पत्र सूचना शाखा
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश
भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाई जाए
लापरवाही या लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
भूसा संग्रहण, पशु आहार एवं गौआश्रय प्रबंधन को मिशन मोड
में संचालित किया जाए
गौशालाओं में कोई भी गौवंश भूखा प्यासा न रहे
भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुन्तल
अब तक 1.11 करोड़ कुन्तल भूसा का संग्रहण किया गया
-पशुधन मंत्री श्री धर्मपाल सिंह
लखनऊ: 11 मई, 2026
उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रदेश में 15 अप्रैल से संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की विस्तृत समीक्षा करते हुए भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया तथा अयोध्या को कड़ी चेतावनी देते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित गौआश्रय स्थलों में पशु आहार एवं भूसे की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए और भूसा संग्रह, पशु आहार प्रबंधन एवं गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए, ताकि निराश्रित गोवंशों के संरक्षण में किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न हो। गोशालाओं में कोई भी गोवंश भूखा, प्यासा न रहे।
श्री सिंह ने भूसा संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित अवधि में पूरा करने, भूसा एवं साइलेज टेंडर की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कराकर हरा चारा बोने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा निर्धारित लक्ष्य समय से पूरे नहीं किए जाएंगे अथवा लापरवाही बरती जाएगी, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भूसा संग्रहण अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए तथा भूसा संग्रहण कार्य में और तेजी लाई जाए। वर्तमान समय गेहूं कटाई का मौसम होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भूसे की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए लक्ष्य के अनुरूप भूसा संग्रहित किया जाए।
श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश के सभी गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के अनुरूप गौ संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखा जाए और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। पशुओं हेतु दवाइयों एवं वैक्सीन हेतु गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। पशुओं की संक्रामक रोग से सुरक्षा हेतु समयानुसार टीकारण कार्यक्रम चलाये जाए।
पशुधन मंत्री ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि गोबर गैस प्लांट स्थापना की कार्यवाही को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए, जिससे गोबर का समुचित प्रबंधन हो सके तथा गौआश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता मिले। उन्होंने कहा कि गोबर गैस एवं जैविक खाद के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास श्री मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एनजीओ द्वारा संचालित गोआश्रय स्थलों का वेरिफिकेशन करें और उसकी रिपोर्ट प्राप्त करें। सीवीओ सुनिश्चित करें कि एनजीओ द्वारा गौशालाओं का प्रबंधन सुनियोजित एवं व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है। उन्होंने मंत्री जी को बताया कि गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं समाजसेवियों के सहयोग से गौआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है, ताकि निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 7386 गोआश्रय स्थलांे में 1237694 गोवंश संरक्षित हैं। मा0 मुख्यमंत्री सहभागिता योजनान्तर्गत 114481 लाभार्थियों को कुल सुपुर्द गोवंश की संख्या 184227 है। भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुन्तल है। अब तक 1.11 करोड़ कुन्तल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। अभियान के अंतर्गत 1905 अस्थाई भूसा बैंक (खोप/कूप) एवं 7285 स्थाई भूसा बैंक की स्थापना की गयी है। भूसा संग्रहण में क्षेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोयडा, मिर्जापुर तथा महोबा है।
बैठक में विशेष सचिव पशुधन श्री देवेन्द्र पाण्डेय, पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक श्री वैभव श्रीवास्तव, दुग्ध विकास विभाग के विशेष सचिव श्री राम सहाय यादव, डॉ. मेमपाल सिंह, निदेशक प्रशासन एवं विकास, पशुपालन, संयुक्त निदेशक डा0 पी0के0 सिंह तथा अपर निदेशक डॉ. संगीता तिवारी सहित अन्य योजनाधिकारी उपस्थित रहे।
