता बीत गै, फेर भी केरल के मुख्यमंत्री पद का घमासान थमे के नाम ना लेत है। अबहीं तक कउनो साफ बात सामने ना आई है और कांग्रेस के साथी दल, यूडीएफ के नेता-अगुआ अब बेचैन होय लाग हैं। मुख्यमंत्री कउन होई, एहमा लटकन बनी है काहे से पार्टी के आलाकमान अबहीं तक कउनो फैसला ना सुनावा है। तीन बड़े दावेदार—वी.डी. सतीशन, रमेश चेन्निथला, और के.सी. वेणुगोपाल—अपन-अपन जोर लगावत हैं। भाजपा तौ एह देरी प कांग्रेस का आड़े हाथ लिहे ही है, और कांग्रेस के अपनों समर्थक भी नाराजगी जाहिर करत हैं। लेकिन सबसे जियादा चोट इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के बतिया से लागत है।

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कांग्रेस के अगुवाई वाली यूडीएफ के मुख्य घटक दल, आईयूएमएल, जवने के लगे 22 सीट है, सोम का केरल के नवा मुख्यमंत्री चुने में होय वाली देरी प खूब गुस्सा जताई और चेतावनी दिहिन कि अगर अइसने अनिश्चितता बनी रही तौ ओकर राजनीतिक नुकसान उठावे के पड़ी। आईयूएमएल के मलप्पुरम जिला महासचिव पी. अब्दुल हमीद पत्रकारन से कहिन कि फैसला लेवे में तौ अबहीं बहुत देरी होइ चुकी है। अगर एहमा अउर ढील दीन्ह गई तौ ओकर बुरा असर होई। हमका भरोसा है कि एआईसीसी नेतृत्व एह बात का समझत होई।

उनका कहब रहा कि राज भर में लोग एह देरी का लेके सवाल खड़ा करत हैं। उनका दावा रहा कि जिला के मेहरारू वोटर भी पार्टी के नेता लोगन का फोन करके पूछत हैं कि आखिर उनका यूडीएफ का वोट देवे के काहे मजबूर कीन्ह गा रहा।

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उनका कहिन कि हर जगह असंतोष है। हम जहवां भी जात हैं, चाहे बियाह-शादी होय या कउनो मातम, लोग बस यही मुद्दा उठावत हैं। यह हाल तब है जब केरल के मुख्यमंत्री पद खातिर कांग्रेस के तीन बड़े दावेदार मैदान में हैं: विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन; पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और सीनियर नेता रमेश चेन्निथला। आईयूएमएल नेता कहिन कि लीग मुख्यमंत्री के उम्मीदवार प अपना राय कांग्रेस नेतृत्व का बता दिहे है और उनका पूरा भरोसा है कि कांग्रेस अपन साथी के सलाह का गंभीरता से ली।

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