प्रेस नोट

=राज्यपाल की अध्यक्षता में जन भवन के गांधी सभागार में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर की समीक्षा बैठक एवं प्रस्तुतीकरण संपन्न

राज्यपाल कय अध्यक्षता मा जन भवन के गांधी सभागार मा चंद्रशेखर आजाद कृषि अउर प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर कय समीक्षा बैठक अउर प्रस्तुतीकरण संपन्न

पत्र सूचना शाखा
सूचना अउर जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0
(राज्यपाल सूचना परिसर)
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राज्यपाल कय अध्यक्षता मा जन भवन के गांधी सभागार मा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर कय समीक्षा बैठक अउर प्रस्तुतीकरण संपन्न
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विश्वविद्यालय के समूचा विकास बर एसओपी तैयार कइके समयबद्ध कार्ययोजना लागू करय क निर्देश
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जर्जर भवन अउर अधूरे निर्माण कारजन पर उच्चस्तरीय बैठक बोलावै क निर्देश
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विश्वविद्यालय मा बनाय गा कृषि यंत्रन क बड़े स्तर पर निर्माण बर कंपनिन के साथ एमओयू करय क निर्देश
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ईंधन क खपत कम करय अउर नीक जीवनशैली बर जनजागरूकता अभियान चलावै क निर्देश
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विश्वविद्यालय मा बीएमआई मशीन लगाइके नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करावै क निर्देश
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मिलेट्स आधारित पौष्टिक व्यंजनन क उत्पादन अउर प्रसंस्करण का बढ़ावा देवै पर जोर
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छात्राओं क मनोवैज्ञानिक समझ के साथ काउंसलिंग अउर मार्गदर्शन पक्का करवै क निर्देश
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खाली पद पर चयन प्रक्रिया जल्दी पूरी करय क निर्देश
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शोध, प्रकाशन अउर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान का बढ़ावा देवै पर खास बल
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छात्रावासन मा पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण अउर भोजन क गुणवत्ता जांच पक्का करय क निर्देश
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इनफ्लिबनेट अउर ‘वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन’ योजना से लरिकन का जोड़य क निर्देश
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हर तीन साल क उमिर के बच्चा क आंगनबाड़ी मा नामांकन पक्का करय क निर्देश
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बाजार क मांग के हिसाब से कृषि उत्पादन बढ़ावै अउर किसानन का सही बाजार दिलावै क निर्देश
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-राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल
लखनऊ 13 मई, 2026

उत्तर प्रदेश कय राज्यपाल अउर राज्य विश्वविद्यलयन कय कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल कय अध्यक्षता मा आज जन भवन के गांधी सभागार मा चंद्रशेखर आजाद कृषि अउर प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर कय समीक्षा बैठक अउर प्रस्तुतीकरण संपन्न भवा। बैठक मा विश्वविद्यालय कय शैक्षणिक, प्रशासनिक, वित्तीय, शोध, लरिका कल्यान अउर कृषि प्रसार कामन कय विस्तार से समीक्षा कीन गयी। राज्यपाल जी विश्वविद्यालय प्रशासन का निर्देश दीहन कि विश्वविद्यालय के समूचा विकास बर एक असरदार एसओपी तैयार कइके विकास के कामन का समय से अउर नीक ढंग से पक्का कीन जाय। हर काम क साफ-साफ कार्ययोजना होय अउर ओकर बराबर देख-रेख कीन जाय।

बैठक मा विश्वविद्यालय मा रुकी भई पेंशन अउर जीपीएफ वाली समस्यान, जर्जर भवनन, अधूरे निर्माण कामन अउर दूसर प्रशासनिक अउर वित्तीय समस्यान पर गम्भीर चिंता जतावत राज्यपाल जी इन विषयन पर अलग से उच्चस्तरीय बैठक करय क निर्देश दीहन। उहय कहेन कि उह बैठक मा संबन्धित विभागन के अधिकारी अउर मंत्री लोग मौजूद रहें अउर विश्वविद्यालय से जुड़ी सगरी समस्यान के समाधान अउर निपटारा पर गम्भीरता से बात कीन जाय। उहय निर्देशित कीहन कि सगरी रुके कामन का जल्दी पूरा करय कइती ठोस कार्यवाही कीन जाय।

