जीवनशैली

आंखि माँ बार-बार खुजली अउर चुभन क साधारण थकान झन समझिं

आज क डिजिटल लाइफस्टाइल अउर बढ़त प्रदूषण क बीच आँखि माँ जलन, खुजली अउर पानी आवैक समस्या एक आम बात होइ गय है। स्क्रीन क इस्तेमाल क बाद हल्की जलन कबो-कबो तौ नॉर्मल लाग सकत है, लेकिन अगर रउआ आँखि माँ बार-बार लाली, सूखापन (ड्राईनेस) या अइसन महसूस होत है जइसे आँखि माँ कुछ चला गय है, तौ इ गंभीर समस्या होइ सकत है। आयि डॉ. रश्मि मित्तल (सीनियर कंसल्टेंट, ऑप्थैलमोलॉजी, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से जानिं कि आँखि माँ इरीटेशन क पीछे का कारण जिम्मेदार है।

आंसू क परत पतली होब

हमरी आँखि क सतह पानी, तेल (ऑयल) अउर म्यूकस क एक पतली परत से सुरक्षित रहत है, जवन टियर फिल्म कहल जात है। इ परत आँखि क नम राखै अउर बाहरी इन्फेक्शन से बचाय क काम करत है। जब इ सुरक्षात्मक परत अस्थिर होइ जात है, तौ आँखि सीधे हवा क संपर्क माँ आ जात हैं, जवने से सूखापन अउर जलन शुरू होइ जात है।

डिजिटल आई स्ट्रेन अउर पलक झपकाय माँ कमी

आजकल आँखि क जलन क सबसे बड़ कारण कंप्यूटर विजन सिंड्रोम है। जब हम लंबा समय तक स्क्रीन क देखत हैं, तौ हमरी पलक झपकाय क दर 50-60% तक कम होइ जात है। कम पलक झपकाय से आंसू जल्दी सूख जात हैं, जवने से आँखि माँ सूखापन अउर चुभन महसूस होय लागल है। इकर वजह से मीबोमियन ग्लैंड डिसफंक्शन क समस्या भी होइ सकत है। एहमाँ पलकन क ऑयल ग्लैंड्स भी ठीक से काम करब बंद कय देत हैं।

प्रदूषण अउर पर्यावरण से जुड़ल कारण

भारत क शहरी इलाकन माँ वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। हवा माँ मौजूद प्रदूषण, धुआं अउर केमिकल सीधे हमरी आँखि क पुतली क प्रभावित करत हैं। लंबा समय तक प्रदूषण क संपर्क माँ रहब आँखि क सतह पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस अउर सूजन पैदा करत है।

एलर्जी अउर बीमारी

धूल, पोलन, पालतू जानवरन क बार (बाल) या मोल्ड अक्सर एलर्जी क कारण बनत हैं। इका एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस कहल जात है, जवने माँ शरीर हिस्टामाइन रिलीज करत है, जवने से आँखि माँ तेज खुजली, सूजन अउर पानी आवय लागल है। एकर अलावा, विटामिन-ए क कमी, डायबिटीज, साइनस एलर्जी अउर ऑटोइम्यून डिसऑर्डर भी आँखि क जलन क जिम्मेदार होइ सकत हैं।

बचाव क उपाय

ज्यादातर लोग राहत खतिन बिना डॉक्टरी सलाह क आई-ड्रॉप्स क इस्तेमाल शुरू कय देत हैं। स्टेरॉयड-बेस्ड आई-ड्रॉप्स क डॉक्टर क सलाह क बिना इस्तेमाल करब मोतियाबिंद अउर ग्लूकोमा जइसन खतरनाक स्थिति क जन्म दय सकत है।

स्वस्थ आँखि खतिन कुछ जरूरी टिप्स

20-20-20 नियम- हर 20 मिनट क स्क्रीन समय क बाद, 20 फीट दूर राखल कवनो चीज क 20 सेकंड खतिन देखिं।
हाइड्रेशन अउर नींद- शरीर माँ पानी क कमी न होय दियं अउर पूरा नींद लियं।
पलकें झपकाएं- काम क दौरान जानबूझ क पलक झपकाय क कोशिश करब।
डॉक्टरी सलाह- अगर जलन हफ्तन तक बनी रहे या आँखि माँ दरद होय, तौ घरेलू इलाज क जगह कवनो आई स्पेशलिस्ट से पूरा जांच करवइ लें।

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