सम्पर्क सूत्र- निधि वर्मा
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हर पीड़ित को न्याय और हर पात्र को योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता”-श्री केशव प्रसाद मौर्य
जनता दर्शन में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सुनी जन समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश
लखनऊ: 11 मई, 2026
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित, प्रभावी एवं संतोषजनक निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनता दर्शन में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांगजन एवं युवा उपस्थित रहे। लोगों ने भूमि विवाद, राजस्व प्रकरण, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, पुलिस कार्रवाई, शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी समस्याएं उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार अधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें तथा पीड़ितों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि ‘जनता दर्शन’ सरकार और आमजन के बीच सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिससे वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलती है और उनका त्वरित समाधान संभव हो पाता है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित और सुशासन के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कोई भी फरियादी निराश नहीं लौटेगा और प्रत्येक समस्या का हरसंभव समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि ऐसा समाधान किया जाए, जिससे पीड़ित व्यक्ति पूरी तरह संतुष्ट हो तथा उसे बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों एवं कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद एवं अवैध कब्जों से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेते हुए श्री मौर्य ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर भेजकर निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न एवं अवैध कब्जों के मामलों में आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई भी की जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान समयबद्ध, पारदर्शी एवं जवाबदेही के साथ होना चाहिए, ताकि आमजन का शासन और प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
सम्पर्क सूत्र- बी0एल0 यादव
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संपदा कार्यक्रम के अंतर्गत विलुप्त हो रहे अलगोजा वादन का अभिलेखीकरण
लखनऊ: 11 मई, 2026
उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संगीत परंपराओं एवं विलुप्तप्राय लोक वाद्यों के संरक्षण एवं अभिलेखीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में “संपदा” कार्यक्रम के अंतर्गत विलुप्त हो रहे अलगोज़ा वादन का अभिलेखीकरण कार्यक्रम का आयोजन उ.प्र. संगीत नाटक अकादमी स्टूडियो, विपिन खंड, गोमती नगर, लखनऊ में किया गया।
यह जानकारी उ0प्र0 लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान के निदेशक श्री अतुल द्विवेदी ने दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में मथुरा के प्रसिद्ध लोक कलाकार सुखवीर एवं हरप्रसाद द्वारा अलगोजा एवं चंग वादन की पारंपरिक शैली का प्रभावशाली प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने अपने लोक वादन के माध्यम से ब्रज क्षेत्र की सांगीतिक विरासत, लोक संवेदनाओं एवं पारंपरिक धुनों को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उन्होंने बताया कि अलगोज़ा वादन एवं लोक संगीत परंपरा पर केंद्रित एक विशेष साक्षात्कार भी आयोजित किया गया। कलाकारों का साक्षात्कार डॉ. शोभित नाहर, निदेशक, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी द्वारा लिया गया। साक्षात्कार के दौरान अलगोज़ा वादन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, इसकी तकनीकी विशेषताओं, वर्तमान चुनौतियों तथा नई पीढ़ी तक इस लोक परंपरा को पहुंचाने की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश एवं देश की विलुप्त होती लोक कलाओं एवं वाद्य परंपराओं का दस्तावेजीकरण कर उन्हें संरक्षित करना तथा लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। उपस्थित कला प्रेमियों, शोधार्थियों एवं संगीत अनुरागियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे लोक संस्कृति संरक्षण की दिशा में एक सार्थक एवं प्रेरणादायी पहल बताया।
सम्पर्क सूत्र- केवल