राज्यपाल जी कहेन कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा बनाय गा कृषि यंत्रन अउर तकनीकिन क लाभ किसानन तक बड़े स्तर पर पहुँचय का चाही। एकरे बर उह निर्देश दीहन कि विश्वविद्यालय बड़ी कंपनिन के साथ एमओयू कइके कृषि यंत्रन क बड़े पैमाने पर निर्माण पक्का करय, जेसे किसानन अउर मेहरारुन का एकर बड़ा लाभ मिल सकय।

राज्यपाल जी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देशहित मा ईंधन क खपत कम करय, बिना जरूरत के बिदेसी यात्रा से बचय, घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) का बढ़ावा देवै, साइकिल अउर पैदल चलै क आदत डालय, ऊर्जा अउर साधनन क संयम से उपयोग, बाहर से आवय वाली चीज़न पर निर्भरता कम करय अउर बिना जरूरत के सोना खरीदय से बचिके बचत अउर आत्मनिर्भरता का बढ़ावा देवै वाले संदेसन क जिकर करत भये विश्वविद्यालय का ई राष्ट्रीय अभियान मा मन लगाइके सामिल होय क निर्देश दीहन। उहय कहेन कि विश्वविद्यालय लरिकन, मास्टरन अउर कर्मचारीन के बीच जनजागरूकता अभियान चलावै अउर नीक, अनुशासित अउर राष्ट्रहित वाली जीवनशैली अपनावै बर प्रेरित करै। आगे चलिके एकर बहुत नीक नतीजा सामने अइहें। जउं मनई साइकिल या पैदल चलै क आदत डालिहें तौ ओसे सेहत सुधरी अउर देशहित मा भी बड़ा योगदान मिली।

राज्यपाल जी विश्वविद्यालय मा बीएमआई मशीन लगावै क निर्देश दीहन, जेसे लरिकन, मास्टरन अउर कर्मचारीन के सेहत क बराबर जांच होय सकय। उहय कहेन कि प्रधानमंत्री जी द्वारा तेल के उपयोग मा कमी, बच्चन मा मोटापा कम करय अउर नीक जीवनशैली अपनावै पर जो संदेस दीन गय हैं उन पर विश्वविद्यालय मा चर्चा होय का चाही अउर एही कइती ठोस काम कीन जाय का चाही। उहय मोटा अनाज (मिलेट्स) से बने पौष्टिक व्यंजनन का बढ़ावा देवै अउर ओकर बड़े स्तर पर उत्पादन अउर प्रसंस्करण करय क निर्देश दीहन। उहय कहेन कि ओसे मनइन का नीक खाना मिली अउर विश्वविद्यालय बर कमाई क जरिया भी तैयार होई। राज्यपाल जी कहेन कि विश्वविद्यालय लरिकन का आगे कय चुनौतिन बर तैयार करय अउर उनका हुनर, शोध, नवाचार अउर रोजगार वाली पढ़ाई से जोड़ा जाय।

बैठक मा राज्यपाल जी पॉक्सो एक्ट के नीचे पीड़ित बिटियन के बचाव अउर मार्गदर्शन के मामला का भी गम्भीरता से उठाइन। उहय कहेन कि जइसे पीड़ित बिटियन क देखभाल जन भवन कइती से कीन जात अहै, वइसा ही विश्वविद्यालयन का भी अपने-अपने क्षेत्रन मा पीड़ित बिटियन अउर बच्चन कइती संवेदनशील होइके काम करय का चाही। विश्वविद्यालयन, महतारी-बाप अउर समाज सभै का ई कइती मिलिजुल के कोशिश करय क जरूरत अहै।

उह खास तौर पर कहेन कि विश्वविद्यालय मा पढ़य वाली बिटियन पर संवेदनशीलता के साथ खास ध्यान दीन जाय। मनोवैज्ञानिक नजरिया अउर व्यवहारिक समझ के साथ बिटियन क मार्गदर्शन कीन जाय अउर उनका सही रास्ता देखाय जाय। राज्यपाल जी अपने लरिकापन कय पढ़ाई क अनुभव सुनावत बताइन कि उह गुजरात मा पढ़ाई के दौरान एक बिटिया का न्याय दिलावै मा मदद कीन रही। उहय निर्देश दीहन कि विश्वविद्यालय अइसन मामला पर बराबर नजर राखै अउर मास्टर, प्रिंसिपल, महतारी-बाप अउर समाज मिलिके बिटियन क मार्गदर्शन अउर सहयोग करैं।