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उत्तर प्रदेश को ‘स्किल हब’ बनाने की दिशा में गोरखपुर में संवाद कार्यक्रम, मंत्री कपिल देव अग्रवाल करेंगे कार्यक्रम की अध्यक्षता
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तत्वावधान में आयोजित होगा कार्यक्रम, आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को दक्ष बनाने पर रहेगा फोकस
गोरखपुर, बस्ती और अयोध्या मंडल के 12 जनपदों के राजकीय एवं निजी आईटीआई संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ होगा मंथन
‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ और ैैक्थ् योजनाओं पर होगी विशेष चर्चाए ैैक्थ् के तहत 4 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य
आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में दिया जाएगा प्रशिक्षण, प्रशिक्षण की गुणवत्ता, तकनीकी संसाधन और सेवायोजन पर होगी विस्तृत चर्चा
उत्कृष्ट प्रशिक्षार्थियों और प्रशिक्षकों को किया जाएगा सम्मानित, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वालों को मिलेंगे प्रशस्ति पत्र
लखनऊ: 11 मई, 2026
प्रदेश के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुरूप दक्ष बनाकर आत्मनिर्भर बनाने तथा उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी ‘स्किल हब’ के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से मंगलवार, 12 मई 2026 को गोरखपुर में एक महत्वपूर्ण ‘संवाद कार्यक्रम’ आयोजित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में गोरखपुर, बस्ती एवं अयोध्या मंडल के निजी आईटीआई संचालक, प्रशिक्षण प्रदाता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी सहभागिता करेंगे।
गोरखनाथ रोड स्थित रमाडा होटल गोरखपुर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल करेंगे। कार्यक्रम में विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, मिशन निदेशक पुलकित खरे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
संवाद कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की दो प्रमुख योजनाओं ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ और ‘एसएसडीएफ (स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड)’ पर विशेष चर्चा की जाएगी। एसएसडीएफ योजना के अंतर्गत प्रदेश के चार लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत वर्ष 2022 से अब तक प्रदेश के 1700 से अधिक विद्यालयों के ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान की जा चुकी है।
कार्यक्रम में यह भी साझा किया जाएगा कि हाल ही में कक्षा 9 से 12 तक ।प् वित ।सस को अनिवार्य किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नई तकनीकों से जोड़कर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके। इसके साथ ही प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों में भी ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ की शुरुआत की गई है, जहां लगभग साढ़े तीन हजार प्रतिभावान विद्यार्थियों को आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और हेल्थकेयर जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हुए उसे उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। संवाद कार्यक्रम के दौरान अयोध्या, बस्ती और गोरखपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी 12 जनपदों के राजकीय एवं निजी आईटीआई संस्थानों के प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों तथा प्रशिक्षण प्रदाताओं के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें प्रशिक्षण की गुणवत्ता, संस्थानों के आधारभूत ढांचे, तकनीकी संसाधनों, रोजगारपरक प्रशिक्षण तथा युवाओं के बेहतर सेवायोजन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम में उन प्रशिक्षार्थियों और प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। माननीय मंत्री द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ होगा। इसके पश्चात मिशन की उपलब्धियों पर आधारित विभागीय फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। दोपहर 1 बजे प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम विभागीय योजनाओं और कौशल विकास के रोडमैप पर अपने विचार रखेंगे, जबकि दोपहर 1ः20 बजे माननीय मंत्री श्री कपिल देव अग्रवाल युवाओं के कौशल विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन पर संबोधन देंगे।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन का यह संवाद कार्यक्रम उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा आधुनिक कौशल से लैस होकर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सके तथा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में सहभागी बने।
सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे
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खरीफ 2026 की तैयारी तेज, किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगे बीज और मिनी किट-सूर्य प्रताप शाही
प्रदेश में पर्याप्त खाद उपलब्ध, किसान बिल्कुल न घबराएं, 15 मई से शुरू होगा धान बीज का वितरण
यूरिया की कालाबाजी और तस्करी पर सरकार सख्त, दोषियों पर रासुका के तहत होगी कार्रवाई
बुलन्दशहर में 1575 बैग अवैध यूरिया बरामद, पीसीएफ अधिकारियों समेत 08 लोगों पर एफआईआर दर्ज
लखनऊ: 11 मई, 2026
खरीफ 2026 के सफल संचालन हेतु कृषि विभाग ने बीज और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है। किसानों को समय से गुणवत्तापूर्ण कृषि निवेश उपलब्ध कराने के लिए प्रदेशभर में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि खरीफ सीजन में खेती-किसानी में कोई बाधा न आए। यह बात आज प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि भवन के सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।
उन्होंने बताया कि इस खरीफ सीजन में किसानों को धान, उड़द, मूंग, तिल और मोटे अनाजों के कुल 1,96,117 क्विंटल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग द्वारा दलहन और तिलहन फसलों के मिनी किट भी वितरित किए जाएंगे। वर्तमान में 15 मई से 80,000 क्विंटल धान के बीजों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी आपूर्ति जनपदों में सुनिश्चित की जा रही है। इस वर्ष राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 49,129 क्विंटल दलहन बीज (उर्द, मूंग और अरहर) तथा मूंगफली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 57,446 क्विंटल बीज अनुदान पर दिए जाएंगे। मूंग के लिए 3,946 क्विंटल, उर्द के लिए 23,958 क्विंटल तथा अरहर के लिए 21,225 क्विंटल का वितरण लक्ष्य निर्धारित किया गया है। त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत हाइब्रिड मक्का बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए 15 मई को कानपुर में पहली मंडलीय किसान गोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें चित्रकूट, झांसी और कानपुर मंडल के किसान व वैज्ञानिक शामिल होंगे। इसके बाद 21 मई को लखनऊ में राज्य स्तरीय गोष्ठी होगी।
उर्वरकों की स्थिति पर स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में 27.54 लाख मीट्रिक टन खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिसमें 12 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.79 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 3.66 लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 91 हजार मीट्रिक टन पोटाश शामिल है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए यूरिया का संतुलित प्रयोग करें। उर्वरकों की कालाबारी रोकने हेतु 10 जनपदों में विशेष जांच टीमें भेजी जा रही हैं।
हाल ही में बुलन्दशहर के अनूपशहर क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और कृषि विभाग ने अवैध रूप से ले जाए जा रहे तीन ट्रकों से 1575 बैग इफको यूरिया बरामद किया है। इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मोहम्मद हारून, ट्रक चालकों और पीसीएफ के कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच में सामने आया कि यह उर्वरक पीसीएफ बफर गोदाम से अवैध तरीके से निकाला गया था। कृषि मंत्री ने चेतावनी दी है कि खाद की तस्करी में शामिल दोषियों के खिलाफ रासुका (एनएसए) के तहत भी कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
सम्पर्क सूत्र- डा0 मनोज चन्द्रा
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत रू. 04 अरब 42 करोड़ से अधिक की धनराशि की स्वीकृति की गयी प्रदान
लखनऊ: 11 मई, 2026
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशो के क्रम मे उत्तर प्रदेश शासन, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में एन०आर०एल०एम० योजनान्तर्गत एस०एन०ए० स्पर्श माडयूल के अंतर्गत भारत सरकार के पत्र दिनांक 28-04-2026 द्वारा स्वीकृत मदर सैक्शन के सापेक्ष अनुदान सं0-83 (अनु०जाति मद) लेखाशीर्षक 2501-04-789-01-02 मानक मद-27 सब्सिडी के अंतर्गत केन्द्रांश की धनराशि रू० 28928.92 लाख के सापेक्ष राज्यांश की धनराशि रू0 19285.947 लाख,इस प्रकार कुल धनराशि रू0 48214.867 लाख (रू० चार अरब बयासी करोड चौदह लाख छियासी हजार सात सौ मात्र) को अवमुक्त कर आयुक्त, ग्राम्य विकास के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस सम्बन्ध मे आवश्यक शासनादेश उत्तर प्रदेश शासन ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है