राज्यपाल जी मास्टरन अउर शिक्षणेत्तर कर्मचारीन के खाली पद पर नियम के मुताबिक चयन प्रक्रिया जल्दी पूरी करय क निर्देश दीहन। उहय विश्वविद्यालय मा शोध अउर प्रकाशनन क संख्या बढ़ावै अउर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान का बढ़ावा देवै पर जोर दीहन।

उहय कहेन कि विश्वविद्यालय से जुड़े हर मनई का ई भावना राखय का चाही कि “विश्वविद्यालय मोर आय” अउर ओकर विकास बर सभै का मिलिजुल के काम करय का चाही। उहय निर्देश दीहन कि विश्वविद्यालय परिसर मा एक ठउर चुनि के उहां लरिकन के काम आवय वाली साग-भाजी क उत्पादन कीन जाय अउर लरिका भी ई काम मा सहभागिता करैं।

राज्यपाल जी छात्रावासन के रसोई (किचन) मा सगरी जरूरी सुबिधान मुहैया करावै, पौष्टिक अउर नीक खाना पक्का करय अउर खास तौर पर बिटियन सहित सगरी लरिकन क बराबर सेहत जांच करावै क निर्देश दीहन। उहय कहेन कि लरिकन क शरीरिक अउर मानसिक सेहत दुनों पर खास ध्यान दीन जाय अउर उनसे ई भी चर्चा कीन जाय कि उह आगे का करय चाहत हैं अउर उनके जिनगी क लक्ष्य का अहै। उहय निर्देश दीहन कि खाना मा खराब क्वालिटी वाले मसाला या बेकार सामान क उपयोग न होय। लरिकन का खाना परोसै से पहिले मास्टर खुदै खाना क गुणवत्ता क जांच करैं।

राज्यपाल जी लरिकन का इनफ्लिबनेट (सूचना अउर पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र) अउर ‘वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन’ योजना क लाभ दिलावै क निर्देश दीहन, जेसे लरिकन, शोधार्थियों अउर मास्टरन का ई-जर्नल्स, शोध पत्रन, डिजिटल लाइब्रेरी अउर राष्ट्रीय अउर अंतरराष्ट्रीय स्तर क पढ़ाई क सामान तक असानी से पहुँच मिल सकय।

बैठक मा राज्यपाल जी विश्वविद्यालय का निर्देश दीहन कि ओकरे कार्यक्षेत्र मा आवय वाले सगरी गांवन क सर्वे करावा जाय अउर ई पक्का कीन जाय कि 31 अगस्त तक जउन लरिका तीन साल के होइ चुके हैं, ओन्हन हर बच्चा क जून महीना मा आंगनबाड़ी केंद्र मा नामांकन होय। उहय कहेन कि आंगनबाड़ी से आगे कय कक्षावन मा बच्चन क समय से दाखिला भी पक्का कीन जाय अउर ई कइती विश्वविद्यालय सक्रिय भूमिका निभाय।

उहय कहेन कि जउन खाय वाली चीज़न क बाजार मा जादा मांग अहै, ओकर उत्पादन बढ़ावै का चाही, जेसे किसानन का जादा लाभ मिल सकय। उहय ई भी निर्देश दीहन कि खेती क सामान बर सही बाजार मुहैया करावा जाय। विश्वविद्यालय स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से कृषि उत्पादन अउर तकनीक विकसित करै ताकि क्षेत्रीय किसानन का ओकर सीधा फायदा मिल सकय।

ई मौके पर विशेष कार्याधिकारी श्री राज्यपाल (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे, विशेष सचिव कृषि विभाग, विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) डॉ० पंकज एल० जानी सहित दूसर मनई मौजूद रहें।

संपर्क सूत्रः
डॉ0 संगीता चौधरी,
सूचना अधिकारी, जनभवन,
मो0 9161668080

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