जारी शासनादेश मे निर्देश दिये गये है कि धनराशि का आहरण एवं व्यय योजना विषयक गाइड लाइन/दिशा निर्देश तथा इस संबंध में समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाए। स्वीकृत की गयी धनराशि के विरुद्ध निर्धारित लक्ष्यों के प्राप्त होने व उसके परीक्षण/सत्यापन सुनिश्चित किये जाने का दायित्य आयुक्त, ग्राम्य विकास/मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा। स्वीकृत धनराशि के नियम संगत व्यय व स्वीकृत धनराशियों के निर्धारित प्रारूप पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किये जाने का दायित्व आयुक्त, ग्राम्य विकास/मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा। उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने सम्बन्धित अधिकारियो को निर्देशित किया गया है कि धनराशि के आहरण एवं व्यय के संबंध में मितव्ययिता संबंधी समय-समय पर निर्गत शासनादेश एवं वित्तीय नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
सम्पर्क सूत्र- बी0एल0 यादव
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योगी सरकार में उच्च शिक्षा को नई उड़ान, यूनिवर्सिटीज की तर्ज पर अब डिग्री कॉलेजों को भी मिलेगी राष्ट्रीय रैंकिंग
प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने बदली पहचान, अब कॉलेजों को उत्कृष्ट बनाने की तैयारी
डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल्स की कार्यशाला आयोजित कर उन्हें रैंकिंग प्राप्त करने के लिए किया जा रहा प्रोत्साहित
संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर
लखनऊ: 11 मई, 2026
उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार लगातार नए मानक स्थापित कर रही है। कभी नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडिटेशन काउंसिल) की रैंकिंग में बी और बी-प्लस ग्रेड तक सीमित रहने वाले प्रदेश के विश्वविद्यालय आज ए$$, ए$ और ए ग्रेड हासिल कर देशभर में अपनी नई पहचान बना रहे हैं। अब योगी सरकार का अगला लक्ष्य प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग दिलाना है। इसके लिए डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल्स की कार्यशाला का आयोजन कर उन्हें रैंकिंग प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विधानसभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब सरकार का फोकस केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। अगले चरण में प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी नैक और अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें उन्हें बताया जा रहा है कि संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाकर किस प्रकार रैंकिंग हासिल की जा सकती है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ाने, नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला राज्य नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का भी अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार आने से पहले उत्तर प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग में बी या बी-प्लस ग्रेड तक ही सीमित थे और प्रदेश का कोई भी विश्वविद्यालय ए या उससे ऊपर की श्रेणी में नहीं था। उन्होंने बताया कि राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के नेतृत्व में विश्वविद्यालयों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इन कार्यशालाओं में विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता सुधार, शोध, डिजिटल संसाधनों, शिक्षण व्यवस्था और अकादमिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। इसका परिणाम यह हुआ कि आज उत्तर प्रदेश के सात विश्वविद्यालय नैक की ए$$ रैंकिंग प्राप्त कर चुके हैं, जबकि चार विश्वविद्यालय ए$ और दो विश्वविद्यालय ए ग्रेड में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहले जहां बी ग्रेड को उपलब्धि माना जाता था, आज प्रदेश के विश्वविद्यालय उत्कृष्टता की नई श्रेणियों में स्थान बना रहे हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि यही नहीं, उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। पहले प्रदेश में क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग का नाम तक सुनाई नहीं देता था, लेकिन अब प्रदेश के दो विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में शामिल हो चुके हैं, जबकि छह विश्वविद्यालय क्यूएस एशिया रैंकिंग में स्थान प्राप्त कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त तीन विश्वविद्यालय यूजीसी ग्रेड-1 श्रेणी में भी पहुंच चुके हैं।
सम्पर्क सूत्र- धर्मवीर खरे
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जनपद मथुरा, बरेली और शाहजहांपुर में पशु चिकित्सा पॉलीक्लीनिक की स्थापना हेतु 05 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत
लखनऊ: 11 मई, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में पशु चिकित्सा सेवायें तथा पशु स्वास्थ्य के तहत 03 पशु चिकित्सा पॉलीक्लीनिक की स्थापना हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में 05 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की है। स्वीकृत धनराशि से जनपद मथुरा के तहसील छाता के ग्र्राम नन्दगांव के लिए 235.37 लाख रूपये, जनपद बरेली के तहसील आंवला के गुरूगांवा मुस्तकिल हेतु 150 लाख रूपये तथा जनपद शाहजहांपुर के परगना एवं तहसील सदर के ग्राम साल्लियां हेतु 114.63 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इस संबंध में पशुधन विभाग द्वारा शासनाादेश जारी करते हुए जनपद मथुरा, बरेली एवं शाहजहांपुर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए है। शासनादेश में कहा गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय उसी प्रयोजन हेतु किया जाएगा जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है। स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय निर्माण संबंधी संगत शासनादेशों में निहित व्यवस्थानुसार/निर्धारित मानकों के अधीन किया जाएगा।
सम्पर्क सूत्र-निधि वर्मा
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जनपद फिरोजाबाद में औद्योगिक कॉरिडोर के विकास हेतु 51.41 करोड़ रुपये स्वीकृत
लखनऊ: 11 मई, 2026
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद फिरोजाबाद में एक्सप्रेस-वे परियोजना के समीप पूंजी निवेश के लिए औद्योगिक विकास को गति देने के लिए औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाने हेतु अवस्थापना एवं आधारभूत सुविधाओं के निर्माण कार्यों के लिए कुल 51 करोड़ 41 लाख 03 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
यह परियोजना प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई दिशा प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगी। एक्सप्रेस-वे के निकट विकसित होने वाला यह औद्योगिक कॉरिडोर निवेशकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। स्वीकृत धनराशि से सड़क, विद्युत, जलापूर्ति, ड्रेनेज तथा अन्य आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है, जिससे उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो सकेगा।
औद्योगिक विकास विभाग द्वारा इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
सम्पर्क सूत्र-सरिता वर्मा
वैशाली माथुर/01ः45 च्ड
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ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के 40 स्मारकों/पुरास्थलों को संरक्षित करने का निर्णय
जीर्ण-शीर्ण एवं खंडहर में बदलते स्मारकों को संरक्षित कर बुनियादी सुविधाएं सुलभ करायी जाएगी-जयवीर सिंह
अनूठी शैली में बने इन स्मारकों को नया स्वरूप देकर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा
लखनऊ: 11 मई, 2026
उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग द्वारा प्रदेश में स्थित 40 स्मारकों, पुरास्थलों को संरक्षित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा 03 स्मारक, पुरास्थलों और असंरक्षित घोषित किया गया है। संरक्षित किए जाने वाले स्मारक पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण है। इसमें से कुछ ढाई हजार से लेकर तीन हजार वर्ष पुराने है। कुछ स्मारक कुषाण काल के प्रतीत होते है।
यह जानकारी आज यहां उ0प्र0 के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होनंे बताया कि प्रदेश में प्राचीन एवं अति प्राचीन स्मारक, स्थापत्य कला के अनूठे धरोहर है। यह स्मारक अपने आप में तत्कालीन समय की सांस्कृतिक भव्यता एवं इतिहास समेटे हुए है। मौजूदा समय में जीर्ण-शीर्ण तथा खंडहर में परिवर्तित हो चुके है। राज्य सरकार इन स्मारकों को संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है। साथ ही इन स्मारकों के आस-पास अवस्थापना सुविधाएं विकसित कर पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को आकर्षित करना है। इसके अलावा प्राचीन स्थलों को बचाना भी है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि जिन स्मारकों को संरक्षित करने का निर्णय लिया गया है। उनमें सीतापुर के 02, उन्नाव के 03, हरदोई एवं बाराबंकी के 01-01, कानपुर नगर के 02, रायबरेली का 01, लखनऊ के 02, प्रतापगढ़ का 01, फतेहपुर के 02 तथा सिद्धार्थनगर महाराजगंज, देवरिया के 01-01, जालौन के 05, ललितपुर का 01, झांसी के 05, महोबा के 04, गाजीपुर के 01, वाराणसी के 02, आगरा, मैनपुरी, सहारनुपर तथा रामपुर के 01-01 शामिल है। जिन स्मारकों को असंक्षित घोषित किया गया है, उनमें कंसकिला तहसील सदर मथुरा, गोण्डवानी मंदिर ग्राम पिपरई, तहसील तालबेहट, जनपद ललितपुर तथा अमरगढ़ का शिवमंदिर ग्राम उदई शाहपुरं तहसील पट्टी जनपद प्रतापगढ़ शामिल है।
संरक्षित स्थलों में शिवमंदिर, वकुंड तहसील लहरपुर, जनपद सीतापुर परेवा जाल का टीला तहसील सिधौली, सीतापुर, माहे पासी का टीला तहसील सदर जनपद उन्नाव, प्राचीन टीला, मोहान, तहसील हसनगंज उन्नाव, शिव मंदिर औरास, उन्नाव, नागेश्वर महादेव मंदिर तहसील संडीला जनपद हरदोई, राजा कंुंवर गिरधारी सिंह की समाधि तहसील नवाबगंज, बाराबंकी, पंचमुखी शिव मंदिर तहसील घाटमपुर, कानपुर नगर, प्राचीन शिव मंदिर बिठूर कानुपर नगर, गंगकुण्ड, तहसील डलमऊ, रायबरेली, शामिल है। इसके अलावा लखनऊ के प्राचीन भवन मूसाबाग, तहसील सदर, कालाकांकर भवन मोहल्ला हैदराबाद तहसील सदर लखनऊ शामिल है।
इसके अलावा प्राचीन शिव मंदिर व तालाब रामपुर बेला, तहसील पट्टी प्रतापगढ़, राधाकृष्ण मंदिर, तहसील बिंदकी, फतेहपुर, पासी बाबा मंदिर, तहसील बिंदकी, फतेहपुर, डब्लू0सी0 पेप्पे से संबंधित भवन सिद्धार्थनगर, खड़खौला टीला तह0 फरेदा महराजगंज, खुदिया बजुर्ग टीला तह0 बरहज, देवरिया, रामजानकी व हनुमान जी का मंदिर तह0 कोंच, जालौन, लटक बिहारी मंदिर उरई, जालौन, सराफी मंदिर उरई, जालौन, मदरघाट शिवालय उरई, जालौन तथा प्राचीन स्थल सूर्य मंदिर तह0 कालपी जालौन प्राचीन बावली, तह0 मडावरा, ललितपुर, गढ़वई दुर्ग तह0 गरौठा, झांसी, दो प्रस्तर शिवमंदिर तह0 बड़ागांव, झांसी तथा हजारिया महादेव मंदिर के सम्मुख स्थित शिवालय ग्राम0 डिमरौनी, बड़ागांव , झांसी शामिल है।
इसी प्रकार यज्ञशाला, बरूआसागर, तह0 बड़ागांव, झांसी, शिवमंदिर तह0 सदर, झांसी, मगलगढ़ का किला, ग्राम चरखारी, तह0 चरखारी, महोबा, गुमान बिहारी मंदिर, ग्राम रायनपुर, तह0 चरखारी, महोबा, श्री वासुदेव जी मंदिर महोबा, तालकोठी ग्राम चरखारी, महोबा, पंच मंदिर, तह0 कासिमाबाद, गाजीपुर, शिव मंदिर, ग्राम असवारी, राजाबा तालाब, वाराणसी, एलटी कॉलेज स्थित गोपाल लाल विला, तह0 सदर, वाराणसी, हतकठ का किला, तह0 बाह, आगरा, किरथुवा खेड़ा का किला, तह0 करहल, मैनपुरी, मिर्जा देहलवी का मकबरा, तह0 सदर, सहारनपुर तथा तूती का मकबरा, तह0 सदर, जनपद रामपुर शामिल है।
जयवीर सिंह ने बताया कि इन स्मारकों को संरक्षित एवं अतिक्रमण से बचाने के लिए बाउण्ड्रीवाल आदि का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। अधिकांश स्मारक स्थापत्य कला के दुलर्भ नमूने है जो जीर्ण-शीर्ण हो गए है। यह स्मारक हमारे प्राचीन विरासत है एवं प्राचीन इतिहास को समेटे हुए है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि यह स्मारक हमारे गौरवशाली इतिहास और समृद्धि संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते है। नई पीढ़ी को अपने अतीत का स्मरण कराने तथा संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए इन स्मारकों को संरक्षित घोषित किया गया है।
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जनपद सीतापुर में बिजवार खुर्द स्थित शारदा सहायक की भूमि पर कॉलोनी की क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल के निर्माण के कार्य परियोजना के लिए 20 लाख रुपए की अवशेष धनराशि की गयी अवमुक्त’
लखनऊ: 11 मई, 2026
प्रदेश सरकार ने जनपद सीतापुर में बिजवार खुर्द स्थित शारदा सहायक की भूमि पर कॉलोनी की क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल निर्माण कार्य के परियोजना के लिए 20 लाख रुपए की अवशेष धनराशि अवमुक्त की गयी हैं। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है।
जारी शासनादेश में निर्देश दिया गया है कि उक्त परियोजना में कराए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता एवं समय से पूर्ण कराया जाना संबंधित मुख्य अभियंता द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।
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